Hello brothers and sisters As you know that India is a country of festivals, people of many religions live here, all their own eaters

Celebrate with pomp. And every festival has its own importance, and behind it there is some story, history. Such
Only today I am telling about ‘Baashaakhi’. The Baishakhi every year on 13 or 14 April, Hindus and Sikhs have their own tradition
Celebrate according to
According to Hindu tradition, consider the beginning of New Year, and according to religion, the names of the months have been kept on the basis of Nakshatras.

According to the Hindu calendar, on the day of Baishakhi, the Sun enters the Aries, which is also its high amount,
Sarkrant also speaks And the first day of the month of

Baashaakh is called Baisakhi. According to Hindu religion, on this day the Ganga
Had landed on the earth So on this day bath in the Ganga has a different significance. That’s why bathing in the Ganga throughout the country on this day
The crowd is excited for it.
On the day of Sikhism, the last Guru of the Sikhs, Shri Guru Gobind Singh ji, to get rid of atrocities by the 1699 Mughals
Khalsa cult was established. On this day, bathing in holy rivers and lakes all over the country is of great importance. Kirtan, hymns in gurudwaras
Is organized. On this day, the excitement of happiness in the hearts of the peasantry in Punjab is rubbish
The harvesting of wheat regards the harvesting of wheat as auspicious on the yacht day. Places seem like conventional fairs, bhangra and giddhas are very popular.

 In its Alva Kerala, this festival is celebrated in the name of “Vishu”. Vishu Yani Vishnu God Of the day of Vishu
The key feature is “Visukarni”. Visukarni is called the tableau philosophy, whose visions are on the day of Vishu
It is done all over.
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” बैशाखी “

हैलो भाइयों और बहनों

जैसा की आपको पता है की भारत त्योहारों का देश है, यहां  पर कई  धर्मों  के लोग रहतें हैं, सभी अपने अपने त्याहारों को  धूमधाम से मनाते हैं। और हर त्यौहार का अपना महत्व है, और उसके पीछे कोई न कोई कहानी, इतिहास होता है। ऐसे

ही मैं आज ‘ बैशाखी ‘ के बारे में बता रहा हूँ। बैशाखी हर साल १३ या १४ अप्रैल को हिन्दू और सिख अपनी अपनी परंपरा के अनुसार मनाते हैं।

हिन्दू परम्परा के अनुसार नववर्ष की शुरआत मानते हैं,  व् धर्म के अनुसार महीनों के नाम नक्षत्रोँ के आधार पर रखे गए हैं। और हिन्दू पंचांग के  अनुसार बैशाखी के दिन सूर्य  मेष राशि में जो इसकी उच्च राशि भी है, में प्रवेश करता है, अतः इसे मेष सक्रांति भी बोलते हैं। और बैशाख मास के पहले दिन को बैशाखी कहते हैं। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा पृथ्वी पर उतरी थी। अतः इस दिन गंगा में स्नान का एक अलग ही महत्व है। इसीलिए इस दिन देश भर में गंगा में स्नान के लिए भीड़ उमड़ी होती है।

सिख धर्म में इस दिन सिखों के अंतिम गुरु  श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सन १६९९ मुगलों द्वारा अत्याचारों से मुक्ति पाने के लिए खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस दिन देश भर में पवित्र नदियों, सरोवरों में नहाने का बड़ा महत्व है।  गुरुद्वारों में कीर्तन, भजन का आयोजन होता है। पंजाब में किसानों के दिलों में इस दिन ख़ुशी की उमंग देखने लायक होती है,  इस दिन कठिन परिश्रम से रबी की  फसल गेहूं की कटाई बैशाखी के दिन शुभ मानते हैं। जगह जगह पारंपरिक मेले लगते हैं, भांगड़े, गिद्दों की धूम मची होती है। 

इसके अलावा केरल में यह त्यौहार ” विशु ” के नाम से मनाया जाता है। विशु यानि विष्णु भगवान। विशु के दिन की

प्रमुख विशेषता  ” विशुकरणी ” है। विशुकरणी उस झांकी दर्शन को कहते हैं, जिसका दर्शन विशु के दिन प्रातःकाल सर्वपर्थम किया जाता है।

How to Adjust Your Working Women in Negative Environment –

How to Adjust Your Working Women in Negative Environment –
Posted bymeet2mee 9th April 2019 Leave a commenton How to Adjust Your Working Women in a Negative Environment – Editing How to Adjust Your Working Women in the Negative Environment –

Understanding the staffing environment and the behavior of people in the office or any other workplace, was their promotion
Making a road is a daily struggle. But while doing your work, there is a great learning method, which will guide your understanding and progress.
Working women understand ways to avoid this –
Working women spend more of their day at home and in office than at home.
Are. While the precious time of your life is passing, it is also very important to have a positive environment.
If the colleagues were mindful ….
Understand the ups and downs of behavior
Remember that good and bad days can happen to anyone, and its effect can be seen in anyone’s behavior. If you see a change in behavior, do not take it in your heart.
Work with restraint
Sometimes there is no noise in the environment that you do not drink, or things that you are disliked, and which makes it difficult to keep yourself calm. There you work full attention on the job. If possible, please request the coworkers to slow down the voice.
Do not take it on yourself, talk
It has been seen many times that changes in behavior of a happy person also get noticed, which is their usual behavior
Is completely reversed. Maybe he is upset for some personal reason. In such a situation, you want to be yourself.
It is better to accept the reason and learn the problems of the front by straight talk. From this the front will also look good, and the atmosphere will be positive too.
Do not be afraid of comparison, try
The reason for most negative environments can also be comparable to peer. Many times the work of two colleagues
Comparison is done. Try to work in such a way. This can also happen, somewhere you may not be able to achieve the expected results in performance. Try to understand why another coworker is being praised, and try to do better. If the institution is giving you the chances to improve or move forward, use it. Keep in mind that many of the prominent people are not able to get ahead. Understand this.
It is not wrong to walk on time
If you understand the power of time, always reach the work place on time, and complete your work on time.
If you return home on time, it is a good thing, there is no harm in it, provided you are completing your work on time too.
Make an attachment to work
Keep an eye out for improving work, and promoting your area. This does not only embrace the image, but also the path to move forward. If there is not a promotional preference, there will be no intention of mobilizing the necessary information to move forward and do your job better, then there will definitely be such an environment which will disturb you.
Provide yourself
Regardless of whether there is any work area, you can not make your own place without continuous skill and forwarding in it. There are many examples of successful people, day-to-day progress in their work can only be achieved because they are doing their work every day, better and better.
Remember, you have to make efforts only for your progress, not want to get results. You only have to do the effort, not the result, the result should be.
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नकारात्मक माहौल में कामकाजी महिलाएं कैसे अपने को एडजस्ट करें –

ऑफिस हो या  कोई और कार्यस्थल, के स्टाफ के माहौल और लोगों के ब्यवहार को समझना, या अपनी तरक्की की राह बनाना रोज का संघर्ष है। लेकिन यह अपने काम को करते हुए एक बेहतरीन सीख का जरिया भी है, जो आपकी समझ और प्रगति दोनों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

कामकाजी महिलाएं इससे बचने के उपाय समझें –

जॉब करने वाली महिलाएं घर का काम संभालने के साथ-साथ अपना दिन  घर में कम और ऑफिस में में ज्यादा बिताती हैं। जहां  आपकी  लाइफ का कीमती। समय गुजर रहा है, वहां सकारात्मक वातावरण होना भी बहुत जरूरी है।

यदि सहकर्मियों के कारण मन ब्यथित रहे….

ब्यवहार के उतार-चढ़ाव को समझें याद रहे अच्छा व् बुरा दिन किसी का भी हो सकता है, और इसका असर किसी के भी ब्यवहार में दिख सकता है। रोज न सही यदि किसी के ब्यवहार में परिवर्तन देखें तो उसके ब्यवहार को दिल में न लें।

संयम से काम लें

कभी वातावरण में ऐसा शोर जो आपको  न भाए, या ऐसी बातें हो रही हैं जो आपको नापसंद हों, और जिसके कारण  खुद को शांत रख पाना मुश्किल होता है।  वहां आप पूरा ध्यान काम पर लगाएं। यदि हो सके तो सहकर्मियों से आवाज धीमी करने का निवेदन करें।

खुद पर न लें, बात करें

कई बार देखा गया है, कि खुशमिजाज शख्स के ब्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल जाता है, जो कि उनके सामान्य ब्यवहार से पूरी तरह उलट होता। है। हो सकता है वह किसी निजी कारण से परेशान हो।  ऐसे में आपको चहिये खुद को उनके रूखे ब्यवहार की वजह मानने से बेहतर है सीधे बात करके सामने वाले की परेशानी जानें।  इससे सामने वाले को भी अच्छा लगेगा, और माहौल भी सकारात्मक बनेगा।

तुलना से न डरें, प्रयास करें

ज्यादातर नकारात्मक वातावरण का कारण सहकर्मी से तुलना करना भी हो सकता है। कई बार दो सहकर्मियों के  काम को लेकर तुलना की जाती है।  ऐसे में इसके काम को जानने की कोशिश करें। ये भी हो सकता है, कहीं कार्य प्रदर्शन में कहीं आप अपेक्षित नतीजे न दे पा रहे हों। दूसरे सहकर्मी की प्रशंसा क्यों की जा रही है, इसे समझने का प्रयास करें, और बेहतर प्रदर्शन करने की चेष्टा करें। अगर संस्थान आपको बेहतर होने या आगे बढ़ने के चांस दे रहा है, तो इसका उपयोग करें। इस बात का ध्यान रखें आगे बढ़ने के मौके कइयों को तो मिलते ही नहीं हैं। इस बात को समझें।

समय से चलना गलत नहीं

यदि आप समय की नजाकत को समझते हुए, हमेशा समय पर कार्य-स्थल पर पहुंचते हैं, और अपना कार्य समय पर पूरा कर समय पर घर लौटते हैं, तो यहअच्छी बात है, इसमें कोई बुराई नहीं है, बशर्ते आप अपना कार्य भी समय पर पूरा कर रहे हैं।           

काम के प्रति लगाव बनाएं

काम को बेहतर करने के लिए, और अपने क्षेत्र में तरक्की करने का नजरिया रखें। इससे केवल छवि ही नहीं संवरती, अपितु आगे बढ़ने की राह भी बनती है।  यदि तरक्की पसंद नजरिया नहीं होगा, आगे बढ़ने और अपने काम को बेहतर ढंग से करने के लिए आवश्यक जानकारी जुटाना मकसद नहीं होगा, तो निश्चित रूप से ऐसा माहौल बनेगा, जो आपको परेशान करेगा।

अपने आप को प्रूव करें

कार्यक्षेत्र चाहे कोई सा भी हो, इसमें निरंतर दक्षता की और अग्रसर हुए बिना आप अपनी जगह नहीं बना सकतीं। सफल लोगों की कई मिसालें हैं, अपने काम में दिनोदिन तरक्की केवल इसीलिए कर पाए, क्योंकि वो हर काम को हर रोज, हर क्षण बेहतर, और बेहतर करते गए।

याद रहे अपनी तरक्की के लिए प्रयास आपको ही करने होंगे, बहाने नहीं, नतीजे चहिये।   

Tips for Removing Delay and Hitch Marriage in Virg

How are you brothers and sisters …..

The girls who are unnecessarily delayed in the marriage, and the girl is not able to get a good groom even if she is qualified, if she meets, then her qualities are not met, or if there is any other obstacles in her marriage, It also becomes a matter of concern, they should first show its horoscope to any astrological astrology, there is no Manglik Yoga then, if it is, then look at the Manglik Vaara, besides a common sub. Yes, it will not be harmed, yes but the advantage will be.
Have a fast on Monday, put some milk in water on Shivling.
The girl wants to worship the banana tree on every Thursday, bring bananas, gram dal, and turmeric tilak on the banana tree.
If possible, keep fast for sixteen Thursdays.
Thank you
Thank you

कन्या के विवाह में विलम्ब और अड़चन दूर करने का टिप्स

भाइयों और बहनों कैसे हैं आप…..

जिन कन्याओं की शादी में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है, और लड़की  पढ़ी लिखी योग्य होने पर भी  अच्छा वर नहीं मिलता, यदि मिलता है तो कभी उसके गुण मैच नहीं होते, या कभी  गुण मिलने पर  भी कोई और दिक्कत, अड़चन आ  जाती है, पैरेंट्स  के लिये  भी चिंता का विषय बन जाता हे, उन्हें पहले तो उसकी कुण्डली किसी  योग्य ज्योतिष को दिखानी चहिये, कहीं  मांगलिक योग तो नहीं है, यदि है तो मांगलिक वर ही देखें, इसके अलावा  एक कॉमन सा उपाय करें इसका नुकसान कुछ नहीं होगा, हाँ लेकिन फायदा जरूर होगा।

सोमवार का व्रत रखे, शिवलिंग पर जल में थोड़ा दूध डालें।

लड़की को चहिये की वो हर गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करे, उसमें केले के पेड़ पर चने की दाल व केले चढ़ाएं, और हल्दी का तिलक लगाए।

यदि सम्भव हो तो सोलह गुरुवार के व्रत रखें।


If you have trouble with smoking addiction …….? Or want to leave

What other measures will be effective, you know Based on estimates, 49% of men in India, and 22% of women are using tobacco.

For many reasons, people start drinking smoking or tobacco, often with the use of teenage ones, often the first society

In looking at each other, or hobbies, hobbies, many people are angry or in tension. but you

Can not say that the ease with which you are consuming tobacco, the result is dangerous.

Will happen. Tobacco, you have a severe adverse consequence of bidi, cigarette, gutkha or khanei, whatever form it is used for.

Sure it is. Tobacco drug addiction is also the root cause of many problems without being a problem. This mental and

Does physically harm, as well as death too quickly.

Side effects of tobacco on the body:

Tobacco consumption has a bad effect on nerves and mental consciousness. Chiefly found in

The nicotine is an alteration in the mood. Not only that, nicotine reached the brain in a few seconds

Feeling more active for late, it starts taking more nicotine. Nicotine

The habit of that goes down. Without it, he starts feeling uncomfortable, because of which people consuming it

The ways to quit tobacco seem difficult. This situation is called Dependency. Nicotinism

The power of ya say, or rather, reduces cognitive consciousness. Concerned, restless, depressed, in cyclical dependency

And feel uncomfortable. If yes, then it has been a victim of addiction.

Respiratory problems:

When breathing in the smoke starts reaching the lung substance in the body, then it is different types of problems

And infections such as chromic bronchitis inflammation of the lungs, chronic obstructive pulmonary disease and lungs in the lungs

Cancer of the body produces fierce diseases. Smoking from tobacco-derived substances can damage the lungs

Causes of respiratory discomfort. Apart from this, the children of the children who smoke are coughing, wheezing,

Asthma, pneumonia, and bronchitis are more susceptible.

Invitation to Heart Diseases:

Smoking damages the whole heart system. The cause of shrinking and choking of blood vessels in the tobacco body

Is formed. This prevents blood flow. Nicotine arterial artery with damage to blood vessels

Disease causes. Smoking causes the walls of the blood vessel to shrink, and also increases blood pressure and fatigue fatigue,

This increases the risk of stroke. This condition invites heart bypass surgery, heart attack or paralysis

is. Exposure to smoking is also risky like a smoker. Secondary smoking or passive smoking

The most dangerous is

Tobacco related matters and misconceptions:

There are many such assumptions about Tobacco addiction, which incite to use it again.

I use tobacco but I also take nutritious food together. This will not make me cancer.

I rarely consume it, but cancer happens to those people who regularly drink it.

After leaving tobacco, I feel sick and lethargic.

Even my father-in-law is taking or taking, when nothing happens to them, then nothing will happen to me.

Report shocking:

According to the Global Adult Tobacco Survey of India, the highest number of households in the household is 53% of the smoke left by others.

Are victims of. Which we call secondary or passive smoking. Researchers have also come to know that children

There is a smoking in the presence of children who have symptoms like asthma, pneumonia, wheezing in the chest, skin diseases

are found. Along with these, these survivors of frequent coughs, sore throat, tonsilitis and other diseases.

These children are weak and more sick than others.

Their weight loss is found. Their physical and mental development is also affected.

If a pregnant woman is smoking a lot, then the baby in the womb also has many problems.

May be.

Baby weight loss at birth

Premature birth

In some cases the infant dies.

How to Get Rid of Tobacco Addiction:

There may be many ways to get rid of tobacco addiction,

First of all avoid people who are consuming tobacco. And do not keep tobacco anymore.

Whenever tobacco addiction takes place, keep small cardamom, sugar candy, dates, almonds, pieces, while having it. And keep them in the mouth.

Drink a glass of cold water when it is addicted. If necessary, contact your nearest drug addiction center.

Take medicines of seven to twenty one syne courses. Take a psychological consultation. With the help of yoga, meditation etc., drunk

Salvation can be found. Keep yourself busy.

Family for C A G E Family Therapy:

C: Care and Cutdown: Take care with family, encourage them to help prevent tobacco use.

      So to receive.

A: Alert and Avoid annoyances: Keep in mind that any tobacco or substance made from it in its reach at home

     Not found

G: Great and Guard: Make a smoker realize that this is fatal for other people in the decline.

E: Eye opening and Alternatives: Whenever the desire for smoking can be fennel, almonds, cardamom.

     Helpful Diet in Replacement Therapy: Milk

कहीं आप स्मोकिंग की लत से परेशान तो नहीँ …….? या छोड़ना चाहते हैं

क्या और कौन से उपाय कारगर होंगे, जानते हैं-

अनुमान के आधार पर  भारत में ४९ % पुरुष, और २२ % महिलाएं तम्बाकू का प्रयोग करते हें….

कई कारणों से लोग स्मोकिंग या तम्बाकू का सेवन करना शरू कर देते हैं, टीनेज वाले तो अक्सर पहले सोसाइटी में एक दूसरे को देख कर, या शौक शौक में शरू करते हैं, कई लोग गुस्से में  या तनाव कम करने में। परन्तु आप आईडिया नहीं लगा सकते कि आप जिस सहजता से तम्बाकू का सेवन कर  रहे हैं, उसका परिणाम कहीं खतरनाकहोगा। तम्बाकू, आप बीड़ी, सिगरेट, गुटखा  या खैनी, जिस भी रूप में इसे लिए जाये, इसके गंभीर दुस्चपरिणाम निश्चित है। तम्बाकू का  नशा  कोई एक समस्या न होकर कई समस्याओं की जड़ भी है। यह  मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान करता ही है, साथ ही मौत को भी जल्दी  बुलाता है।

तम्बाकू का शरीर पर दुष्प्रभाव :

तम्बाकू का सेवन करने वाले के तंत्रिकाओं और मानसिक चेतना पर बुरा प्रभाव पड़ता है। मुख्यता इसमें पाए जाना

वाला निकोटिन मूड में फेरबदल करने वाला तत्व है।  यही नहीं निकोटिन दिमाग में कुछ ही सेकंड में पहुंचकर थोड़ी

ही देर में अधिक सक्रिय महसूस करने लगता है, इससे और अधिक निकोटिन लेना शुरू कर देते  हैं। इसी से निकोटिन

की आदत पद जाती है। इसके बिना वो असहय महसूस करने लगता है, जिस कारण इसका सेवन करने वाले लोगों

को तम्बाकू छोड़ने के तरीके कठिन लगते हैं। यह स्थिति डिपेंडेंसी कहलाती है।  निकोटिन की आदत सोचने समझने

की शक्ति को या यूँ कहें संज्ञानात्मक चेतना को कम करती है। सायक्लोजिकल डिपेंडेंसी में चिंतित, बेचैन, उदास,

और असहज महसूस करते हैं। हाँ यदि ऐसा है तो एडिक्शन के शिकार हो चुके हैं।

श्वसन संबंधी समस्याएं :

जब धुंए में साँस लेने पर फेफड़ों को नुकसान वाले पदार्थ शरीर में पहुंचने लगते हैं, तो यह विभिन्न तरह की समस्याओं

और संक्रमणों जैसे क्रोमिक ब्रांकाइटिस फेफड़ों की सूजन, फेफड़े में क्रोनिक  ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और फेफड़ों

का कैंसर आदि भयंकर रोग पैदा करते हैं। तम्बाकू उत्पादित पदार्थों से निकलने वाला धुआं फेफड़ों में नुकसान पहुंचाकर

साँस की परेशानी का कारण बनता है।  इसके अतिरिक्त जिन बच्चों के पैरेंट्स स्मोकिंग करते हैं उनमे खाँसने, घरघराहट,

अस्थमा, निमोनिया और ब्रोन्काइटिस की आशंका अधिक रहती है।

दिल के रोगों को निमंत्रण :

धूम्रपान पुरे ह्रदय प्रणाली को नुकसान पहुंचता है। तम्बाकू शरीर में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने और चोक होने का कारण बनता है। इससे रक्त का प्रवाह बाधित होता है। रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने के साथ निकोटिन आर्टरी धमनी के

रोग का कारण बनता है। धूम्रपान से रक्त वाहिका की दीवारें सिक़ुड़तीं हैं, और रक्तचाप और व्रक्त के थकान को भी बढ़ाता हे,

जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति दिल की बाईपास सर्जरी, दिल का दौरा या पैरालिसिस को आमंत्रण  देता

है। धूम्रपान का एक्सपोजर भी धूम्रपान करने वाले की तरह जोखिम भरा होता है। सेकेंडरी स्मोकिंग या पेसिव स्मोकिंग

सबसे खतरनाक है।

तम्बाकू संबंधी बहम और भ्रांतियां :

तम्बाकू की लत के बारे में ऐसी बहुत सी आम धारणाएं मौजूद है जो फिर से इसका इस्तेमाल करने को उकसाती हैं।

1- मैं तम्बाकू का सेवन तो करता हूँ लेकिन साथ में पौष्टिक आहार भी लेता हूँ। इससे मुझे कैंसर नहीं होगा।

2- मैं तो कभी कभार ही इसका सेवन करता हूँ, कैंसर तो उनको होता है जो इसका रेगुलर सेवन करते हैं।

तम्बाकू छोड़ने के बाद में बीमार और सुस्त महसूस करता हूँ।

3- मेरे बाप-दादा भी तो लेते रहे हैं या ले रहे हैं, जब उनको कुछ नहीं हुआ तो मुझे भी कुछ नहीं होगा।  

रिपोर्ट चौंकाने वाली :

ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे ऑफ़ इंडिया के अनुसार घरों में सबसे ज्यादा ५३ % युवा दूसरों  द्धारा छोडे गए गए धुंए

के शिकार होते हैं। जिसे हम सेकेंडरी या पेसिव स्मोकिंग कहते हैं। शोधकर्ताओं को ये भी पता चला हे कि बच्चों की

मौजूदगी में स्मोकिंग होती है, उस बच्चों में  इंफैक्शन, अस्थमा, निमोनिया, छाती में घरघराहट, त्वचा संबंधी रोग

पाए जाते हैं। साथ ही बार- बार खांसी, गले में खराश, टोन्सिलिटिस अदि रोगों से ये बचे ग्रस्त रहते  हैं।

ये बच्चे दूसरों की तुलना में कमजोर और ज्यादा बीमार होते हैं।

उनके वजन में कमी पाई जाती है। उनका शारीरिक, मानसिक विकास भी प्रभावित होता हे।

यदि किसी गर्भवती महिला के पास स्मोकिंग की जाती है तो कोख में पल रहे बच्चे को भी कई प्रकार की समस्याएं

हो सकती हैं।

जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना।

समय से पहले बच्चे का जन्म।

कुछ मामलों में शिशु की मृत्यु भी हो जाती हे।  

कैसे पाएं छुटकारा तम्बाकू की लत से :

यूँ तो तम्बाकू की लत से छुटकारा पाने के कई तरीके हो सकते हैं,

सबसे पहले जो लोग तम्बाकू का सेवन करते हों, उनसे दूर रहें। और अपने पास कभी तम्बाकू न रखें।

जब भी तम्बाकू की लत लगे, अपने पास छोटी इलायची, मिश्री,खजूर, बादाम के टुकड़े रखें। और इन्हें मुंह में रखें।

जब इसकी लत लगे एक गिलास ठंडा पानी पिएं। जरूरत पड़ने पर अपने नजदीक नशा मुक्ति केंद्र से सम्पर्क करें।

जहां सात से इक्कीस दिन के कोर्स की दवाएं लें। मनोवैज्ञानिक परामर्श लें। योग, ध्यान आदि की मदद से नशे से

मुक्ति पाई जा सकती है। अपने को ब्यस्त रखें।

परिवार के लिए C A G E फेमिली थेरेपी :

C : Care and Cutdown : परिवार सहित देख भाल करें, साथ  ही उन्हें प्रेरित करें जिससे तम्बाकू छोड़ने में मदद

      मिल सके।

A : Alert and Avoid annoyances : ये ध्यान रखें कि कोई तम्बाकू या उससे बना पदार्थ घर में उसकी पहुंच में

     न  पाए।

G : Great and Guard : धूम्रपान करने वाले शख्स को ये अहसास कराएं की घट में ये और लोगों के लिए घातक है।

E : Eye opening and  Alternatives : जब भी कभी स्मोकिंग की इच्छा हो सौंफ, बादाम, इलायची  दे सकते  हैं।

     रिप्लेसमेंट  थेरपी में मददगार आहार :

दूध धूम्रपान की इच्छा को कंट्रोल करता है। जो दूध पसंद नहीं करते वो लोग अन्य डेयरी प्रोडक्ट पनीर, दही ले सकते हैं।

स्नैक्स : आलू चिप्स, नमकीन, अखरोट ले सकते हैं।

सब्जियां : गाजर, खीरे, बेंगन जैसी सब्जियां ले सकते हैं। विटामिन सी युक्त फल निम्बू, संतरा, मौसंबी ले सकते हैं।                

कहीं आप गलती से तो ये उपाय नहीं कर रहे हैं…… ?

हेलो भाइयों व् बहनों, कैसे हैं आप …

सबसे पहले मैं आज आपको ज्योतिष से संबन्धित एक टिप्स देता हूँ कई लोग कहीं  से सुन, या पड़ लेते हैं , कि रोज आप सूर्य को जल चढ़ाया करो, आपकी या आपके बच्चे की सरकारी जॉब लग जाएगी, और आप ऐसे ही उस पर विश्वास करके सूर्य को जल चढ़ाने लगते हैं, लेकिन कई बार होता इसके उल्टा है।

इसमें सबसे जरूरी बात ये समझने की है, जब किसी जातक का जन्म होता है, तो जन्म, समय और स्थान  के अनुसार

उसकी कुंडली में लगन तय होता है, किसी का कोई लगन होता है, किसी का कोई।  और लगनों के हिसाब से ये decide

होता है, कि सूर्य उसकी कुंडली  में  शुभ  है या अशुभ। कहावत है,  किसी के लिए माह  बादी, किसी  के लिए स्वादी। कहने

का मतलब है  कि  माह ( उड़द ) की  दाल किसी के लिए गैस, दर्द जैसी तकलीफ पैदा करती हैं, किसी को स्वाद लगती है, शरीर में ताकत  देती है।  और इसके अलावा सबसे जरूरी ये बात जानने की  है आपकी कुंडली में  ‘ राजयोग ‘है  या  नहीं।यदि आपकी कुंडली  में ‘ राजयोग ‘ है, तो  ही आपकी सरकारी  जॉब मिलेगी, ये पक्का है।  ये कब लगेगी ये अभी का विषय नहीं है।   

Somewhere you are not doing these solutions by mistake …?

Hello brothers and sisters, how are you …
First of all, I give you some tips related to astrology today.
Many people hear from somewhere, or fall, that you get water to the sun every day, you or your child’s government job
, And you believe in it like that, start burning water to the sun, but sometimes it is inverted.
The most important thing is to understand this, when a person is born, according to birth, time and place
In the horoscope there is a determination, no one has any passion, no one’s And according to the arrangements, decide
It is, that the sun is auspicious or inauspicious in its horoscope The saying is, the month is for anyone, the swadi for anyone. To say
This means that the month (urad) lentil produces a shortage of gas, pain for anyone, someone likes to taste,
Gives power in the body. And besides this, the most important thing is to know whether your horoscope has ‘Rajyog’ or not.
If you have ‘Rajagya’ in your horoscope, then you will get your government job, it is sure. When will it look now
Is not there.
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