Organic farming, that too from leaking…


Organic farming, that too from leaking In another country where farmers’ attachment is getting lesser, farmer suicides like
Suicides are being forced to take action, and not many such farmers have gone into the mouth of death,
Whether behind these incidents, due to the lack of water on the ground, the hitting of the weather, or the cost of their crop
Not getting reasonable prices from Because of which the condition of the farmer is getting worse.


And exactly opposite, such a person emerges on the strength of his thinking, hard work and hope in the work of farming.
Has emerged as a ray of hope, which has forced to think again on this side, that too his own land
Despite not being.
Yes, we are talking about Gitanjali Rajamani, on June 14, 1981, Gitanjali Rajmani, born in Hyderabad
His father died in a road accident. Mother raised her and her older brother. Gitanjali
Rajamani passed the Osmania College for Women in 2001 from the Central University of Pondicherry
MBA’s. For 12 years he worked in clinical research companies. Thinking of doing your work
In 2014, he left the job with TCS Company. After this he decided to do his job.
Planting Gardening was a hobby of childhood.
The Idea of ​​the Firmies –
According to Gitanjali, whatever vegetables we buy in the market, being insecticides in our bodies
Are fatal. Keeping this in mind, the idea of ​​introducing the Firmi two years ago came after the idea. From them
Hire land from a farmer near the house, and in this work he has two friends Shamik


Chakravarti and Sudhakaran Balasubriyam mixed with
Some of my people also joined me in this work. After this, I found that a family needs a qualified vegetable
Fulfillment can be in 600 square feet. Shamik and Sudhakaran are from IT, so with their help we made an app.
It was a challenge to celebrate farmers and customers, after this, an experienced farmer, Narayan Reddy, got the farm fertilizer
The use of pesticides was getting worse. They joined us in this work. I explained to the customers that you
Cabbage from the market is white to bleach. This is not for your health, you have organic vegetables
Eat the insects in them. If organic cabbage is safe for these insects, then it is safe for you too, and you have it
Can eat. After that he started to agree slowly.
After this, in June 2017, it started its company, and launched its first farm.
Farmers, on their land from 600 to 600 sq ft of farmland, shared their equality with them in partnership
 In the roadmap, vegetables are cultivated, and with the technical advice of organic farming
Seedlings also provide seeds. 2500 rupees monthly rent firms and farmers from 600 sq ft
Half a half. And through a mobile app, customers can buy vegetables from their choice of vehicles from the farm.
Moves to their home.
    

Where there is a non-conventional or even different lease in farming –
He has tried out a different way, and then he and other farmers in this farming with him
Together with the work, they also get good profits in their earnings as well as a healthy organic
Explained the techniques of growing vegetables. This helps in farmers and farmers in the coming time.
Will prove.
Gitanjali decided to leave TCS job in 2014 and do her own job. With two friends in 2017
Together the startup company introduced Fermi. And in two years, their company’s annual turnover is 8.40 million
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ऑर्गेनिक खेती, वो भी लीक से हटकर…


ऑर्गेनिक खेती,  वो भी लीक से हटकर एक और देश में खेती को लेकर जहां किसानों  का लगाव कम होता जा रहा है, किसान आत्महत्या जैसे

आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहें हैं, और न जाने ऐसे ही कई किसान मौत के मुंह में जा चुके हैं, चाहे इन घटनाओं के पीछे  जमीन पर पानी की कमी, मौसम की मार, या उनकी फसल का लागत के हिसाब से उचित कीमत न मिलना।  जिस कारण से किसान की हालत बद  से बदतर होती जा रही है।

और इसे ठीक विपरीत एक ऐसी शख्सियत अपनी सोच, मेहनत के दम  पर उभर कर खेती के काम में आशा की किरण बनकर सामने आई  है, जिसने पुनः इस तरफ सोचने को मजबूर कर दिया, वो भी अपनी खुद की जमीन न होने के बावजूद।

जी हाँ हम बात कर रहें हैं गीतांजलि राजामणि  की, १४ जून १९८१ में हैदराबाद में जन्मी गीतांजलि राजमणि

के पिता का एक सड़क दुर्घटना  में देहांत हो गया था । माँ  ने इनकी और बड़े भाई की परवरिश की। गीतांजलि  

राजामणि ने २००१ में उस्मानिया कॉलेज फॉर वुमेन से बी एस सी उपरांत सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ पांडिचेरी से

एम् बी ए की। १२ साल इन्होने क्लिनिकल  रिसर्च कंपनियों में काम किया। अपना काम करने की  सोच में 

२०१४ में इन्होने टी सी एस कंपनी से जॉब छोड़ छोड़ दी।  इसके बाद इन्होने अपना काम करने का निर्णय लिया।

प्लांटिंग गार्डनिंग का बचपन का शौक था……

फार्मीजन  का आईडिया –

गीतांजलि के कहे अनुसार हम बाजार में उपलब्ध जो भी सब्जी खरीदते  हैं, उनमें कीटनाशक होने से हमारे शरीर केलिए  घातक होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दो साल पहले फार्मीजन शरू करने  का आईडिया आया। इन्होने

घर के पास ही  मौजूद एक किसान से जमीन किराये पर ली, और इसमें इस कार्य में इन्होने  दो दोस्तों शमिकचक्रवर्ती व् सुधाकरन बालसुब्रयम को साथ मिलाया।

मेरे  इस कार्य में कुछ और लोग भी मेरे साथ जुड़े। इसके बाद मैंने पाया कि एक परिवार की जरूरत योग्य सब्जियों की

पूर्ति ६०० वर्ग फुट में हो सकती है। शमिक  और सुधाकरन आई टी से हैं, सो उनकी मदद से हमने एक एप बनाया।

किसानों और ग्राहकों को मनाना चुनौती था, इसके बाद एक अनुभवी किसान नारायण रेड्डी मिले, जिनका खेत उर्वरक

कीटनाशकों के प्रयोग से खराब हो रहा था। वे हमारे इस काम में शामिल हो गए। मैंने ग्राहकों को समझाया कि आप बाजार से जो गोभी लेते हैं वो ब्लीच से सफेद की  होती है। यह आपके स्वाथ्य के लिए नहीं है, आप जैविक सब्जियां

खाएं, जिनमें कीट लगे हों। यदि जैविक गोभी इन कीटों के लिए सेफ हैं, तो ये आपके लिए भी सेफ हैं, और आप इसेखा सकते हैं। इसके बाद वे धीरे धीरे राजी होने लगे। 

इसके बाद जून २०१७ में अपनी कंपनी का घटन किया,और अपना पहला खेत लांच कर  दिया।

फार्मीजन किसानों से उन्ही की जमीन पर ६००, ६०० वर्ग फुट के आकर  में उनके  साथ बराबरी की साझेदारी में अपने

 मार्ग दर्शन में सब्जियां की खेती करवाती है, तथा उनको जैविक खेती की तकनीकी  सलाह के साथ

रोपे बीज भी उपलब्ध करता है। ६०० वर्ग फुट से मिलने वाला २५०० रुपये मासिक किराया फार्मीजन और किसान आधा आधा बांटते  हैं।तथा मोबाइल एप के जरिये ग्राहकों की पसंद की सब्जियां करवा कर फ़ार्मीजन के वाहन से उनके घर तक पहुंचा देती है। 

जिहोने खेती में अलग ही गैर पारंपरिक या यूँ कहें लीक से –

हटकर एक अलग ही तरीका आजमाया है, और तो और इन्होने इस खेती में अन्य किसानों को अपने साथ इस काम में मिलाकर साथ ही उनकी भी आमदनी में अच्छा खासा मुनाफा दिलाने के साथ ही एक स्वस्थ ऑर्गेनिक सब्जियों को उगाने की तकनीक समझायी। इससे ये किसान और किसानों के लिए आगे आने वाले समय में मददगार साबित होंगे।

गीतांजलि ने २०१४ में टी सी एस की जॉब छोड़कर अपना काम करने का फैसला किया।  २०१७ में दो दोस्तों के साथ

मिलकर स्टार्टअप कंपनी फरमीजन शुरू की। और दो साल में ही इनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर ८.४० करोड़ पहुंच गया।        

डायबिटीज, जानलेवा रोग हो सकता है यदि …..


डायबिटीज, जानलेवा रोग हो सकता है यदि …..
डायबिटीज के रोग के पीछे मुख्य कारण हमारे शरीर में पेंक्रियाज ग्रंथि के कार्य करने में बिगाड़ आने
से होता है। इन्सुलिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी होता है, जिसे शरीर में शर्करा के लेवल को नियत्रण

में रखता है। आज के समय में डायबिटीज होना एक आम सी बात हो गई है। पेन्क्रियाज ग्रंथि में विभिन्न
प्रकार के हार्मोन्स निकलते हे, इन्हीं में से एक है इन्सुलिन और ग्लूकॉन। इन्सुलिन हमारे शरीर के बहुत
उपयोगी है, इसी जरिये हमारे शरीर में रक्त, हमारी कोशिकाओं को शर्करा मिलती है। या यूँ भी कह सकते हैं,
इन्सुलिन हमारे शरीर को सभी भागों में शर्करा या शुगर पंहुँचाती है। अतः इन्सुलिन के कम निमार्ण से या
बिलकुल ही न बनने से रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है ।
डायबिटीज जानलेवा रोग साबित हो सकता है, क्योंकि यह सपने साथ कई और रोगों को भी निमंत्रण दे सकता है।
जिसमें से एक है डायबिटिक पेरिफैरल न्यूरोपैथी –
डायबिटिक पेरिफैरल न्यूरोपैथिक नसों से संबंधित रोग है। यह डायबिटीज के मरीजों में सामान्य रूप से
पाया से जाता है। रक्त में शर्करा की मात्रा अधिक होने की वजह से नसों को नुकसान होने लगता है।
सामान्यतया इसका प्रभाव पैरों और पंजों पर अधिक पड़ता है, इसके अलावा यह पुरे शरीर की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रण, और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर
इससे बचा जा सकता है।
कहीं ये लक्षण तो नहीं —
डायबटीज के लक्षण इसके प्रकार और क्षतिग्रस्त नस पर निर्भर करतें हैं। पाचन तंत्र में बिगाड़, मूत्र त्याग करने में परेशानी होने, पैर या पंजों का सुन्न हो जाना, पैरों में कोई गंभीर समस्या, संक्रमण। रक्त-वाहिकाओं
और दिल में किसी प्रकार की परेशानी होना, दर्द महसूस करने की क्षमता कम हो जाना, झुनझुनी या जलन
होना, हड्डी व् जोड़ों का दर्द होना, ऐंठन, वजन कम होना इसके अलावा कई रोगियों में स्पर्श की संवेदना भी बढ़ी देखी गई है।
न्यूरोपैथिक के प्रकार –
यह मुख्य रूप से चार प्रकार की होती है। रोगी को एक समय में एक या एक से अधिक प्रकार की डायबिटिक
न्यूरोपैथिक हो सकती है।
१ .. पेरिफैरल न्यूरोपैथिक – सामान्य तौर पर यह यह सबसे ज्यादा पाया जाता है। इसका असर पंजों और
पैरों पर पहले पड़ता है, और इसके बाद हाथ और कंधों पर पड़ता है।
२… प्रॉक्सीमल न्यूरोपैथिक – इसे डायबिटिक एम्योट्रॉफी भी कहते हैं। जिसमे ‘ म्यो ‘ शब्द का अर्थ है मांसपेशी।
इसमें मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं। नितम्ब और पैरों की ऊपरी मांसपेशियों पर असर पड़ता है।
३…. ऑटोमैटिक न्यूरोपैथिक – शरीर में कई कार्य ऐसे होते हैं, जिसके बारे में सोचने की जरूरत ही नहीं होती।
जैसेकि दिल का धड़कना, सांस लेने की प्रक्रिया या भोजन का पचना। यह साडी प्रक्रिया स्वचालित तंत्रिका-तंत्र
से क्रियान्वित होते हैं। इस तंत्र की न्यूरोपैथिक अधिक खतरनाक होती है, क्यों इसका शरीर के अधिकतर भागों
पर असर पड़ता है।
४…. . फोकल न्यूरोपैथिक – उपरोक्त सभी प्रकार डायबिटिक न्यूरोपैथिक पॉलीन्यूरोपैथी के प्रकार हैं। इसमें ‘ पोली ‘
शब्द का अर्थ कि एक से अधिक नसों को प्रभावित करता है। वहीं फोकल न्यूरोपैथी किसी विशिष्ट तंत्रिका को प्रभावित
करता है। इसे मोनोन्यूरोपैथी भी कहा जाता है। और यह अचानक होती है, और इसका असर दिमाग की आँखों को जाने
वाली नस पर पड़ता है, इसके अलावा यह धड़ और पैरों की नसों को भी प्रभावित कर सकती है।
कारण और निवारण –
डायबिटीज होने के वैसे कई कारण हैं, इसका एक कारण अनुवांशिक भी है। घर में किसी सदस्य माता, पिता, भाई बहन
में किसी को होने से इसकी आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा जंकफ़ूड खाना, मोटापा, फिजिकल वर्क में कमी, घूम्रपान,
बहुत अधिक मीठा खाना, खाने के तुरंत बाद लेट जाना, पानी कम पीना या बाहर खाना नियमिततौर पर खाना।
डायबटीज के रोगियों को चहिये की वे सुबह शाम आधा घंटा सैर करें।
घर में मेथीदाना तवे पर भूनकर और ठंडा होने पर दरदरा ग्राइंड करके जार में रख लें। और सुबह निराहार ५ ग्राम टी स्पून
में लेकर लेकर गुगुने पानी से लें, इसके बाद सैर पर चले जाएँ।
मीठा न लें। और नियमित शुगर लेवल की जाँच करते रहें।
करेले का रस, नीम की पत्तियों का रस सुबह निराहार लें।
जामुन काला नमक लगाकर खाएं, इससे सुगर कंट्रोल में आती है।
सुबह नाश्ते से पहले ग्रीन टी लें। रेशेयुक्त शब्जी लौकी, तौरी, पपीता, मोटा बिना छना चोकरयुक्त आटे की रोटी खाएं।
सुबह निराहार अलसी का चूर्ण गुनगुने पानी से लें।

खीरा, टमाटर और करेले का मिक्स जूस लें।
इनमे सभी चीज़ें रसोई से जुडी हैं। इनमे कोई भी अपनी सुविधानुसार ले सकते हैं। खीरा, टमाटर और करेले का मिक्स जूस लें ।

Diabetes, life-threatening disease can happen if …..


Diabetes, life-threatening disease can happen if …..

The main reason behind the disease of diabetes is the deterioration of working in the pancreatic gland

Happens from Insulin is very useful for our body, which controls the level of body sugar Keeps in It is a common thing to have diabetes in today’s time. Different in the pancreatic gland

Kinds of hormones come out, one of these is insulin and glucon. Insulin is very much of our body

It is useful, through this blood in our body, our cells get sugar. Or maybe you can say,

Insulin is the sugar or sugar sachets in our body. So with the low form of insulin or

No increase in blood sugar levels increases.

Diabetes can be a life-threatening disease, because with these dreams, many other diseases are also invited.

Could.

One of which is diabetic peripheral neuropathy –

Diabetic peripheral is a neuropathic vein related disease. It is common in diabetic patients

Goes from found. Nerves cause damage to the blood due to high blood sugar levels.

Generally, its effect is more on the feet and claws, apart from it, the whole body’s veins

Can damage. Control the amount of sugar in the blood, and by adopting a healthy lifestyle

It can be avoided.

If not these symptoms –

Symptoms of diabetes depend on its type and damaged vein. Defect in the digestive system, urine sacrifice

Problems in doing, numbness of feet or claws, no serious problem in the feet, infection. Blood vessels

And having any kind of difficulty in the heart, decreasing the ability to feel pain, tingling or burning

Being bone and joint pain, cramping, losing weight, besides many patients also have the sensation of touch

Increased has been seen.

Types of Neuropathic –

This is mainly of four types. One or more type of diabetes at one time

May be neuropathic.

1 .. Peripheral Neuropathic – Normally this is most commonly found. Its impact claws and

Feels first on the legs, and then falls on the hands and shoulders.

2 … Proximal neuropathic – also called diabetic emotrophy. In which the word ‘Myo’ means muscle.

It weakens the muscles. The buttocks and feet have an impact on the upper muscles.

3 …. Automated Neuropathic – There are many functions in the body, which do not need to think about.

Such as heartbeat, breathing process or food preparation. This Sadi Process Automated Nervous System

Are implemented from Neuropathic of this system is more dangerous, why its parts are mostly

Has an impact on

4 ….. Focal Neuropathic – All types of above are types of diabetic neuropathic polyneuropathy. In ‘Polly’

The word means that affects more than one vein. At the same time focal neuropathy affects some specific nerve

Does it It is also called mononuclear therapy. And this is sudden, and its effect is to know the brain’s eyes

It also affects the nerves of the torso and the legs.

Reasons and Prevention –

There are many reasons for having diabetes, one of the reasons is also genetic. A member of the house, mother, father, siblings

Being in someone increases its appetite. Apart from this, eating junk food, obesity, lack of physical work, smoking,

Too much sweet food, to lie down immediately after eating, drink water less or eat it out regularly.

The patients of diabetes should go for half an hour in the morning.

After frying on the fenugreek pan in the house and grinding the crack at the cold, keep it in a jar. And in the morning burn 5 grams of spoon

Take a guna with water and then go on a trip.

Do not take sweet. And keep checking for regular sugar levels.

Bitter gourd juice, neem leaves juice early in the morning.

Add jamun black salt and eat it, it comes in Sugar control.

Take a green tea before breakfast in the morning. Eat fenugreek sour gourd, Tauri, papaya, fat without roasted flour bread

Take the pudding of roasted linseed with lukewarm water in the morning.

Take a mixture of cucumber, tomato and bitter gourd.

All things belong to the kitchen. Anyone can take them at their convenience.

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“Baishakhi”


Hello brothers and sisters As you know that India is a country of festivals, people of many religions live here, all their own eaters


Celebrate with pomp. And every festival has its own importance, and behind it there is some story, history. Such
Only today I am telling about ‘Baashaakhi’. The Baishakhi every year on 13 or 14 April, Hindus and Sikhs have their own tradition
Celebrate according to
According to Hindu tradition, consider the beginning of New Year, and according to religion, the names of the months have been kept on the basis of Nakshatras.


According to the Hindu calendar, on the day of Baishakhi, the Sun enters the Aries, which is also its high amount,
Sarkrant also speaks And the first day of the month of

Baashaakh is called Baisakhi. According to Hindu religion, on this day the Ganga
Had landed on the earth So on this day bath in the Ganga has a different significance. That’s why bathing in the Ganga throughout the country on this day
The crowd is excited for it.
On the day of Sikhism, the last Guru of the Sikhs, Shri Guru Gobind Singh ji, to get rid of atrocities by the 1699 Mughals
Khalsa cult was established. On this day, bathing in holy rivers and lakes all over the country is of great importance. Kirtan, hymns in gurudwaras
Is organized. On this day, the excitement of happiness in the hearts of the peasantry in Punjab is rubbish
The harvesting of wheat regards the harvesting of wheat as auspicious on the yacht day. Places seem like conventional fairs, bhangra and giddhas are very popular.


 In its Alva Kerala, this festival is celebrated in the name of “Vishu”. Vishu Yani Vishnu God Of the day of Vishu
The key feature is “Visukarni”. Visukarni is called the tableau philosophy, whose visions are on the day of Vishu
It is done all over.
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” बैशाखी “


हैलो भाइयों और बहनों

जैसा की आपको पता है की भारत त्योहारों का देश है, यहां  पर कई  धर्मों  के लोग रहतें हैं, सभी अपने अपने त्याहारों को  धूमधाम से मनाते हैं। और हर त्यौहार का अपना महत्व है, और उसके पीछे कोई न कोई कहानी, इतिहास होता है। ऐसे

ही मैं आज ‘ बैशाखी ‘ के बारे में बता रहा हूँ। बैशाखी हर साल १३ या १४ अप्रैल को हिन्दू और सिख अपनी अपनी परंपरा के अनुसार मनाते हैं।

हिन्दू परम्परा के अनुसार नववर्ष की शुरआत मानते हैं,  व् धर्म के अनुसार महीनों के नाम नक्षत्रोँ के आधार पर रखे गए हैं। और हिन्दू पंचांग के  अनुसार बैशाखी के दिन सूर्य  मेष राशि में जो इसकी उच्च राशि भी है, में प्रवेश करता है, अतः इसे मेष सक्रांति भी बोलते हैं। और बैशाख मास के पहले दिन को बैशाखी कहते हैं। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा पृथ्वी पर उतरी थी। अतः इस दिन गंगा में स्नान का एक अलग ही महत्व है। इसीलिए इस दिन देश भर में गंगा में स्नान के लिए भीड़ उमड़ी होती है।

सिख धर्म में इस दिन सिखों के अंतिम गुरु  श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सन १६९९ मुगलों द्वारा अत्याचारों से मुक्ति पाने के लिए खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस दिन देश भर में पवित्र नदियों, सरोवरों में नहाने का बड़ा महत्व है।  गुरुद्वारों में कीर्तन, भजन का आयोजन होता है। पंजाब में किसानों के दिलों में इस दिन ख़ुशी की उमंग देखने लायक होती है,  इस दिन कठिन परिश्रम से रबी की  फसल गेहूं की कटाई बैशाखी के दिन शुभ मानते हैं। जगह जगह पारंपरिक मेले लगते हैं, भांगड़े, गिद्दों की धूम मची होती है। 

इसके अलावा केरल में यह त्यौहार ” विशु ” के नाम से मनाया जाता है। विशु यानि विष्णु भगवान। विशु के दिन की

प्रमुख विशेषता  ” विशुकरणी ” है। विशुकरणी उस झांकी दर्शन को कहते हैं, जिसका दर्शन विशु के दिन प्रातःकाल सर्वपर्थम किया जाता है।

How to Adjust Your Working Women in Negative Environment –


How to Adjust Your Working Women in Negative Environment –
Posted bymeet2mee 9th April 2019 Leave a commenton How to Adjust Your Working Women in a Negative Environment – Editing How to Adjust Your Working Women in the Negative Environment –


Understanding the staffing environment and the behavior of people in the office or any other workplace, was their promotion
Making a road is a daily struggle. But while doing your work, there is a great learning method, which will guide your understanding and progress.
 
Working women understand ways to avoid this –
Working women spend more of their day at home and in office than at home.
Are. While the precious time of your life is passing, it is also very important to have a positive environment.
If the colleagues were mindful ….
Understand the ups and downs of behavior
Remember that good and bad days can happen to anyone, and its effect can be seen in anyone’s behavior. If you see a change in behavior, do not take it in your heart.
Work with restraint
Sometimes there is no noise in the environment that you do not drink, or things that you are disliked, and which makes it difficult to keep yourself calm. There you work full attention on the job. If possible, please request the coworkers to slow down the voice.
Do not take it on yourself, talk
It has been seen many times that changes in behavior of a happy person also get noticed, which is their usual behavior
Is completely reversed. Maybe he is upset for some personal reason. In such a situation, you want to be yourself.
It is better to accept the reason and learn the problems of the front by straight talk. From this the front will also look good, and the atmosphere will be positive too.
Do not be afraid of comparison, try
The reason for most negative environments can also be comparable to peer. Many times the work of two colleagues
Comparison is done. Try to work in such a way. This can also happen, somewhere you may not be able to achieve the expected results in performance. Try to understand why another coworker is being praised, and try to do better. If the institution is giving you the chances to improve or move forward, use it. Keep in mind that many of the prominent people are not able to get ahead. Understand this.
It is not wrong to walk on time
If you understand the power of time, always reach the work place on time, and complete your work on time.
If you return home on time, it is a good thing, there is no harm in it, provided you are completing your work on time too.
Make an attachment to work
Keep an eye out for improving work, and promoting your area. This does not only embrace the image, but also the path to move forward. If there is not a promotional preference, there will be no intention of mobilizing the necessary information to move forward and do your job better, then there will definitely be such an environment which will disturb you.
Provide yourself
Regardless of whether there is any work area, you can not make your own place without continuous skill and forwarding in it. There are many examples of successful people, day-to-day progress in their work can only be achieved because they are doing their work every day, better and better.
Remember, you have to make efforts only for your progress, not want to get results. You only have to do the effort, not the result, the result should be.
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नकारात्मक माहौल में कामकाजी महिलाएं कैसे अपने को एडजस्ट करें –


ऑफिस हो या  कोई और कार्यस्थल, के स्टाफ के माहौल और लोगों के ब्यवहार को समझना, या अपनी तरक्की की राह बनाना रोज का संघर्ष है। लेकिन यह अपने काम को करते हुए एक बेहतरीन सीख का जरिया भी है, जो आपकी समझ और प्रगति दोनों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

कामकाजी महिलाएं इससे बचने के उपाय समझें –

जॉब करने वाली महिलाएं घर का काम संभालने के साथ-साथ अपना दिन  घर में कम और ऑफिस में में ज्यादा बिताती हैं। जहां  आपकी  लाइफ का कीमती। समय गुजर रहा है, वहां सकारात्मक वातावरण होना भी बहुत जरूरी है।

यदि सहकर्मियों के कारण मन ब्यथित रहे….

ब्यवहार के उतार-चढ़ाव को समझें याद रहे अच्छा व् बुरा दिन किसी का भी हो सकता है, और इसका असर किसी के भी ब्यवहार में दिख सकता है। रोज न सही यदि किसी के ब्यवहार में परिवर्तन देखें तो उसके ब्यवहार को दिल में न लें।

संयम से काम लें

कभी वातावरण में ऐसा शोर जो आपको  न भाए, या ऐसी बातें हो रही हैं जो आपको नापसंद हों, और जिसके कारण  खुद को शांत रख पाना मुश्किल होता है।  वहां आप पूरा ध्यान काम पर लगाएं। यदि हो सके तो सहकर्मियों से आवाज धीमी करने का निवेदन करें।

खुद पर न लें, बात करें

कई बार देखा गया है, कि खुशमिजाज शख्स के ब्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल जाता है, जो कि उनके सामान्य ब्यवहार से पूरी तरह उलट होता। है। हो सकता है वह किसी निजी कारण से परेशान हो।  ऐसे में आपको चहिये खुद को उनके रूखे ब्यवहार की वजह मानने से बेहतर है सीधे बात करके सामने वाले की परेशानी जानें।  इससे सामने वाले को भी अच्छा लगेगा, और माहौल भी सकारात्मक बनेगा।

तुलना से न डरें, प्रयास करें

ज्यादातर नकारात्मक वातावरण का कारण सहकर्मी से तुलना करना भी हो सकता है। कई बार दो सहकर्मियों के  काम को लेकर तुलना की जाती है।  ऐसे में इसके काम को जानने की कोशिश करें। ये भी हो सकता है, कहीं कार्य प्रदर्शन में कहीं आप अपेक्षित नतीजे न दे पा रहे हों। दूसरे सहकर्मी की प्रशंसा क्यों की जा रही है, इसे समझने का प्रयास करें, और बेहतर प्रदर्शन करने की चेष्टा करें। अगर संस्थान आपको बेहतर होने या आगे बढ़ने के चांस दे रहा है, तो इसका उपयोग करें। इस बात का ध्यान रखें आगे बढ़ने के मौके कइयों को तो मिलते ही नहीं हैं। इस बात को समझें।

समय से चलना गलत नहीं

यदि आप समय की नजाकत को समझते हुए, हमेशा समय पर कार्य-स्थल पर पहुंचते हैं, और अपना कार्य समय पर पूरा कर समय पर घर लौटते हैं, तो यहअच्छी बात है, इसमें कोई बुराई नहीं है, बशर्ते आप अपना कार्य भी समय पर पूरा कर रहे हैं।           

काम के प्रति लगाव बनाएं

काम को बेहतर करने के लिए, और अपने क्षेत्र में तरक्की करने का नजरिया रखें। इससे केवल छवि ही नहीं संवरती, अपितु आगे बढ़ने की राह भी बनती है।  यदि तरक्की पसंद नजरिया नहीं होगा, आगे बढ़ने और अपने काम को बेहतर ढंग से करने के लिए आवश्यक जानकारी जुटाना मकसद नहीं होगा, तो निश्चित रूप से ऐसा माहौल बनेगा, जो आपको परेशान करेगा।

अपने आप को प्रूव करें

कार्यक्षेत्र चाहे कोई सा भी हो, इसमें निरंतर दक्षता की और अग्रसर हुए बिना आप अपनी जगह नहीं बना सकतीं। सफल लोगों की कई मिसालें हैं, अपने काम में दिनोदिन तरक्की केवल इसीलिए कर पाए, क्योंकि वो हर काम को हर रोज, हर क्षण बेहतर, और बेहतर करते गए।

याद रहे अपनी तरक्की के लिए प्रयास आपको ही करने होंगे, बहाने नहीं, नतीजे चहिये।   

Tips for Removing Delay and Hitch Marriage in Virg


How are you brothers and sisters …..

The girls who are unnecessarily delayed in the marriage, and the girl is not able to get a good groom even if she is qualified, if she meets, then her qualities are not met, or if there is any other obstacles in her marriage, It also becomes a matter of concern, they should first show its horoscope to any astrological astrology, there is no Manglik Yoga then, if it is, then look at the Manglik Vaara, besides a common sub. Yes, it will not be harmed, yes but the advantage will be.
Have a fast on Monday, put some milk in water on Shivling.
The girl wants to worship the banana tree on every Thursday, bring bananas, gram dal, and turmeric tilak on the banana tree.
If possible, keep fast for sixteen Thursdays.
Thank you
Thank you

कन्या के विवाह में विलम्ब और अड़चन दूर करने का टिप्स


भाइयों और बहनों कैसे हैं आप…..

जिन कन्याओं की शादी में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है, और लड़की  पढ़ी लिखी योग्य होने पर भी  अच्छा वर नहीं मिलता, यदि मिलता है तो कभी उसके गुण मैच नहीं होते, या कभी  गुण मिलने पर  भी कोई और दिक्कत, अड़चन आ  जाती है, पैरेंट्स  के लिये  भी चिंता का विषय बन जाता हे, उन्हें पहले तो उसकी कुण्डली किसी  योग्य ज्योतिष को दिखानी चहिये, कहीं  मांगलिक योग तो नहीं है, यदि है तो मांगलिक वर ही देखें, इसके अलावा  एक कॉमन सा उपाय करें इसका नुकसान कुछ नहीं होगा, हाँ लेकिन फायदा जरूर होगा।

सोमवार का व्रत रखे, शिवलिंग पर जल में थोड़ा दूध डालें।

लड़की को चहिये की वो हर गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करे, उसमें केले के पेड़ पर चने की दाल व केले चढ़ाएं, और हल्दी का तिलक लगाए।

यदि सम्भव हो तो सोलह गुरुवार के व्रत रखें।

धन्यवाद