टूटती ख़ामोशी

ख़ामोशी,   तोड़ते  होठों  ने

बेटा …थोड़ा,  पानी पीला देते

सूख रहा…. .है    गला,

अभी,  आया  बाबूजी……,

लैपटॉप   पर  घुमाते  ऊँगली

मोबाइल कान  पर सुनते बोला ..

बीतते समय कुछ बाद, फिर से

बेटा …सुन  रहे  हो… ?

पकड़ा  देते  मेरी  स्टिक .. ही,  बेटा

सोचते,  खुद  ही….. पी  लूँगा,

लड़खड़ाते  किसी तरह  किचन ….में 

ओह.. ! निपटा,  थोड़ा ही  काम  तो

  रह  गया अभी,  जो

निपटाते  ही आया  जल्दी ….

देर   में निपटा काम बाद

ऊँगली लैपटॉप … पर से थाम

आया….बाबूजी,   पास जैसे ,  ही

क्या  चहिये, अब  बताओ 

हाथ ठंडा, बाबू जी,  का पकड़ा

खुला मुंह .. सूखा जो पानी को

था,  बंद  गला, सूखा, प्यासा …

हो,  गया .. खामोश  वो

दर्द, जो  कराहता  हुआ

पल, था … जो निकल  गया ….

पिलाने को  … पानी 

रह  गया, लैपटॉप,  मोबाइल

ऊँगली वहीं घूमने, फिर से ।   

Do not cheat on the price of your dream home. ..

Flat flat flat and flat for customers …
Whenever the customer goes to the builder to look at the flat, the builder shows him the sample flat. So that the customer
Understand what the flat would be like when the project was completed. Sample flat floun furnished to the customer
Immediately like. But here it is very important to understand that this is just a sample flat. While usually
The Builder Floor or Flat is quite different from the flat shown. That’s why the customer wants to sample
Do not look at the deal, but look at the actual or prepared flat for customers, deceive the customer in it
Eating will also be avoided. Apart from this, accessories for your house, flat walls, for its decoration
But print design, sealing, modular kitchen, in which branded chimneys, decorative lights, bulbs attract
It is important to know about essential things. Generally the customer lives in this delusion, as shown by the sample flat builder
The same house, which was gone, will be prepared by preparing the flat. In fact the opposite is the opposite. That’s why whenever the future
If you look at a sampled house, flat, then clean it from the builder and clean it that we value the value of your house, flat
Whether it involves all decorations or not. So that in the future there is no misunderstanding
Can live Do not forget to take these all written work from the builder. Remembering the house, flat life is taken only once.
In addition, read every kind of charge written on the paper carefully, and if you do not understand the complete information
Take it. Whatever charge they are going to charge from you, whether they are legitimate or not. Charge of a feature which is actually
Not only that, like in the club house, pool or whatever in your information, and the price of your flat
May be involved. Talk to the builder about this, if you are not satisfied with their answer then the house, flat
Ideas are required before the deal is done.

Almost everyone dreams of buying your own home, and if at the right age your house If it is bought, then it becomes a kind of giving thing to the mind. All life balanceIt seems. By making a plot of your choice with an architect of your own, By making passes, they prefer to be made of their materials in their guidance. But times of time Due to the

deficiency, buyers buy flat or built independent houses. Most people are home Dreams meet the bank with a loan. When a person reaches near the builder to see the house first, then
The builder gives the customer a home map as well as a second paper. That contains the details of that property is. Includes the expenses of the Society, Parking, Maintenance Charges, Tax, Club House and Pool etc. Are there. Apart from this, many times the expenses of Manmariae are recovered from the customer. Customer caution It is very important

2 .. For this, the customer wants to …
Gather the information of the real owner of the land on which the house or society is built, and from that land
Take full rest. That is, whatever builder is selling the said property, to sell that property,
Proprietary rights to transfer? Do the verification of that land with that lightweight pawn,
In that case, the full details of such land will be found in the court or the outstanding loan in the bank. with you
Take a senior attorney and give his title verification.

Write information from the builder …
Whenever you deal with that property, then the agreement between you and the builder is written, Carefully consider what terms and conditions the builder has included in it. What is the customer Wright has been given. How much is the corpate area of ​​the property, apart from how long will the builder assign the said property to you, Take your date in writing.

If you are going to see any home, flat, nowadays, information about builder property is available online. remember Staying online and in reality can be intuitive. Online property details and revenue details online Compare in Be patient Never take a decision by looking at the same property. Keep your options open. Many customers can view a property Afterwards, they like to be happy, and they eagerly deal in hastily. So many times seen That the customers are looking at the property of minus point later, in such a way that they have regrets

There is no choice So, before buying any property, work with understanding and patience. Take any decision
Talk to family before, consult them, and according to the advice given above, Verificationes etc.
Make a decision, only make a decision, so that you do not have any answer later.
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धोखा न खा जाएँ अपने ड्रीम होम की कीमत को लेकर। ..

यूँ तो अपना खुद का घर खरीदने का  सपना लगभग सभी का होता है, और यदि सही उम्र में अपना घर खरीद लिया जाये, तो ये एक तरह से मन को सकुन देने वाली बात हो जाती है। सारे जीवन की जमापूंजी लग जाती है। कोई अपना प्लाट लेकर खुद अपने हिसाब से आर्किटेक्ट से अपनी पसंद का नक़्शा बनवाकर

और पास कराकर, अपनी गाइडेंस में अपने मैटेरियल  से बनवाना पसंद करते हैं, लेकिन कई बार समय की कमी होने की वजह से बिल्डर द्वारा बनवाया फ्लैट, या इंडिपेंडंट मकान खरीदते हैं। ज्यादातर लोग घर का सपना बैंक से लोन लेकर पूरा करते हैं।

1. जब कोई शख्स पहली बार घर देखने बिल्डर के पास पहुंचता है, तो

बिल्डर ग्राहक को घर के नक्शे के साथ ही दूसरा  पेपर और पकड़ा देता है, जिसमें उस प्रॉपर्टी की डिटेल्स होती है। इसमें सोसाइटी की पार्किंग, मेंटनेंस, रजिस्ट्री चार्जेज, टैक्स, क्लब हाउस और पूल आदि के खर्चे शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त कई बार मनमर्जी के खर्चे भी ग्राहक से वसूल लिए जाते हैं। ऐसे में ग्राहक को सतर्कता बरतनी बहुत जरूरी है।

जिस जमीन पर घर या सोसाइटी बनी है,  उसके असली मालिक की जानकारी जुटाएं, और उससे उस जमीन

2.  इसके लिए ग्राहक को चहिये कि…

की पूरी तसल्ली कर लें। यानि कि जो भी बिल्डर उक्त प्रॉपटी को बेच रहा है, उसके पास उस प्रॉपर्टी को बेचने,

स्थानांतरण करने का  मालिकाना हक हे ? उस हल्के के पटवारी से उस जमीन की वेरिफिकेशन जरूर कराएं, कहीं उस जमीन का कोर्ट में केस या बैंक में बकाया लोन या कुछ भी जो शायद आपको न पता हो आदि की पूरी जानकारी मिल जाएगी। अपने साथ किसी सीनियर वकील को ले जाकर उसकी टाइटल वेरिफिकेशन कराएं।

3.  बिल्डर से जानकारी लिखित में लें …

जब भी आप उस प्रॉपर्टी से संबंधित डील करते हैं, तो जो आपके और बिल्डर के बीच  एग्रीमेंट लिखा जाये, उसे ध्यान पूर्वक पड़ें कि उसमें बिल्डर ने कौन  सी शर्तें व् नियम शामिल की हैं। ग्राहक यानि खरीदार को क्या

इसकी डेट आप लिखित में लें। राइट दिए गए हैं। प्रॉपर्टी का कॉर्पेट एरिया कितना है  इसके अलावा बिल्डर आपको उक्त प्रॉपर्टी कब तक सौंपेगा,जब भी ग्राहक बिल्डर के पास फ्लैट देखने के लिए जाता है  तो बिल्डर उसको सैंपल फ्लैट दिखाता है। ताकि ग्राहक समझ सके की प्रोजेक्ट कम्पलीट होने पर उसका फ्लैट कैसा होगा। सैम्पल फ्लैट फुली फर्निश्ड होने से ग्राहक को तुरंत पसंद आ जाता है। लेकिन यहां ये बात समझनी बेहद जरूरी की ये सिर्फ सैम्पल  फ्लैट है । जबकि आमतौर पर तैयार किए जा रहे बिल्डर फ्लोर अथवा फ्लैट दिखाए गए फ्लैट से काफी अलग होते हैं। इसीलिए ग्राहक को चहिये की वो सैम्पल न देखकर डील करे अपितु वास्तविक रूप से ग्राहकों के लिए तैयार हो चुके या बन रहे फ्लैट ही देखें, इसमें ग्राहक धोखा खाने से भी बच जायेगा। इसके अलावा आपके घर, फ्लैट में इंटिरियर यानि इसकी डेकोरेशन के लिए दीवारों पर प्रिंट डिज़ाइन, सीलिंग, मॉड्यूलर किचन जिसमें ब्रांडेड चिमनी आदि, डैकोरेटिव लाइट्स, बल्ब जैसी आकर्षित

जरूरी चीजों के बारे में जानना जरूरी हे।  अमूमन ग्राहक इस भ्र्म में रहते हैं, जैसा सैम्पल फ्लैट बिल्डर द्वारा दिखाया

गया था  वैसा ही घर, फ्लैट तैयार कराकर दिया जायेगा। वास्तव में होता इसके उलट है। इसीलिए जब भी भविष्य में आप कोई सैम्पल  घर, फ्लैट देखें, तो बिल्डर से साफ साफ ये क्लियर कर लें कि हम जो अपने घर, फ्लैट का मूल्य चुका  रहे हैं उसमें ये डेकोरेशन वाली सभी चीजें शामिल हैं या नहीं। ताकि भविष्य में किसी भी गलतफहमी से बचे

रह सकें। ये सभी काम बिल्डर से लिखित में लेना न भूलें। याद रहे घर, फ्लैट जिन्दगी में एक ही बार ली जाती हैं।

इसके अतिरिक्त पेपर पर लिखे हर तरह के चार्ज को ध्यानपूर्वक पढ़ें, और समझ न आने पर उसकी पूरी जानकारी

लें। कहीं जो चार्ज वो आपसे वसूलने जा रहे हैं, वे जायज हैं भी या नहीं। कोई ऐसी सुविधा का चार्ज जो वास्तव में है

ही नहीं, जैसे कि उस सोसाइटी में क्लब हाउस, पूल या जो भी आपकी जानकारी में है, और आपके फ्लैट की कीमत में शामिल हो सकती हैं। इसको लेकर आप बिल्डर से बात करें, यदि आप उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं तो घर, फ्लैट की डील करने से पहले विचार जरूरी है।

4.  आप कोई भी घर, फ्लैट  देखने जा रहे तो आजकल बिल्डर प्रॉपर्टी की जानकारी ऑनलाइन पर उपलब्ध होती हैं। याद

रहे  ऑनलाइन और वास्तविकता में अंतर् हो सकता है।  ऑनलाइन दी गई प्रॉपर्टी की डिटेल्स और वास्वविक डिटेल्स में तुलना करें।   

5.  धैर्य बरतनी जरूरी

कभी भी एक ही प्रॉपर्टी को देखकर फैसला न लें। अपने विकल्प खुले रखें। कई ग्राहकों को कोई प्रॉपर्टी देखने के बाद एकदम पसंद आ जाती है, और वो उत्सुकतावश  जल्दबाजी में डील कर  बैठते हैं। ऐसे में कई बार देखा गया है कि ग्राहकों  को उक्त  प्रॉपर्टी के बारे में बाद में माइनस पॉइंट नजर आते हैं, ऐसे में उनके  पास पछतावे के अलावा कोई चारा नहीं होता। इसीलिए कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले सूझबूझ और धैर्य से काम लें। कोई भी फैसला लेने से पहले परिवार में बात करें, उनसे सलाह करें, और ऊपर बताई गयी  सलाहों के अनुसार वेरिफिकेशनस आदि ध्यानपूर्वक करें, तो ही कोई फैसला लें, ताकि बाद में आपको कोई पश्तावा न हो।        

Retrograde theory for power

There is a round of elections, obviously every party is involved in this process, in some way, it will be able to reach the power.
For this, sometimes the parties do not even care about the convenience of themselves. All the parties in this country

Are included. Take Jammu Kashmir, there was not a majority in the party. But to reach power, two separate People of ideology, PDP and BJP did not delay in retaining their principles while retaining power.
However, behind the scenes, the Congress and the National Conference were both looking for ways to come to power with the PDP. Although this Today’s not the point. In 1987, the then Prime Minister Rajiv Gandhi opposed the Tamil LTTE in Sri Lanka in India

The peace was sent to the army, at that time in whole Tamilnadu, the DMK party’s Karunanidhi strongly opposed the Congress party.
Was there. However, after that Rajiv Gandhi went on Sri Lanka’s official visit to Sri Lanka peace agreement,
There was a guard of honor on there, suddenly the guard wizard Rohna Electrician attacked the rifle with his butt done. The attacker was later also court martial. After this incident, on May 21, 1991, Rajiv Gandhi’s In the suicide bombing in Sriperumbudur, he was murdered for this reason. The people involved in this incident cut the sentence of jail Are there. The same DMK is in the coalition with the Congress party today. But there is an exception here, that the DMK assassinated the Rajiv Gandhi assassins
The Congress party has promised release, while the Congress party is opposing their release. Let’s talk now about Mulayam Singh

About son Akhilesh, when his Samajwadi Party came to power in Uttar Pradesh, Mayawati’s opposition to her party Bahujan Samaj Party was also one. After coming to power, Akhilesh Yadav during Mayawati’s rule

On charges of making scams of 7000 thousand crores for statues of Banu Elephants, they put serious charges against them on the court.
Filed the case. Mayawati, the Supreme Court on Mayawati, has proved the misuse of government money Have told to deposit in the treasury, but Mayawati has refused to deposit money saying this in the Supreme Court, and the court In response to this, I have replied that the court can not say to

any government that the government has put money in it. In such
Mayawati has conveyed that where they have to spend government money, how to spend it, it is the government’s privilege. That is
They did not make any scandal. There is a coalition of both of them in the elections today, and they are fighting together in the elections. The question arises When Akhilesh Yadav had accused Mayawati of scams of taxonomies, what did he do?
Like this, JDU, whose senior leader Sharad Yadav was also the convener of NDA, was the only leader of the NDA. JDU in Bihar
And there was a government of BJP. Bihar Chief Minister Nitish Kumar and Deputy Chief Minister Shushil Modi, the NDA government.

Narendra Modi is accused of having a hand in communal riots during the Godhra riots in Gujarat during the Gujarat riots. In the center
Vajpayee was the government. The riots were examined. Later, when the UPA government came to power in the center, the Congress government had attacked Modi
Against Supreme Court judges of SIT. He later gave a clean chit to Narendra Modi. Nevertheless, Nitish Kumar
Despite being in NDA, he kept distance from Narendra Modi as far as possible. BJP for the Lok Sabha elections in 2014
President Rajnath announced the name of Narendra Modi for candidature for NDA’s prime ministerial post. Name of Narendra Modi

As soon as the announcement was made, Nitish Kumar got separated from the NDA. Simultaneously both of them fell in Bihar. Though during that
With the wave of Narendra Modi, he became the Prime Minister, at the Center, the NDA government has been successful in forming a government with the absolute majority. After that, Bihar
During the assembly elections, JDU and BJJ were in the ground against each other. And Nitish Kumar, Lalu Yadav, against whom
He always used to spit poison, together with the government in Bihar formed the government. But Nitish Kumar and Lalu Yadav’s coalition government more
Did not run. Later, Nitish Kumar joined the NDA again. And again in Bihar the government of NDA was formed.
The alliance of Shivsena and BJJ is in the days of Balasaheb Thackeray, and since then it is in NDA and when Atal Bihari Vajpayee,
After that the assembly elections were held in Maharashtra, then the BJP, the Shiv Sena government was formed. After the demise of Balasaheb Thackeray
A son and son of Uddhav Thackeray and nephew Raj Thackeray started contesting for the party. But the victory came from Uddhav Thackeray. Today’s party
The reins are completely in their hands. He also remained dissatisfied with the lack of proper place in the NDA government under the leadership of Narendra Modi.

Later in the Assembly elections, both the parties were in different fronts. And during the reign of Devendra Fadnavis
Keeping the flames of accusations against each other Although the government of both of these are in the government in the state. Uddhav Thackeray of the Central Government
During his entire term, he continued to criticize his policies. Now in the Lok Sabha elections, both the parties are again fighting elections together.
Just recently, the President of BJP Amit Shah Gandhinagar went to fill his nomination papers in Gujarat, then Uddhav Thakare specially
Arrived there. Now the question arises
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सत्ता के लिए पीछे छूटते सिद्धांत…

चुनावों का दौर है , जाहिर है हर पार्टी इस जुगत  में लगी है, किसी तरह वो सत्ता तक पहुंचने में कामयाब हो जाये।

इसके लिए कई बार पार्टियां अपने लिए सुविधा की  राजनीति  करने से भी गुरेज नहीं करती। इसमें देश की सभी पार्टियां

शामिल हैं। जम्मू कश्मीर को लें, वहां किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। लेकिन सत्ता तक पहुंचने के लिए दो अलग विचारधारा के लोग पी डी पी और बी जे पी ने अपने सिद्धांतों को पीछे छोड़ते हुए सत्ता पर काबिज होने में देर नहीं लगाई।

हालाँकि पर्दे के पीछे कांग्रेस, नैशनल कॉन्फ्रेंस दोनों ही पी डी पी से मिलकर सत्ता में आने के रास्ते तलाश रहे थे…। यद्पि ये

आज की बात  नहीं  है।  सन १९८७  में तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गाँधी ने तमिल लिटटे की खिलाफ श्री लंका में भारत की शांति सेना भेजी, उस समय पूरे  तमिलनाडु में द्रमुक पार्टी के करुणानिधि ने जमकर कांग्रेस पार्टी का  विरोध किया था। हालाँकि उसके बाद राजीव गाँधी श्री लंका आधिकारिक यात्रा पर भारत श्री लंका शांति समझौते  के लिए गए,

वहां पर गार्ड ऑफ़ ऑनर ले रहे थे कि अचानक सिंहली गार्ड विजिथा रोहाना विजेमुनी ने अपनी राइफल के बट से उनपर हमला कर दिया। उस समय श्री लंका की मूल जाति सिंहलियो के दिलों में तमिल लिट्टे के खिलाफ दहशत ओर गुस्से की भावना प्रबल थी , इसी कारण उस सिंहली गार्ड ने एक तरह से अपनी भावना का प्रदर्शन करते हुए राजीव गांधी पर हमला किया। उस हमलावर का बाद में कोर्ट मार्शल भी किया गया। इस घटना के बाद २१ मई १९९१ में राजीव गाँधी की

श्रीपेरुमपुदुर में आत्मघाती धमाके में इसी कारण हत्या कर  दी गई। इस घटना में शामिल लोग जेल की सजा काट रहे हैं। वही  द्रमुक आज कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन में है। लेकिन यहां एक अपवाद है, कि द्रमुक ने  राजीव गाँधी के हत्यारों की रिहाई का वादा किया है, जबकि कांग्रेस पार्टी इनकी रिहाई का विरोध कर  रही है। अब बात करते हैं मुलायम सिंह के

बेटे अखिलेश के बारे में, जब इनकी समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई तो इनकी विरोधी पार्टी में मायावती की बहुजन समाज पार्टी भी एक थी। सत्ता में आने के बाद अखिलेश यादव ने मायावती के सत्ता काल  के दौरान मायावती  द्वारा बनवाई हाथियों की मूर्तियों के लिए ७०००  हजार करोड़ के स्कैम करने के आरोप में उन पर गंभीर धाराएं कोर्ट में लगाकर उन पर केस दायर किया। अब तो मायावती  पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी पैसों के दुरूपयोग के सिद्ध होने पर मायावती को उक्त पैसा सरकारी खजाने में जमा करने को बोला  है, लेकिन मायावती  ने सुप्रीम कोर्ट में ये कहते हुए पैसे जमा करने से मना कर  दिया है, तथा कोर्ट में अपनी तरफ से ये जवाब दिया है कि किसी भी सरकार   को कोर्ट ये  नहीं कह सकता कि सरकार कहां  पर पैसों को लगाए। ऐसे में

मायावती   ने ये जता दिया है कि उन्होंने सरकारी पैसों  को कहां,  कैसे खर्च करना है, ये सरकार का विशेषाधिकार है। यानि की उन्होंने कोई घोटाला ही नहीं  किया। आज चुनाव में दोनों का गठबंधन है, तथा साथ मिलकर चुनाव लड़ रहें हैं। सवाल उठता है की

जब अखिलेश   यादव ने मायावती पर करोंड़ों के स्कैम करने के आरोप  लगाए थे, उनका क्या बना…?

ऐसे ही एन डी ए का ही एक घटक दल जे डी यू जिनकी पार्टी के सीनियर नेता शरद यादव एन डी ए के संयोजक भी थे। बिहार में जे डी यू और बी जे पी की सरकार थी। बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार व् बी जे पी के उप मुख्य मंत्री शुशील मोदी यानि एन डी ए की सरकार थी। नरेंद्र मोदी की गुजरात में सरकार के दौरान गोधरा दंगे होने से  नरेंद्र मोदी पर साम्प्रयदायिक  दंगे में हाथ होने के आरोप लगे। केंद्र में


सरकार थी। दंगों की जाँच बैठा दी गई।  बाद में केंद्र में यू पी ए की सरकार आने पर कांग्रेस सरकार ने दंगों के खिलाफ मोदी के खिलाफ सुप्रीम के जजों की एस आई टी का गठन

किया। उसने  भी बाद में नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दे दी। फिर भी नितीश कुमार अपने वोट बैंक और साफ छवि की खातिर, एन डी ए में होने के बावजूद  नरेंद्र मोदी से जहां तक हो सके दूरी बना कर रखते थे । २०१४ में लोकसभा के चुनाव के लिए बी जे पी के प्रेसिडेंट राजनाथ ने  एन डी ऐ के प्रधानमंत्री पद के उमीदवार के लिए नरेंद्र मोदी के  नाम का एलान किया। नरेंद्र मोदी के नाम

का एलान होते ही नितीश कुमार एन डी ए से अलग हो गए। इसके साथ ही दोनों की सरकार बिहार में गिर गयी। हालाँकि उस दौरान

नरेंद्र मोदी की लहर होने से वो प्रधानमंत्री बने, केंद्र में एन डी ए की पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने में कामयाब हुए ।  उसके बाद बिहार

में विधानसभा चुनाव  के दौरान जे डी यू और बी जे पी एक दूसरे के खिलाफ मैदान में थी। और नितीश कुमार, लालू यादव व कांग्रेस आदि जिनके खिलाफ हमेशा वो जहर उगलते थे, साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई । लेकिन नितीश कुमार और लालू यादव का गठबंधन वाली सरकार ज्यादा

नहीं चली। और बाद में नितीश कुमार पुनः एन डी ए में शामिल हो गए। और बिहार में फिर से एन डी ए की सरकार बनी। शिवसेना और बी जे पी का गठबंधन बालासाहेब ठाकरे के जमाने से है, और जब से ही एन डी ए में है,  और जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार आयी तो उसमें शिवसेना शामिल थीं । उसके बाद महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव हुए तो बी जे पी, शिवसेना  की सरकार बनी थी। बालासाहेब ठाकरे के निधन के बाद उनके

सुपुत्र उद्धव ठाकरे और भतीजे राज ठाकरे में पार्टी की कमान संभालने के लिए उनका उत्तराधिकारी बनने की होड़ शुरू हो गयी। लेकिन जीत उद्धव ठाकरे की हुई। आज पार्टी की

बागडोर पूरी तरह से उन्ही के हाथ में है। वो भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एन डी ए सरकार में उचित स्थान न मिलने से असन्तुष्ट ही रहे।

महाराष्ट्र में  बाद में विधानसभा चुनाव में दोनों ही पार्टियां सीटों के बंटवारे को लेकर अलग अलग ही मैदान में उतरी, ओर बाद इनकी सांझी सरकार अस्तित्व में आई । और देवेंद्र फड़नवीस के सत्ता काल  में एक दूसरे के खिलाफ आरोपों की झड़ियाँ ही लगाते  रहे। यद्यपि महाराष्ट्र में इन दोनों की सरकार अभी तक कायम है। उध्दव ठाकरे केंद्र सरकार की पूरे कार्यकाल में उसकी नीतियों की भी आलोचना ही करते रहे। अब लोकसभा चुनाव में दोनों दल फिर साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। अभी पिछले दिनों बी जे पी के प्रेसिडेंट अमित शाह गांधीनगर  गुजरात में अपना नामांकर पत्र भरने गए, तो उद्धव ठाकरे विशेष तौर वहां पर पहुंचे। अब सवाल उठता है, कि जो आरोप वो अपनी ही केंद्र में सरकार पर लगाते  रहे, उनका क्या बना। ऐसा ही एक गठबंधन कर्नाटक में बना। वहां पर पिछले दिनों विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस और देवगौड़ा के सुपुत्र कुमारस्वामी

की जे डी एस पार्टियों में  एक दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोपों की बौछारें हुईं । लेकिन किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाने की वजह से

दोनों दल सरकार बनाने के लिए एक दूसरे के नजदीक आने को मजबूर हुए। हालाँकि कांग्रेस ने कर्नाटक में ज्यादा सीटें जीती, बावजूद

इसके कुमारस्वामी अपनी शर्तों को मनवाने में सफल रहें। और खुद मुख्यमंत्री बने । हालाँकि बाद में यदाकदा कांगेस पार्टी के नेताओं

द्वारा उलटी सीधी हरकतों से कुमारस्वामी तंग भी

हुए हैं। और यदाकदा उन्होंने अपने दर्द का इजहार भी किया , फिर भी ये नापाक गठबंधन कायम है।

इन सभी कार्यकलापों के बीच  लोकतंत्र जिन्दा है।  उसे सलाम ।

Tips of today

Earlier, I had given a tip about navel, which was about sowing in the ankles of the feet. Today I will give you similar information related to navel
On one hand, telling about the treatment of serious disease
I am As before as told by the navel
There is a direct connection to all the organs of our body.
So now I tell you about the pain in the joints of today’s serious disease knee.
Most knee pain
Happens from In which, when the gap in the bones ends, they start colliding with each other, due to which the pain in the knees starts walking. Slowly it turns into unbearable pain.
The people who have left knee pain in the left side are due to the above reasons. They just have to do this. When lying on bed in bed at night, then pour caster oil in the navel, and massage the masses till the oil does not end. If you are taking medicines, cardiac or calcium, do not stop with it. In a few weeks you will see that you are recovering, and medicines will also get reduced.
Just keep your faith.
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आज का टिप्स…

नाभि के बारे में पहले भी मैं एक टिप्स दे चुका हूँ, जो कि पैरों की एड़ियों में बुवाई को लेकर थी। आज मैं आपको नाभि से सम्बंधित ऐसी ही

एक ओर गम्भीर रोग के उपचार के बारे में बता

रहा हूँ। जैसा कि पहले मेरे द्वारा बताये अनुसार नाभि का

हमारे शरीर के सभी अंगों से सीधा सम्बन्ध है।

अतः अब मैं आपको आज के गम्भीर रोग घुटनों के जोड़ों में दर्द के बारे में बताता हूँ।

घुटनों के ज्यादातर दर्द कार्डियक के खत्म होने

से होता है । जिसमें हड्डियों में गैप खत्म हो जाने से वे आपस में टकराने लगती हैं, जिस वजह से चलते समय घुटनों में दर्द होने लगता है। धीरे धीरे ये असहनीय दर्द में बदल जाता है।

जिन लोगों के बाएं ( Left) साइड के घुटने में दर्द उपरोक्त कारणों से हो रहा है। उनको बस ये करना है। रात को जब सोने के समय बैड पर लेटें, तब अरण्डी का तेल(Caster Oil) नाभि में डाल लीजिए, ओर उसकी मसाज तब तक करें जब तक तेल समा न जाए। इसके साथ यदि कोई मेडिसिन, कार्डियक की या कैल्शियम की ले रहे हैं, तो बंद न करें। कुछ हफ़्तों में आप देखेंगे आप ठीक हो रहे हैं, ओर मेडिसिन भी कम होते होते बन्द हो जाएगी।

बस अपना विस्वास बनाये रखें।

Make the food nutritious, with these elements ……

Buying clean fruits vegetables is a good thing, but their nutritional content remains, itsIt is also extremely important to cook vegetables properly. Leafy vegetables instead of steam

Lightly frying in olive oil, absorb excess amount of anti-oxidant beta-caroteneCan. Let’s know Healthy cooking-Habits that improve nutrition levels in these seven ways. about —

1. Increase quantity of jaggery fat for more vitamins

Olive oil, nuts and fat in fruits or vegetables, by adding healthy sources, vitamin A, E andThe quantity of can be increased. All these newtarians will have the eyesight faster, as well as the immunity

Even better, the heart can be strung from the stroke and the body can be kept away from osteoporosis.

2. Garlic will protect against cancer from cancer

By putting garlic in the food, our body will stay away from cancer. After mashing garlic buds mash Put it for 10-15 minutes, then put it in the pan. Because of this, the nutritionally present in garlic is not destroyed

Will be there. If you do not have time to do all of this, then put raw garlic over the food. Its from Nutrition will continue.

3. Use cast iron pan for iron Energy Busting Iron Amount Two Thousand Percent By Cooking Acidic Vegetables And Fruit In Cast Iron Pan

According to the Texas Texas University study. Nutritionist of the Healthy Tiffin Service Solfood According to Sonali Sabarwal, cooking in cast iron is not harmful, but instead of eating in the pan By making some mix in iron food, it does not make any difference in the taste of food.

4. Antibiotic will increase salad by adding herbs The amount of antioxidants will be doubled by putting herbs in the salad. Add ginger and cumin in it

Even anti-oxidants start growing.

5. Warm tomatoes

Easy to absorb the healthy nutrients for the heart in it by eating hot tomato on the pan. That is why Tomato Sauces is beneficial to the rest of the sauce. Take this recipe too cheerfully. tomatoes

Put it on a baking sheet after adding it, now add little olive oil, salt and black pepper on top of it. Now

Allow them to have a boil for 15-20. After this, now they will be healthier to eat.

6. Vegetable and fruit peels are more nutritious Do not eat apples, carrots, and mostly fruits, vegetables, peel them. Nutrients far more in their outer skin Are there. Fiber content is also high. Always buy organic food dishes. Thereby eating outer layer

There is no problem in the. To clean pesticides or dirt, to wash fruits, vegetables in open water

Eat after

7. Increasing advantage of eating big grams Keep cutting their fruit, while cutting vegetables. Nutrient rich oxygen is released from the small grinding.

Vitamin C lasts longer periods in large grams. This improves immunity. Fruits and vegetables

Make them bite, otherwise the newtarians who are getting them from them start decreasing.

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खाने को बनाएं पौष्टिक, इन तत्वों से……

साफ फल सब्जियां खरीदना तो एक अच्छी बात है, लेकिन इनका न्यूट्रिशनल कंटेंट भी बना रहे, इसके लिए सब्जियों को सही तरीके पकाना  भी  बेहद जरूरी है।  स्टीम की बजाय ही पत्तेदार सब्जियों को

ऑलिव आयल में हलके से फ्राई करने से एंटी-ऑक्सीडेंट बीटा-केरोटीन को अधिक मात्रा में एब्जॉर्ब कर सकते हैं। आइये जानते हैं इन सात तरीकों से न्यूट्रिशन लेवल को बेहतर बनाने वाली हेल्दी कुकिंग-हैबिट्स के बारे में —

१.  ज्यादा विटामिन्स के लिए गुड फैट्स की मात्रा बढ़ाएं

फल या सब्जियों में ऑलिव आयल, नट्स और फैट के बाकी हेल्दी सोर्स शामिल करने से विटामिन्स ए, ई और के की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।  इन सभी न्यूट्रियंट्स से आँखों की रौशनी तेज  होगी ही, साथ ही इम्युनिटी भी बेहतर होगी, दिल को स्ट्रोक से और शरीर को आस्ट्रियोपोरोसिस से महफूज रखा जा सकता है।

२.  लहसुन का सेवन कैंसर से रखेगा बचाव

लहसुन  को खाने में डालने से हमारा शरीर कैंसर से दूर रहेगा।  लहसुन की कलियाँ छीलने के बाद मैश करने

के बाद १०-१५ मिनट के लिए रख दें, फिर पैन  में डालिये।  इस कारण लहसुन में मौजूद पौष्टिक नष्ट नहीं

होंगे। यदि आपके पास ये सब करने का समय नहीं है तो कच्चे लहसुन को खाने के ऊपर डाल लें। इससे इसकी पौष्टिकता बनी रहेगी।

३.  आयरन के लिए कास्ट आयरन पैन को इस्तेमाल करें, वैसे भी आयरन यानि लोहे के तत्व से मिश्रित फूड लेने से हमारे शरीर में ब्लड की मात्रा बढ़ती है।

एसिडिक सब्जी व् फलों को कास्ट आयरन पैन में पकाने से एनर्जी की बूस्टिंग आयरन की मात्रा दो हजार फीसदी

तक बढ़ जाएगी, टैक्सास टेक् युनिवर्सिटी की स्टडी के अनुसार। हेल्दी टिफिन सर्विस सोलफूड की न्यूट्रिशनिस्ट

सोनाली सबरवाल के कहे अनुसार कास्ट आयरन में खाना बनाना नुकसानदायक नहीं है, बल्कि पैन में खाना बनाने से कुछ आयरन खाने में मिक्स हो जाता है, इससे खाने के स्वाद में कोई फर्क नहीं आता है।

४.  हर्ब्स डालने से सलाद में बढ़ेंगे एंटीऑक्सीडेंट

सलाद में हर्ब्स  डालने से  एंटी  ऑक्सीडेंट्स की मात्रा दोगुनी हो जाएगी। इसमें अदरक और क्युमिन डालने  डालने से भी एंटी ऑक्सीडेंट्स बढ़ने लगते हैं।

५.  टमाटर को गर्म करके खाना

टमाटर को तवे पर गर्म करके खाने से उसमे मौजूद दिल के लिए हेल्दी न्यूट्रियंट्स को एब्जॉर्ब करने में आसानी

होगी, इसीलिए बाकी सॉस की अपेक्षा टोमेटो सॉस  को फायदेमंद खा जाता है। यह रेसिपी भी टॉय कीजिये।  टमाटर को काने के बाद बेकिंग शीट रख लें, अब इनके ऊपर थोड़ा ऑलिव आयल, नमक और काली मिर्च डालिए।  अब

इन्हें १५-२० की लिए बॉइल होने दें। ततपश्चात अब इन्हें खाना सेहतमंद होगा।

६.  सब्जी और फलों के छिलके ज्यादा पौष्टिक

सेब, गाजर, और ज्यादातर फल, सब्जियों को छीलकर न खाएं। इनके आउटर स्किन में में कहीं  ज्यादा न्यूट्रियंट्स

होते हैं। फाइबर का कंटेंट भी ज्यादा होता है। हमेशा ऑर्गेनिक खाद्य पर्दार्थ खरीदें। जिससे आउटर लेयर खाने में कोई परेशानी न आये। पेस्टीसाइड या गंदगी को साफ करने की लिए फल, सब्जियों को खुले पानी में धोने के बाद खाएं।

७.  बड़े पीस खाने से बढ़ा फायदा

फल, सब्जियां काटते समय उनका साइज बड़ा रखें।  छोटे पीस से न्यूट्रियंट रिच ऑक्सीजन निकल जाती है।

बड़े पीस में विटामिन सी लम्बे समय तक रहता है। इससे इम्युनिटी बेहतर बनती  है। फल और सब्जियों को

काटते ही बनाइए, नहीं तो उनसे मिलने वाले न्यूट्रियंट्स कम होने लगते हैं।