डिवाइस की मदद से गर्मी में ठंडी करें कार


इस छोटी सी डिवाइस की मदद से आपकी कार देगी गर्मी में सर्दियों जैसी ठंडक, कीमत 320 रु से शुरू गर्मी शुरू हो चुकी हे।

बच्चों की भी छुटियाँ होने को हैं। और हमेशा की तरह लगभग सभी अपने परिवार के साथ कहीं  हिल स्टेशन या रिश्तेदारी में अपनी कार में घूमने चले जाते हैं। या आप अपनी जॉब या बिजनेस के लिए जाते हैं। तो गर्मी  में कार को ठंडा रखने के लिए एसी तो चहिये ही होता है, और कई बार तो एसी भी प्रचंड गर्मी में काम करना बंद देता है। और तो और जब आदत हो ठंडी कार में बैठने की तो परेशानी होना लाजिमी है। ऐसे में सफर का सारा मजा ही किरकिरा हो जाता है।  अब मार्किट में इसी प्रॉब्लम को दूर करने की एक ऐसी  टेक्नोलॉजी

 आ गई हैं, जिनके इस्तेमाल से आपको काफी  फायदा पहुंच सकता है  और वह आपकी जेब पर भी ज्यादा असर नहीं डालती। तो आइए जानते हैं इस डिवाइस के बारे में जो आपकी कार में AC की हवा को और ठंडा कर देता है। सोलर फैन

के इस्तेमाल से शाम के समय आपको अपनी कार में AC चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सबसे अच्छी बात तो यह है कि जिस चिलचिलाती गर्मी से आप परेशान होते हैं, अब वही गर्मी इस सोलर फैन की वजह से आपके काम आ रही है। अब आप तेज धूप में भी अपनी गाड़ी पार्क कर सकते हैं। सोलर फैन के इस्तेमाल से आप कार की गर्मी भी बाहर फेंक सकते हैं। सोलर फैन की सबसे खास बात है कि यह आपकी कार को कुछ ही मिनटों में काफी ठंडी कर देता है और आपके ईंधन की खपत भी नहीं करता। AC चलाते समय अगर आप सोलर फैन का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी कार की ठंडक दोगुनी कर देता है।

 आइये जानते हैं आखिर सोलर फैन  क्या होता है … ?

सोलर फैन एक तरह का  मैकेनिकल फैन होता है, जो सोलर पैनल्स से संचालित होता है। यह सोलर पैनल्स या तो डिवाइस द्वारा चलते हैं  या फिर अपने आप ही स्थापित रहते हैं। सोलर फैन्स को दूसरा पावर स्रोत सोलर पावर होता है, और ज्यादातर इसे दिन के समय ठंडक देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, कभी-कभी इसे हीटिंग पर्पज के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह सबसे तेज तब चलता है जब बाहर की गर्मी तेज हो। यह एयर कंडीशन की लागत को भी कम करता है।

कार में लगाने के लिए अच्छे सोलर फैन की शुरुआती कीमत 350 रुपये होती है। इसके बाद इसकी कीमत 700 से 800 रुपये तक जाती है। वहीं, अगर आप  बैटरी वाले सोलर फैन को खरीदते हैं, तो इनकी कीमत 1500 रुपये से शुरू होती है जो कि 3500 रुपये तक जाती है। कार के लिए इन सोलर फैन्स को आप बाजार में किसी भी कार केयर शॉप से खरीद सकते हैं। इसके अलावा   आप इन्हें अमेजन के जरिए भी खरीद सकते हैं।

If you are young, then stay alert with the possibility of cholesterol …


Do you know …? Increasing cholesterol is so fatal for health. Usually thinkingIt is taken, that problems of cholesterol increases only in mature age. While nowadays

due to the lifestyle of the life of cholesterol, even among 18-36 years of age are coming and ignoring it can be life- threatening for the victims. Due to this high blood pressure, arterial block, heart attack, brain stroke etc. can be dangerous and deadly diseases.

The body gives some hints as the body develops bad cholesterol. But young often these signals are more

ignorance by not paying attention or by saying things like normal thing. However, if these early symptomsif you look after your appearance and make changes in your life style, then by

Can be left out of the dangers that occur. Let’s know the signs of increasing cholesterol in youth may be. If you are having difficulty walking or stairs, or have worked harder before

by now, we feel tired, in which breath blossoming, beating grow very fast and from inside feeling weak, it can be an indication of cholesterol increases in the body. Many times in lining in hands and feet, ants also feel like a creep. Actually, that is when the body the plaque is deposited in the arteries inside, in the parts where the oxygen-rich blood is unable to reach jingle starts to be cold. If you see signs and symptoms like shrieking in hands and feet in such a situation, you should definitely check cholesterol immediately.

In addition, if the neck, back and abdominal abdominal pain are ignored. Because

We understand that this pain may have been done by sitting or slanting gold, sitting. While it has been seen that these parts of the body normal pain can also be a sign of increased cholesterol. Jaw and chest the pain can be an early symptom of heart attack.

Apart from this, the appearance of skin on the skin above the eyes, like yellow spots or scalp, is also a cup in the body;

Cholesterol is an indicator of growth. Even when the amount of fat increases in the blood, it also happens. These yellow spots

Also indicates diabetes.

If you have occasional restlessness, and sweat on the forehead and body, even then cholesterol is a sign of growing. In fact, because of high cholesterol, blood is enough till the heart does not reach the amount, due to which the heart starts pumping blood in a small amount. Due to this to breathe, uneasiness, fatigue and sweating start to come.

Today’s youth should definitely check cholesterol once in 22 years of age. and if you if anyone has a problem in cholesterol to someone in the family, then it is a matter of concern for you.

In such a case, consult a doctor. Apart from this, special attention to your diet

the wanted. And if regular attention is taken during the routine check-up, you will not only Will be able to live away from a life-threatening illness, but will spend happily ahead of time

यदि आप युवा हैं तो फिर भी कोलेस्ट्रॉल की संभावना से रहें सचेत …


क्या आप जानते हैं …?  कोलेस्ट्रॉल बढ़ना सेहत के लिए कितना घातक  होता है। आमतौर पर यही सोचलिया जाता है, कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्याएं सिर्फ प्रौढ़ा अवस्था में ही  होती है। जबकि आजकल की लाइफ स्टाइल की वजह से

१८-३६ वर्ष तक के युवाओं में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्याएं सामने आ रही हैं। और इसकी अनदेखी करनी इससे पीड़ितों  के लिए जानलेवा हो सकती है। इसी के कारण हाई ब्लड प्रेशर, आर्टरी ब्लॉक, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक आदि

खतरनाक और जानलेवा रोग हो सकते हैं।

शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से शरीर कुछ संकेत भी देता है। लेकिन युवा अक्सर इन संकेतों की और ध्यान ना देकर या यूँ कहें सामान्य सी बात समझकर इग्नोर कर देते हैं। हालांकि यदि इन शुरुआती लक्षणों के दिखने पर ही यदि आप संभल जाएँ और अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव यानि सुधार कर लें, तो इनसे

होने वाले खतरों से भी बचे रह सकतें हैं। आइये जानते हैं युवाओं में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल के लक्षण कौन से हो सकते हैं। 

अगर आपको पैदल चलने  या सीढ़ियां चढ़ने में मुश्किल आ रही है, या पहले की तुलना थोड़े से परिश्रम करने से ही अब थकान महसूस करते हैं, जिसमें साँस फूलना, धड्कनों का बहुत तेज बढ़ जाना और अंदर से कमजोरी महसूस होना, तो समझिये ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत हो सकता है। इसमें कई बार

हाथ -पैरों में झनझनाहट, चींटियां रेंगनी जैसा महसूस भी होता है। दरअसल होता ये है कि जब शरीर के अंदर धमनियों में प्लाक जमा हो जाता है, तो जिन अंगों में ऑक्सीजन युक्त ब्लड नहीं पहुंच पाता, वहां झनझनाहट सी होने लगती है। यदि आपको हाथ -पैरों में सिहरन जैसे लक्षण और लक्षणों के साथ दिखें तो

ऐसे में तुरंत  कोलेस्ट्रॉल की जाँच जरूर करवानी चहिये।

इसके अतिरिक्त यदि गर्दन, पीठ और  पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होने को नजरअंदाज कर देते हैं। क्योंकि हम समझते हैं ये दर्द आड़ा या तिरछा सोने, बैठने से हुआ होगा। जबकि ये देखा गया है कि शरीर के इन हिस्सों में होने वाला सामान्य सा दर्द भी बड़े हुए कोलेस्ट्रॉल का ही संकेत हो सकता है। जबड़ों और सीने में होने वाला दर्द हार्ट अटैक का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

इसके अलावा आँखोँ के ऊपर की त्वचा पर पीले धब्बे या पपड़ी जैसे त्वचा का दिखना भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत होता है। जब वसा की मात्रा खून में बढ़ जाती है तब भी  होता है।  ये पीले धब्बे डायबिटीज होने का भी संकेत देता है।

यदि आपको कभी कभार बेचैनी होती हो, और माथे और शरीर पर पसीना निकलने लगता है, तो भी ये कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत है। दरअसल कोलेस्ट्रॉल ज्यादा बढ़ जाने की वजह से खून दिल तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचता, जिस वजह से दिल कम मात्रा में खून को पंप करने लगता है। इसी के कारण ब्यक्ति

को साँस लेने में बेचैनी, थकावट और पसीना आने लगता है।

आज के युवा को चहिये वो २२ साल की ऐज में एक बार कोलेस्ट्रॉल की जाँच जरूर कराएं। और यदि आपके परिवार  में  किसी को किसी को कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की प्रॉब्लम रही है तो ये आपके लिए चिंता का विषय है। ऐसे में किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चहिये। इसके अलावा अपने आहार-विहार पर ध्यान देने की विशेष आवश्यकता है। और यदि समय रहते नियमित जाँच, आहार-विहार पर ध्यान दिया गया, तो आप ना केवल जानलेवा  बीमारी से दूर रह सकेंगे, बल्कि आगे का समय आनंद पूर्वक बिता पाएंगे।

गर्मियों में लू से कैसे बचें …


लू लगने के और भी कारण हैं : जैसे कि गर्मी के मौसम में खुले शरीर, नंगे सिर और  पैरों से धूप में चलना, तेज गर्मी

मई का महीना शुरू हो चुका  है, और सूरज की चिलचिलाती धूप में  अपनी प्रखर किरणों की तीव्रता से पृथ्वी  पर अधिकांश जगहों पर अपनी गर्म हवाओं यानि लू  नमी को पूरी तरह सोख लेता है, और लू में रूखापन होने से मनुष्य के शरीर के भी ताप  में वृद्धि कर  देता है। ऐसे में यदि लू शरीर को लग जाए तो इससे रोग होने की संभावना बढ़ जाना लाजिमी है। जिसमें चक्कर आना, घबराहट, नकसीर- आना, सनबर्न, घमोरिया और उलटी – दस्त आदि रोग हो जाते हैं। इसके अलावा इन रोगों के होने के और भी कारण हैं : जैसे कि गर्मी के मौसम में खुले शरीर, नंगे सिर और  पैरों से धूप में चलना, तेज गर्मी में खाली पेट या प्यासे बाहर जाना, कूलर या AC में से तुरंत निकल कर सीधे धूप में जाना, बाहर धूप से

घर में आकर तुरंत ठंडा पानी पीना, या धूप में से आकर सीधे कूलर, एसी में बैठ जाना, और इसके अतिरिक्त गर्म खाना, तेज मिर्च मसाले, शराब या ज्यादा टाइट सिंथेटिक कपड़ें पहनने से भी गर्मी के रोगों को बढ़ावा मिलता है।

ऐसे में हम इन छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखेंगे तो गर्मियों के रोगों  से ना केवल मुक्ति पा  सकेंगे अपितु गर्मी का भरपूर आनंद ले सकेंगे।

कहते हैं ना, सही आहार विहार से बचाव होता है – अब हम देखते हैं हमें क्या करना होगा —

सूरज की किरणें इन दिनों प्रचंड होती हे, ऐसे में हमारे शरीर में जरूरी तत्व होने जरूरी है अतः गर्मी में मीठा ठंडा पानी ज्यादा मात्रा में पीना जरूरी है।

गर्मी में हमेशा कॉटन और  हल्के रंग के  कपड़े ही पहनें।

घर से बाहर जाते समय शरीर व  चेहरे को कपड़े से ढक कर ही बाहर जाएँ। हो सके तो हाथों में लॉन्ग ग्लव्स का  इस्तेमाल करें।

घर से बाहर जाते समय सिर पर रुमाल, सूती कपड़ा या छाते से  ढंक कर जाएँ, व चेहरे को कपड़े से ढक कर रखें, व पानी जरूर साथ  लेकर जाएँ।

प्याज का सेवन ज्यादा करें, इससे लू से बचाव होता है।

गर्मी में पानी में नीम्बू, काला या सेंधा नमक और थोड़ी गुड़ से बनी शकर डालकर पियें, और पानी में  रूह अफ़ज़ा डाल कर पियें। याद

रहे सफेद चीनी(sugar) सेहत को नुकसान

पहुंचाती है।

गर्मी में बाहर जाने से पहले खाली पेट बिलकुल न जाएँ, जरूरी मात्रा में पानी, नीम्बू पानी, खाना इत्यादि अवश्य खाकर जाएँ।

गर्मी में हल्का सुपाच्य व ताजा बना भोजन खाएं। बासी व भारी खाने से परहेज करें। क्योंकि गर्मी में जठराग्नि मंद रहती है। जिस वजह से खाना पूरी तरह पच नहीं पाता। इसके अलावा जरूरत से कम खाना ही खाएं।

बाहर जाने से पहले सनबर्न क्रीम अपने चेहरे पर लगा लें, इससे चेहरे की स्किन को धूप से नुकसान होने से बचाव होगा। 

गर्मी में दही, दही से बनी लस्सी, , गोंद कतीरा   को शिकंजवी में डालकर पियें।

जों के सत्तू को पानी में डालकर पियें। 

खसखस और मगज की ठंडाई लें।

इसके अतिरिक्त मौसमी फलों का जैसे कि आम, लीची,आदि को खाना ना भूलें।

आम और लीची गर्म होती है, इसीलिये आम को पहले पानी में कुछ देर डालकर ओर फ्रीज़ में ठंडा करके ही लें। इसी तरह लीची को भी ठंडा करके खायें। याद रहे लीची सीमित मात्रा में ही

खानी चाहिए, नहीं तो इससे पेचिश लगने की सम्भावना रहती है।

ऑरेंज, मौसमी का जूस लें।  

यदि आप उपरोक्त छोटी लेकिन महत्वपूर्ण  बातों का ध्यान रखेंगे, तो गर्मी के मौसम का भरपूर आनंद बिना किसी रोग के ले पाएंगे। 

New Luanching Pulsar180F


बाइक की दुनिया में दूसरी  बड़ी कंपनी Bajaj Auto ने कुछ दिनों पहले Pulsar 180Fको लांच किया है।

इसे कंपनी ने नए डिज़ाइन और  रंग में पेश किया है।   Pulsar180F में अपनी ही  Pulsar180 के  इंजन को लगाया है,Pulsar180F का डिजाइन और लुक Pulsar 220F से प्रेरित है।

Pulsar 180F

 Bajaj Pulsar 180F की एक्स-शो रूम प्राइस  86,490 रुपये है। वहीं, Bajaj Pulsar 220F की दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत 98,694 रुपये है। Bajaj Pulsar 180F के फ्रंट में 260 मिलीमीटर का डिस्क

Pulsar 180

ब्रेक और रियर में 230 मिलीमीटर का डिस्क ब्रेक दिया गया है। हालांकि, इस बाइक में अभी ABS फीचर नहीं दिया गया है, इससे कुछ निराशा मिलती है।

Bajaj Pulsar 220F के फ्रंट में 260 मिलीमीटर का डिस्क ब्रेक और रियर में 230 मिलीमीटर का डिस्क ब्रेक दिया गया है।

Bajaj Pulsar 180F में 178.6 सीसी, 4-स्ट्रोक, 2-वॉल्व, ट्विन स्पार्क BSIV DTS-i, एयरकूल्ड इंजन दिया गया

है, जो 8500 आरपीएम पर 17.02 PS की मैक्सिमम पावर और 6500 आरपीएम पर 14.22 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इसका इंजन 5-स्पीड गियरबॉक्स से लैस है।

Bajaj Pulsar 220F में पावर के लिए 220 सीसी, 4-स्ट्रोक, 2-वॉल्व, ट्विन स्पार्क BSIV DTS-i, ऑयल कूल्डइंजन दिया गया है। इसका इंजन 8500 आरपीएम पर 20.93 PS की मैक्सिमम पावर और 7000 आरपीएम

Pulsar 220F

पर 18.55Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इसका इंजन 5-स्पीड गियरबॉक्स से लैस है।

Bajaj Pulsar 220F में एंटी-फ्रिक्शन बुश के साथ टेलिस्कोपिक फॉर्क दिया है। वहीं, इसके रियर में 5-वे अडजस्टेबल नाइट्रॉक्स शॉक अब्जॉर्बर दिया है। जबकि Bajaj Pulsar 180F में एंटी-फ्रिक्शन बुश के साथ

टेलिस्कोपिक  फॉर्क दिया है। वहीं, इसके रियर में 5-वे अडजस्टेबल गैस-चार्ज्ड मोनोशॉक दिया है।

Xtreme 200S of Hero motocorp


बाइक की दुनिया में देश में बाइक बनाने वाली Hero Motocorp ने  देश में  Hero Xtreme 200S मॉडल लांच कर  दिया। वो भी किफायती प्राइस में। कंपनी ने दिल्ली में एक्स शो रूम प्राइस  ९८,५०० रूपए रखी है। actualy  में Hero Motocorp ने नई Xtreme 200S कंपनी की  Xtreme 200R नेकेड स्ट्रीटफाइटर का ही फुली-फेयर्ड वर्जन है, जिस को पिछले साल लांच किया था। लेकिन कंपनी ने अब इसमें नया लुक दिया है। नई Hero Xtreme 200S को Xtreme 200R की  तरह  ही बनाया गया है।

 विंडशील्ड के साथ एक पूरी तरह से नया चेहरा शामिल है। इसके अलावा एक ब्लैक प्लास्टिक हाउसिंग में पतला

नई Xtreme 200S समान ब्लैक एलॉय व्हील्स, सिंगल पीस सीट, किक-स्टार्ट लिवर, टेल सेक्शन और साइडपेनल्स डिजाइन के साथ आती है। Xtreme 200S के डिजाइन में जोड़े गए नए एलिमेंट्स में एक लंबी काली

सिंगल पीस हेडलैंप दिया गया है। दोनों तरफ Xtreme 200S के साथ नया फेयरिंग और साइडवॉल पर एक रिफ्लेक्टर स्ट्रिप दी गई है। और रही फीचर्स की बात फ्रंट, बाइक में फुल LED हेडलैंप, टेललैंप और ब्क्टविटवाला एक ब्रांड न्यू फुली डिजिटल LED इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, गियर पॉजिशन इंडीकेटर, ट्रिप मीटर और सर्विस रिमाइंडर एलर्ट दिया गया है।

नई Hero Xtreme 200S के पावर स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो इसमें 200cc एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है

जो 8000 rpm पर 18bhp की पावर और 6500 rpm पर 17.1 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस है।

सस्पेंशन ड्यूटीज की बात करें तो Hero Xtreme 200S टेलेस्कॉपिक फ्रंट फॉर्क्स और रियर में एक 7-स्टेप एडजस्टेबल मोनोशॉक के साथ आती है। ब्रेकिंग के तौर पर बाइक में 276mm फ्रंट डिस्क के साथ सिंगल चैनल ABS और रियर में एक 220mm डिस्क दी गई है। बाइक का वजन 149 kg है।

बुकिंग : बाइक की बुकिंग शुरू हो चुकी है और इसकी डिलीवरी मई महीने के अंत से शुरू हो जाएगी।

स्पोर्टी अपील के लिए Hero Xtreme 200S को आकर्षक कलर्स – स्पोर्ट्स रेड, मैपल ब्राउन और पैंथर ब्लैक में उतारा गया है।

गर्मियों में सुकून देते हैं ये परिधान ….


हल्के रंगों का गर्मियों में अपना महत्व है, और बात हो  फैब्रिक की, तो कॉटन के  कपड़ों से ज्यादा आरामदेय कोई नहीं हो सकता। रही बात स्टाइल की, उसमें नयापन समय के साथ होना  भी जरूरी है –

गर्मियों में कॉटन के  हल्के रंग के कपड़ों के साथ  नए प्रिंट, और पेस्टल रंगों के प्रिंट्स। आजकल फूलों

के छींट वाले कपड़े बहुत चलन में हैं।  इन्हें काफी पसंद भी किया जा रहा है। कुछ

इन  कपड़ों के नए ट्रेंड, डिज़ाइनस , हम यहां देख सकते हैं।  इन्हें देखकर आप

अपनी पसंद के डिज़ाइनस ले सकती हैं।  और यदि आप साड़ी ज्यादा  पहनना

पसंद करती हैं, तो उसमें भी कॉटन फैब्रिक्स में हल्के रंग वाले  प्रिंट- डिज़ाइनस की   साड़ियां मार्किट में मौजूद हैं।   

आज २ मई जयंती पर सत्यजीत रे की जयंती पर विशेष…..


एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी बंगाली फिल्म मेकर  सत्यजीत रे का जन्म  कोलकाता में २ मई १९२१ में

कला संबंधित परिवार में  हुआ।  और २३ अप्रैल १९९२ को वे दुनिया से  अलविदा हो  गए। वे दुनिया के अकेले  फिल्म  मेकर  हैं,  जिन्हें आजीवन सिनेमा की सेवा

के लिए विशेष ऑस्कर अवार्ड देने के लिए अकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स  एंड साइंस के अध्यक्ष खुद कोलकाता श्री रे को देने आये, और हॉस्पिटल में इन्हें दिया, क्योंकि उन दिनों श्री रे  काफी  बीमार थे।  इनके पिता, दादा लेखक, प्रकाशक थे। रवीन्द्रनाथ टैगोर के पिता के १९२३ में देहांत होने के बाद इनकी माता ने ग्रेजुएशन  के बाद इनको  रवीन्द्रनाथ टैगोर के कला संस्थान में कला –

संबंधित ज्ञान के लिए मनाया। अपना कोर्स पूरा करने  के बाद इन्होने ब्रिटिश विज्ञापन कंपनी में जॉब भी की। कंपनी की  तरफ से लंदन भी रहे।  जहां उन्होंने सिनेमाघरों में लगातार काम किया। जहाज में  बने  घर पर, इन्होने  अपनी पहली फिल्म, “पाथेर पांचाली,” और   “सॉन्ग ऑफ द रोड” का एक मसौदा लिखा, जो एक गांव के  विद्वान और हिंदू पुजारी के बेटे अपू की कहानी है। श्री रे  कोलकाता वापस आकर, फिल्म बनाने में जुट गए, और  बड़ी कठिनाइयों को झेलते हुए उनकी इस पहली फिल्म ने 1956 के कान्स फिल्म फिल्म समारोह में ग्रैंड प्रिक्स  जीता और अन्य  प्रतिष्ठित पुरस्कारों में भाग लिया। श्री रे ने विज्ञापन एजेंसी छोड़ दी, और पूर्णकालिक  फिल्मकार बन गए।

श्री रे ने न केवल कथा, पटकथा लिखी और अपनी सभी 3५ से अधिक फिल्मों का निर्देशन  किया, लेकिन साथ ही कलाकारों को भी तैयार किया, वेशभूषा डिजाइन की, संगीत बजाया और अंतिम  उत्पाद का संपादन और विज्ञापन में भी शामिल थे। वह पटकथा, कास्टिंग, स्कोरिंग, सिनेमैटोग्राफी, कला निर्देशन, और विज्ञापन में भी शामिल थे। उन्होंने बच्चों के लिए जासूसी कहानियां भी लिखीं और उनके दो पात्र फेलुदा, एक पेशेवर जासूस, और प्रोफेसर शोंकू एक वैज्ञानिक बहुत प्रसिद्ध हुए।

उनकी बंगाल में उत्तेजक फिल्मों की और लोग आकर्षित होते थे। विटोरियो डी सिका की फिल्म

साइकिल चोरों और फ्रांसीसी फिल्म निर्माता जीन रेनॉयर से मिलने के बारे में कहा जाता है कि वे उन्हें बहुत प्रभावित करते हैं।

श्री रे ने एक साक्षात्कार में कहा, “मेरी फिल्में” लोगों, उनकी समस्याओं और उनके रिश्तों से जुड़ी हैं। हंसी, आंसू वे दुनिया भर में एक ही हैं। “

अपने शानदार  कैरियर  में, रे ने 37 फिल्मों का निर्देशन किया, जिसमें फीचर फिल्में, वृत्तचित्र और लघु फिल्में शामिल थीं। उन्होंने अपनी पहली फिल्म, पाथेर पांचाली से 11 अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते, जिससे वह काफी फेमस हुए। निर्देशन के अलावा, वह पटकथा, कास्टिंग, स्कोरिंग, सिनेमैटोग्राफी, कला निर्देशन, संपादन और विज्ञापन में भी शामिल थे। उन्होंने बच्चों के लिए जासूसी कहानियां भी लिखीं और उनके दो पात्र फेलुदा, एक पेशेवर जासूस, और प्रोफेसर शोंकू एक वैज्ञानिक बहुत प्रसिद्ध हुए।

श्री  रे ने मुंशी प्रेमचंद की छोटी कहानी को और विस्तार देते हुए सन १९७७ में  शतरंज के खिलाडी को दो भाषाओँ हिंदी और इंग्लिश में बनाया। ये फिल्म रे की भव्य और  सबसे महंगी फिल्म थी, जिसमें बॉम्बे के पश्चिमी और हिंदी  सिनेमा के संजीव कुमार,  शबाना आज़मी, सईद जाफरी, अमजद खान और रिचर्ड एटेनबरो जैसे बड़े  सितारे थे। मुंशी प्रेमचंद की कहानी दो शतरंज  खिलाड़ियों

मिर्जा और मीर पर केंद्रित है  श्री, रे ने वाजिद अली शाह और  नरल आउट्राम के पात्रों का विस्तार करके और कुछ और पात्रों को जोड़कर कहानी का विस्तार किया।  रे ने  कहानी के समानांतर आकर्षित किया।  तथा ये  फिल्म उनकी सफल  फिल्मों में एक थी।

पुरस्कार और उपलब्धियां

उन्हें 1985 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

फ्रांसीसी सरकार ने उन्हें उनके सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, 1989 में ले’ ऑन’ ऑनोर से सम्मानित किया।

उन्हें 1991 में जीवन भर की उपलब्धियों के लिए मानद ऑस्कर मिला और उसी वर्ष उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित दुनिया भर के कई प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट प्राप्त हुए।

इनकी पत्नी का भी देहांत हो गया  था।  सत्यजीत का एक बेटा, संदीप, जो एक फिल्म निर्देशक भी हैं।

अनुष्का शर्मा,


जन्मदिन १ मई के दिवस पर विशेष …

बॉलीवुड की  शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार अनुष्का शर्मा का जन्म अयोध्या यूपी में एक आर्मी फेमिली बैकग्रॉउंड में हुआ। पिता आर्मी में अधिकारी थे। उनकी ट्रांसफर होने की वजह से अनुष्का ने आर्मी स्कूल बंगलुरु में पढ़ाई की। बीए और मास्टर इन इकोनॉमिक्स के बाद अनुष्का की शुरुआत लैक्मे फैशन वीक में लेस वेम्पस शो के लिए वेंडल रॉड्रिक्स का समापन मॉडल के रूप में चुने जाने से हुई। इसके अलावा व्हिस्पा, सिल्का और शाइन, नाथेला ज्वैलरी जैसे ब्रांडों की मॉडलिंग भी की।

किस्मत और प्रतिभा  की धनी अनुष्का शर्मा को बॉलीवुड में  २००८ में शाहरुख़  खान के साथ ‘ रब ने बना दी जोड़ी ‘ मूवी  से पहला ब्रेक मिला, और मूवी बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट साबित हुई। इस मूवी के लिए अनुष्का शर्मा को फिल्म फेयर अवार्ड के  लिए नामांकित किया गया। इसके बाद अनुष्का शर्मा बॉलीवुड की सबसे सफल, और सबसे ज्यादा प्राइस लेने वाली अभिनेत्रियों में शुमार हो गई। इसके अलावा अनुष्का ने ‘ लेडीज वर्सेस रिकी -बहल ‘ और ‘ बैंड बाजा बारात ‘ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का भी

पुरस्कार लिया। ‘ जब तक है जान ‘ मूवी में  इन्हें अभिनय के लिए सर्वश्रेस्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।इसके अलावा अनुष्का की और भी सफल फ़िल्में आई। 

फ़िलहाल अनुष्का के पिता रिटायर्ड अफसर हैं, व माँ गृहिणी हैं। एक बड़ा भाई   कर्नेश शर्मा जो मर्चेंट नेवी में था। उसने जॉब छोड़कर अनुष्का के साथ क्लीन स्टेट फिल्म्स  नाम से प्रॉडक्शन कंपनी बनाई, तथा बॉलीवुड में फिल्म प्रोडूसर है। 

सन २०१३ में अनुष्का शर्मा ने पहली बार शेम्पू की एड में विराट कोहली,  भारत के क्रिकेट कप्तान के साथ  शूट किया।  वहाँ से दोनों दोस्त बन गए। इसके बाद हैदराबाद के क्रिकेट क्रिकेट मैदान में अनुष्का की  मौजूदगी विराट के साथ  सुर्ख़ियों में आई। इसके बाद जब भी मौका मिलता अनुष्का

और विराट के  मिलने की खबरें अख़बारों में चर्चा का केंद्र बनने लगी। सन २०१७ में अनुष्का  और विराट शादी के  बन्धन में बंध गए। 

स्वभाव से हंसमुख अनुष्का शर्मा वेजिटेरियन है, और  सोशल मीडिया में भी एक्टिव   हैं। ट्विटर और  फेसबुक पर इनका अकाउंट है। हम इनके जन्मदिन  के  अवसर   पर दीर्घ आयु व सफल  कैरियर  की कामना करते हैं।