शुभ प्रभात


ठंडक से राहत


गर्मी का मौसम शुरू हो  गया है, और ऐसे  में बार-बार प्यास लगना  लाजिमी है, बच्चे भी छुटियों की वजह से घर में ही होते हैं। अब इस मौसम में हम मौसमी फलों से घर में ही हैल्दी और टेस्टी ड्रिंक्स तैयार कर  सकते हैं। ये गर्मी के मौसम में ठंडक देंगे। आइये जानते  हैं, इनमे कुछ ड्रिंक्स की रेसिपी।

तरबूज अनारदाने का जूस

सामग्री : अनारदाना आधा कप, तरबूज के कटे पीस एक कप, रूह अफ़ज़ा या रोज शर्बत के दो -चम्मच, लगभग एक इंच अदरक, छोटा आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, पुदीने की ४,५ पत्तियां कुछ बर्फ।

अब इसमें स्वादानुसार काला नमक मिला लें। शर्बत तैयार है। इसमें सभी चीजें हैल्दी डली हैं।

विधि :  तरबूज, अनारदाने, काली मिर्च पाउडर और पुदीने की पत्तियों को मिक्सर ग्राइंडर में ग्राइंड करके उसमें रूह अफ़ज़ा या रोज शर्बत के दो चम्मच और बर्फ डाल कर दोबारा ग्राइंड कर लें।

Mango juice in the glass

मैंगो शेक

सामग्री : दो बड़े छिले सफेदा या अल्फांसो आम, ढाई गिलास दूध, चीनी चार चम्मच, रूह अफ़ज़ा या रोज शर्बत ऑफ़ बर्फ के टुकड़े।

विधि : आम के  मध्यम आकार के पीस में चीनी डालकर ग्राइंड कर लें,अब उसमें दूध, शर्बत और बर्फ डालकर फिर से ग्राइंड कर लें। मैंगो शेक तैयार है। इसमें चार गिलास तैयार होंगे।

ऑरेंज चटपटा

सामग्री :आधा कप  लिम्का, ६ संतरे का जूस, पुदीना पाउडर।

विधि : एक बाउल में ऑरेंज का जूस, बर्फ के कुटे- टुकड़े डाल लें, उसमें पुदीना पाउडर १/२ चम्मच थोड़ी काली मिर्च पाउडर डालकर मिला लें। अब इसे गलास में आधी मात्रा में डालकर उसमें लिम्का

डालकर और बाद में काला नमक ड़ालकर साथ-साथ ही पी लें।  

संस्कार


कहते हैं कोई भी दरख्त तभी तक फलता-फूलता है जब तक वो  जमीन से जुड़ा हो, वहीं से अपनी खुराक और पहचान  मिलती है, लेकिन वो यदि अपनी जमीन को ही  भूल जाए, तो उसका विनाश निश्चित है। समय के साथ बदलाव जरूरी है।  लेकिन वो तभी  तक फलदायी होंगे जब तक जमीन से जुड़े होंगे।  आज की युवा पीढ़ी जिस तरह से आधुनिकता की पीछे दौड़ रही है, वो साथ ही अपने

संस्कार भी भूलती जा रही है।  याद रहे हम जैसा बीज बोयेंगे, वैसा ही हमें फल भी मिलेगा।

शब्द

ऐसे ही हमें शब्द की महत्वता को भी  समझना जरूरी हे। एक शब्द ही हैं जिन्हे हम अपनी भावना को ब्यक्त करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। याद रहे,  शब्दों का चयन ही हमें सामने वाले के ऊपर हमारे  ब्यक्तित्व की छाप छोड़ता है। किसी ने सही कहा है …

शब्द से ख़ुशी

शब्द से गम

शब्द से पीड़ा

शब्द ही मरहम।

धन्यवाद






नेताओं की फिसलती जुबान …


नेताओं की फिसलती जुबान …

आज सुबह पंडित जी के पास जाकर मिलने  को दिल किया, कुछ चुनावों की हलचल के बारे में सुनते हैं, आज क्या हैं उनके विचार, ये जानने की कोशिश में मैं सुबह- सुबह उनके घर पहुंच गया, कहीं निकल ना जाएँ।  जैसे ही बेल बजाई,  उनका बेटा  गेट पर आया।  मैंने पंडित जी के बारे  में पूछा तो कहने लगा, अंदर आ जाइए पंडित जी पेपर पढ़ रहे हैं, थैंक्स गॉड, मेरे मुंह से अनायास निकल पड़ा। कुछ कहा आपने लड़के ने पलटकर मुझसे पूछा। मैंने संभलकर

कहा  नहीं ऐसी कोई बात नहीं। पंडित जी पेपर में ऐसे खोये थे जैसे उसमें कोई वस्तु ढूंढ रहे हों। प्रणाम,  पंडित जी उनके घुटने को हाथ लगाते  हुए मैंने कहा।  पंडित जी ने हमेशा की तरह बिना मुझे देखे, और बच्चू क्या हालचाल  हैं, ठीक हूँ पंडित जी आपकी दुआ है।

हूँ … पंडित जी ने पेपर  टेबल पर रखा, और  मेरी और मुखातिब होते हुए बोले, क्या खबर लाये हो, खबर क्या लानी थी, सारी खबरें तो आपके ही पास होती हैं, हम तो बस  यूँ ही आपसे मिलने आ जाते हैं।

आज मन किया आपसे मिलने को, आ गए … !

मैंने पल भर के  लिए पंडित जी को देखा, और  लम्बी साँस ली, और सहज होने की कोशिश में …

अपनी बात शुरू करते हुए,  एक बात याद आई पंडित जी, सुप्रीम कोर्ट ने मोदी जी की बायोपिक मूवी को  रिलीज करने वाली याचिका ये बोलते हुए ख़ारिज कर दी कि चुनाव आयोग के फैसले को हम नहीं मोड़ेंगे, यानि कि  अब मोदी जी की  मूवी रिलीज नहीं होगी।  ऐसे में अब बीजेपी वालों के तो मंसूबों पर तो पानी फिर गया।  इसमें पानी फिरने जैसी क्या बात है, पंडित जी ने अपनी उँगलियाँ सिर के

बालों में फेरते हुए कहा। देख बच्चू एक बात ध्यान से सुन मोदी के बारे में सारे देशवासी पहले से अच्छी तरह  जानते हैं,  जिसने  एक बार मन बना लिया कि  मैंने  फलानी पार्टी को अपना वोट देना है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता है।   हाँ वो  तो है, पंडित जी की  बात से सहमति जताते मैंने बोला। अच्छा पंडित जी पिछले दिनों प्रियंका  गाँधी ने वाराणसी से मोदी की खिलाफ चुनाव में खड़े होने को बोला था, अब  उन्होंने वहां से खुद ना  खड़े होकर अपनी पार्टी के अजय राय को मोदी के खिलाफ चुनाव में उतार दिया है। कुछ समझ नहीं  आया।   अबे बच्चू इसमें समझने वाली क्या बात है ,  तूने लगता है  वाराणसी में

मोदी का रोड शो नहीं  देखा, हाँ हाँ वो तो देखा था, उसमें बड़ी भीड़ थी, लेकिन पंडित जी  कांग्रेस वाले तो बोल रहे हैं की बीजेपी  वालो ने प्रायोजित भीड़ इकठ्ठी करी  थी। बच्चू तू ये बता फिर क्यों नहीं प्रियंका मोदी के खिलाफ मैदान   में उतरी।  मैं  समझा नहीं पंडित जी, हूँ …. देखते हुए पंडित जी बोले उसको पार्टी ने यूपी में और जगह  घूमने, प्रचार करने का जिम्मा दिया हुआ  है। लेकिन पंडित जी वाराणसी भी तो यूपी में है।  तो फिर .. ? पंडित जी मेरी और मुखातिब होकर बोले, सुन बच्चू यहाँ पर उन्हें सब पता है मोदी ने यहां क्या- क्या काम   करवाए हैं। वाराणसी में हिन्दुओं की आस्था केंद्र गंगा नदी के पानी, घाट, चौड़ी सड़कें  या बिजली की समस्या, साफ सफाई, बुनकरों इसके अलावा देश में हाल ही में हुई ताजी एयर स्ट्राइक जैसी घटना ये सभी लोग जानते  हैं, और जब हवा  मोदी  की तरफ हो, ऐसे में कांग्रेस ने रिस्क जरूर लेना था .. ?

हाँ, पंडित जी समझ गया, इसका मतलब  अजय राय को कांग्रेस वालों ने खड़ा करके  बलि का बकरा बना दिया। जबकि  पिछली बार उसकी जमानत भी जब्त हो गयी थी।  मैंने देखा पंडित जी मेरी तरफ देखकर मंद मंद मुस्कुरा रहे थे।    उनका ऐसी स्थिति में यही अंदाज होता  है, जब उन्होंने कुछ ना बोलना हो।

अच्छा पंडित जी ये बिहारी शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा  पटना में जिन्ना की तारीफ कर गए। अबे बच्चू अभी उन्होंने घर बदला है,,  जुबान भी तो फिसलेगी। मैं अपनी आदतवश बीच में बोलता हुआ., हाँ … याद आया उन्होंने ये बोला कि गलती से मेरी जुबान फिसल गई।  जुबान फिसलने वाली बात तो उन्होंने बाद में कही, वो भी जब बीजेपी और मीडिया वालों ने उनकी आलोचना करनी शरू कर दी, और उनकी पार्टी ने भी उनसे जवाब मांग लिया,  पंडित जी  बोले।

अच्छा  पंडित जी बीजेपी ने पंजाब में गुरदासपुर से सन्नी देओल को चुनाव में उतार दिया है, तो फिर ..?

पंडित जी ने मेरी तरफ देखते हुए तपाक से बोले, उनके तेवर को देखते हुए मैंने सहमते हुए….. कैप्टन साहबं  ने सन्नी के  बारे में बोल दिया उसका यहां कुछ नहीं बनना, वो वापस मुंबई भाग जायेगा। भाग जायेगा ..?

 पंडित जी  ने पूछा, तूने बच्चू सिद्धू का  ताजा बयान नहीं सुना, जिसमें सिद्धू ने सन्नी  के बारे में  कैप्टन के  उलट सीधा बोल  दिया  है, कि उसका असर और  भी सीटों  पड़ेगा। लेकिन पंडित जी कहीं बाद में सिद्धू भी ना बोल दे, मेरी गलती से जुबान फिसल गयी थी। अबे बच्चू एक बात सुन ये चुनावी समर हे अब ऐसे में नेताओं की जुबान तो फिसलेगी ही, हमारी थोड़े ही फिसलेगी। बाकी कई बार मुँह से सही बात  निकल ही  जाती है।

अच्छा पंडित जी आज की ही खबर है सज्जन कुमार जिन्होंने अकाली सरकार के खिलाफ नशे को लेकर एक गीत लिखा था, और उनका गीत मुंबई के प्रसिद्ध गायक आलमगीर खान ने गाया था, आज उसी अकाली पार्टी में शामिल हो गए हैं।

तो इसमें कौन सी बड़ी बात है बच्चू,ये भी तो  हो सकता है वो गीत उन्होंने शायद नशे की हालत में लिख दिया हो। और रही बात उनके अकाली पार्टी में जाने की, देख बच्चू .. चुनावी समर में इधर – उधर पलटियां तो लगती रहती हैं, वक्त के साथ जमीर भी बदल जाते हैं। सोचने लगा, हैं तो पंडित जी घाघ ही, अपनी हाजिरजवाबी से सामने वाले की एक बार तो बोलती बंद करवा ही देते हैं।

इतने में पंडित जी के मोबाइल की रिंग बजी, हाँ, हाँ आ जाओ, मैंने भी समय को भांपते हुए पंडित जी विदा लेने में भलाई समझी, और फिर से मिलने के वादे के साथ विदाई ली।

कविता


एक अकेला पार्थ खड़ा है

भारतवर्ष बचाने  को

सभी विपक्षी साथ खड़े हैं

केवल उसे हराने को

भ्रष्ट दुःशासन सरूपनखा ने

मायाजाल बिछाया है

भृष्टाचारी जितने कुनबे

सबने हाथ मिलाया है

समय भयंकर होने वाला

आज दिखाई  देता है

राष्ट्र धर्म का क्रंदन

चहुँ  और दिखाई देता है

फेंक रहे हैं सारे  पांसे

जनता को भरमाने को

चीन और नापाक चाहते

भारत में अंधकार बढ़े

हो कमजोर भारत की सत्ता

अपना फिर अधिकार बढ़े

आतंकवादी संगठनों का

दुर्योधन को साथ मिला

सारे  जयचंद साथ में बैठे

केवल उसे मिटाने  को

भोर का सूरज निकल चुका  है

अंधकार घबराया है

कान्हा ने अपनी लीला में

सबको आज फंसाया है

कौरव की सेना हारेगी

जनता साथ निभाएगी

अर्जुन की सेना बनकर के

नैया पार  लगाएगी

ये महाभारत फिर होगा

हाहाकार मचाने को

सभी विपक्षी साथ खड़े हैं

सिर्फ, मोदी को हराने को। 

ज्योतिष चर्चा , प्रारंभिक ज्ञान


ज्योतिष चर्चा , ( वर्माचार्य ) पंचांग (ज्योतिष ज्ञान) 

हैलो  भाइयों व् बहनों, कैसे हैं आप …

आपने  अक्सर पंचांग के बारे में सुना होगा, आज में आपको ज्योतिष से संबंधित ‘ पंचांग ‘ के बारे में मुख्य बातें बताता हूँ, पंचांग जैसा कि नाम से ही उदृत है।   पंचांग यानि पांच विषय :  तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। इन पांचों के आपस में एकत्र होने से शुभाशुभ फल प्राप्त होते हैं समय के शुभाशुभ जानकारी के द्वारा महूर्त  निकला जाता है। और महूर्त दो प्रकार के होते हैं।

१.. सामान्य महूर्त।

२… विशिष्ट मुहूर्त।

१.. सामान्य महूर्त :- इस महूर्त में चौघड़िया, अभिजीत आदि का विचार किया जाता है।

२.. विशिष्ट महूर्त :- इस महूर्त में जातक की राशिनुसार, नक्षत्रानुसार, तिथि, वार आदि का विचार किया जाता है। इसके द्वारा महूर्त में वाहन की खरीदारी, नौकरी का चार्ज लेना व देना और नवीन वस्त्रों की खरीदारी आदि।

तिथि — चन्द्रमा की एक कला को तिथि कहते हैं। जो कि सूर्य व चन्द्रमा के अंतर  से बनती है।  जब भचक्र (Zodiac) में सूर्य और चन्द्रमा की आपसी कोणीय दुरी o डिग्री  ( जीरो ) अंश पर होती है, तो प्रथम तिथि का आरम्भ होता है। और जब सूर्य, चन्द्रमा के परिभ्र्रमण के अंतराल आपस में १२ डिग्री (अंश) के कोणीय अंतर् में आते हैं तो प्रथम तिथि का अंत होता है, और दितीय तिथि का आरम्भ होता है। इस प्रकार o -१२ अंश तक प्रथम तिथि, १२-२४ अंश तक दितीय तिथि, २४-३६ अंश तक तृतीय तिथि, इसी प्रकार जब १०८ से १८० अंश

तक अंतर् होता है तो पूर्णिमा यानि पूर्णमासी होती है। इसी प्रकार पूर्णिमा के बाद १८० -१९२ अंश तक फिर प्रथम तिथि और क्रमशः जब ३४८ से ३६० अंश के अंतराल तक अमावस्या होती है। इस प्रकार एक माह में ३० तिथियां होती हैं। इस प्रकार तिथियों की गणना शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानि प्रथम तिथि से आरम्भ

होती है।  अमावस्या के बाद की प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियां शुक्ल पक्ष की तथा  पूर्णिमा के बाद की प्रतिपदा से आरम्भ करके अमावस्या तक की तिथियां कृष्ण पक्ष की होती हैं।

इस प्रकार एक  माह में दो पक्ष होते हैं, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।

बाकी फिर बाद में….  

If you are going to roam your car in the car during these summer holidays …


Summer has started, in these days, mercury also reaches 45,46 degrees Celsius. And such a pillar of the house, birds in a pot of water on the terrace Keep the water, as well as millet, etc. for sure. Take care of these little work from these thirst of hunger and hunger can be erased.


After a few days, the children also have to leave. Many people shaken with such children Hill stations and so on. or go to their relatives. Anywhere in before moving, it is necessary to take care of your car, carriage your car, a car in a kenny
Take the water with you, if you need to put your car in the car, water in the car may have to be. Your car, car service, water in the battery, air in the tires and petrol or diesel do not forget to drag it. Keep this in mind, never car, while packing oil in the tank. get it checking essential coolant in engine oil, AC gas, cooling and radiator etc.
Do not forget to do it Keep in mind that this coolant helps keep the car cool while it is hot. Its besides, if you have to park your car, train somewhere, where there is sunshine
In such a way, after parking the car, the car would not completely stop the mirror completely keep a little less than half an inch open. With this gas accumulates in your car, air in the car – crossing It will not be possible, as well as cold from inside. Apart from this, if your pollution certificate if the date has passed, then do not forget to make a certificate again. On the way you remember you invoices somewhere do not fill up.
By paying attention to these essential things, you will be able to enjoy your car and the rest of the journey in the car.
Send feedback
History
Saved
Community

आप इन गर्मी की छुटियों में अपनी कार, गाड़ी में घूमने यदि जा रहे हैं तो …



इन दिनों में पारा भी ४५,४६ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। और कुछ दिनों के बाद बच्चों की भी छुटियाँ होने को हैं। कई लोग ऐसे में बच्चों के साथ हिल स्टेशन आदि घूमने चले जाते हैं। या अपने रिश्तेदारों के पास चले जाते हैं। ऐसे में कहीं भी जाने से पहले जरूरी है अपनी कार, गाड़ी की सही देखभाल की।

गर्मी में कुछ जरूरी और कुछ छोटे छोटे काम जरूर करें, जानें –

गर्मी शुरू हो गयी है, और ऐसे में घर के गेट के पिलर, छत पर एक मिटी के बर्तन में पक्षियों के लिए पानी, और साथ ही बाजरा आदि जरूर रखें। ध्यान रहे हमारे इस छोटे से काम से इन परिंदों की प्यास और भूख मिट सकती है।

अपनी गाड़ी, कार में एक केनी में पानी भरकर साथ लेजाएं, इससे ये होगा रास्ते
में आपको अपनी गाड़ी, कार में पानी डालने की आवश्यकता पड़ सकती है। अपनी कार, गाड़ी की सर्विस, बैटरी में पानी,टायरों में हवा और पैट्रोल या डीज़ल डलवाना न भूलें। इस बात का ध्यान रहे कभी भी कार, गाड़ी में तेल डलवाते समय टंकी फुल न करवाएं।
इंजन आयल, ए सी की गैस, कूलिंग और रेडिएटर में सही मात्रा में कूलेंट आदि जरूरी चैकिंग करवाना ना भूलें। ध्यान रहे ये यही कूलेंट गाड़ी को गर्म होने पर ठंडा रखने में मदद करता है।

इसके अलावा यदि आप को अपनी कार, गाड़ी कहीं ऐसी जगह पार्क करनी पड़ रही हैं, जहां पर धूप हो, तो ऐसे में गाड़ी पार्क करने के बाद कार, गाड़ी के शीशे पूरी तरह से पूरी तरह से बंद ना करके थोड़े से यानि आधा इंच से थोड़े से कम खुले रखें। इससे आपकी गाड़ी, कार में हवा आर – पार होने से गैस इकठ्ठी नहीं हो पायेगी, साथ ही अंदर से ठंडी भी रहेगी। इसके अलावा यदि आपके पोलुशन सर्टिफिकेट की डेट निकल चुकी है, तो दोबारा सर्टिफिकेट बनवाना ना भूलें। याद रहे रास्ते में कहीं आपको चालान न भरना पड़ जाये।
इन जरूरी बातों को ध्यान देने से आप अपनी कार, गाड़ी में सफर का निश्चिंत होकर आनंद ले पाएंगे।

Somewhere you are not interested in e cigarette …


Either you drink something e-cigarette, if yes, then be careful.

Many diseases including cancer can be prey

The new generation of smoking e-cigarettes used by the youth of today, running behind modernism He started doing this Generally, the e-cigarette youth in the market for reducing cigarette addiction Between now is very much liked, but it is also dangerous like smoking.

E cigarette i.e. electronic inhaler, which contains nicotine and other chemical mixed liquidgoes. However, this new incarnation of smoking e-cigarette can also be harmful to health. A research According to the e-cigarette, there may be factors of asthma and other diseases including the risk of lung it happens. In one study, researchers from Harvard University of America published 75 popular products of e-cigarette Included. These included once-used and refurbable products. study

Endotoxin was found in 27% of products. It is a microbial agent, which is available on Gram-negative bacteriais found . At 81 percent of the products, glucon particles were found. now, to understand glucose, glucon is mostly Fungus cells get on the walls. According to scientists, the presence of these elements in e-cigarette products It is enough to tell that due to them there may be other diseases of asthma and lungs.

The chemicals involved are deadly; those who use lung cancer and popcorn lungs due to its side effectsThe hazard is growing rapidly. Dr. Sudhir Chaudhary, Professor of Researcher Medicine, GSVM, on the Side Effects of E-Cigarette are doing. According to him, e-cigarette youth, young women and pregnant women are also using. Its production company

It is not harmful for your business profit, while it is equally harmful to cigarettes.

How e-Cigarette works:

The inhaler transforms this liquid into steam by the power of the battery so that the drinker feels like drinking cigarettes. but

The liquid that is filled in e-cigarette contains mostly nicotine and is often more dangerous than are chemicals. Therefore, e-cigarettes can not be considered safe in terms of health.

Yu e-cigarette was manufactured in China in 2003. It is a battery-powered nicotine delivery device. in this, the liquid substance, which is called steam, is pulled from the mouth after heating. Well it was made by thinking that without low amount of nicotine will go up to Taur or Carbon lungs. For the sake of their business, those who make it have adopted such methods,

Which leads to excessive nicotine going into the lungs.

It contains liquid nicotine. Nicotin is a addictive substance so drinkers get addicted to it. Just a few days

After using it, if the drinkers stop drinking it, then they start having problems of discomfort and confusion. Nicotine can not be considered absolutely safe for heart and respiratory patients.

The quil is used to heat the vapor of e-cigarette. Nicotine, Formaldehyde, Fenale,

Tin, nickel, copper, lead, chromium, arsenic and dye acetyl metal.

This is called popcorn lungs due to the emergence of a popcone in its lungs. And later cancer Become victims.

There is a perception among many people that there is no Tobacco in it, but this is their illusion, in which the liquid is in it

Chemical is mixed nicotine. And nicotine also contains common cigarette tobacco.In today’s major cities, the trend of e-cigarette and hookah bars has increased rapidly. Flavored e-liquid in the hookah bar Occurs while in the form of chemical vapor in e-cigarette. Both the harmful dye acetyl chemical (butter – As those who used to mix in popcones, are now restricted). Popcone on the emergence of a popcone in the lungs with its intake. Lungs say. This disease is called the brachyolitus albitren. In this small lymph nodes of the lungs shrinkWhich are later converted into ILD. Young and women rapidly lunging in its grip Are becoming victims of the disease. The result of any remembrance remembered is always dangerous. And if you Once the bar has come in its way, it can be very difficult to get out of it.

Today the young generation that has come under its control to make its future safe and healthy Need to, get out of this as soon as possible.

Send feedback

History

Saved

Community