स्वस्थ रहने के लिए ब्राउन राइस खाएं, जानें क्यों …?


आज के समय में आम लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक होते जा रहे हैं, और वह नए -नए प्रयोग करने को आतुर भी रहते हैं। या यूँ कह लीजिये, कि हम अपने पारम्परिक आहार की और धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। जो कि अपनी अगली

Closeup of brown rice texture

पीढ़ी के लिए कुछ तो उनको इनके बारे में जानकारी दे ही रहे हैं। जैसे कि ऑर्गेनिक शब्जियां, फ्रूट्स आदि।

आज हम यहां ब्राउन राइस के बारे में बता रहे हैं, जिसकी चर्चा आजकल जोरों पर है। जिसको देखो वही ब्राउन राइस खाने को बोल रहा है, या यूँ कहें कि वो ब्राउन राइस खाने की सलाह देता है। कई स्टडीज में भी ये साबित हुआ है, कि ब्राउन – राइस बजाय वाइट राइस के खाना स्वास्थ्य  के लिए बेहतर है। यहां हम ब्राउन राइस के बारे में जानते हैं, की ये है क्या …? दरअसल हम आमतौर पर जो चावल खाते हैं, यानी की वाइट राइस, उसी को बिना पोलिश किये या यूँ कहें बगैर रिफाइंड किया रूप है ब्राउन राइस।

ब्राउन राइस को हमारी सेहत के लिए हेल्दी मानने की मूल वजह इसमें  पायी जाने वाली परतें। मूलतः राइस में तीन परतें होती हैं, — ब्रान, जर्म और एंडोस्पर्म। ब्रान और जर्म में फाइबर्स, प्रोटीन और आयरन भरपूर होता है।

एंडोस्पर्म में ज्यादातर कार्बोहाइड्रेट होते हैं। लेकिन  राइस को रिफाइंड करतेसमय उसकी ब्रान और जर्म दोनों परतें  हट जाती हैं। इस प्रोसेस में वाइट राइस में केवल कार्बोहाइड्रेट ही रह जाते हैं, जिस कारण ये राइस हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक बन जाता है। चूँकि ब्राउन राइस में ये तीनों परतें मौजूद होती हैं। जिस कारण इसमें कार्बोहाडड्रेट के साथ -साथ प्रोटीन, फाइबर्स और अन्य पोषक तत्व भी शामिल होते हैं। इसीलिए ब्राउन राइस वाइट राइस की तुलना में हमारे लिएक ज्यादा फायदेमंद है।

डाइबिटीज के पेशेंट को चिंता नहीं :  

जिन फ़ूड का गलाईसेमिक इंडेक्स और गलाईसेमिक लोड कम होता है, वे ब्लड में ग्लूकोज़ के लेवल को बैलेंस रखते हैं। इसीलिए इसे डाइबिटीज के मरीज खा सकते हैं। इसमें उनको कोई नुकसान नहीं है। वाइट राइस के तुलना में ब्राउन राइस का भी गलाईसेमिक इंडेक्स काफी कम होने के कारण ये डाइबिटीज के पेशेंट के लिए उपयोगी है।

मोटे लोग :

वाइट राइस की तुलना में ब्राउन राइस में फाइबर्स ज्यादा होते हैं। प्रति १०० ग्राम ब्राउन राइस में लगभग २ ग्राम होती है। जबकि इसकी मात्रा वाइट राइस में १- ग्राम से भी कम होती है। ब्राउन राइस में फाइबर्स की मात्रा ज्यादा होने से इसे खाने वाले मोटे ब्यक्ति को ज्यादा संतुष्टि मिलती है। और पेट भी ज्यादा देर तक भरा -भरा रहता है। इसीलिए मोटे लोग ब्राउन राइस को बगैर चिंता के खा सकते हैं।

भरपूर आयरन से युक्त :

हमारे शरीर को रोजाना आयरन की जितनी मात्रा की जरूरत है, वो १०० ग्राम ब्राउन राइस खाने से ५ ग्राम की पूर्ति हो जाएगी। यानी की ५ ग्राम आयरन हमें मिल जायेगा। अगर इसके विपरीत इतने ही वाइट राइस खाएं तो आयरन की पूर्ति केवल १ ग्राम होगी। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं ब्राउन राइस, वाइट राइस की तुलना में आयरन के मामले में कितना ज्यादा बेहतर है।

इसी वजह से एनिमिक ब्यक्तियों को अक्सर ब्राउन राइस खाने की सलाह दी जाती है।

इम्यून सिस्टम :

इम्यून मजबूत होता है। जिसे हम रोग -प्रतिरोधक क्षमता भी कहते हैं। यही इम्यून सिस्टम हमें कई गम्भीत बिमारियों से बचता है। ये विदित है कि जिंक और सेलेनियम दोनों में ही एंटीऑक्सीडेंट इंजाइम्स होते हैं। जो मानव शरीर में सामान्य फंक्शनिंग के लिए परम् आवश्यक है।
नकारात्मक पहलू :
ब्राउन राइस के इतने फायदे होने के बावजूद वाइट राइस की तुलना में दो नकारात्मक पहलू भी हैं। एक तो इसका स्वाद में कमजोर रहना, और दूसरा इसकी बाजार में उपलब्धता कम होना। इसका अलावा इसका मूल्य ज्यादा होना। दूसरा वाइट राइस जहां खिला -खिला बनता है, वहीं ब्राउन राइस थोड़ा चिपचिपेदार बनता है। इसीलिए ब्राउन राइस का इस्तेमाल बिरियानी और पुलाव में करने में दिक्क्त आती है। इसके अतिरिक्त इसके स्वाद में भी फर्क आ जाता है। लेकिन इस सब के अतिरिक्त अपनी सेहत को देखते हुए यदि इसका

ज्यादा मूल्य और स्वाद से भी समझौता करना पड़े तो बेहतर है। बजाय दवाइयों पर ब्यर्थ करने के।अच्छा खाएं तंदरुस्त रहें। 

नेचुरल गुणकारी शहद….


शहद आपके जीवन में  चीनी का एक अद्भुत विकल्प हो सकता है, जो खाली कैलोरी का सिर्फ एक स्रोत है। प्रकृति द्वारा बनाया गया यह प्यारा घटक न केवल आपके जीवन को मीठा कर सकता है बल्कि यह खनिज, पोषक तत्वों और जीवित एंजाइमों में भी प्रचुर मात्रा में है। यदि आप शहद का उपयोग करने के

लाभों का आनंद लेना चाहते हैं, तो इससे अच्छा विकल्प दूसरा कोई नहीं हो सकता।

शहद का सबसे बड़ा गुण है, कि ये १०० साल तक भी रखा रहे, तो खराब नहीं होता। इसके गुण, क्वालिटी ज्यों की त्यों बरकरार रहती है।

पहले के हकीम, वैद्द अपने मरीजों को दवाई शहद में मिलाकर देते थे। जिससे मरीज स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते थे। आज भी आर्युवेदिक दवाइयां शहद में मिलाकर दी जाती हैं। 

आर्युर्वेद के अनुसार शहद, कई बीमारियों के इलाज में रामबाण की तरह लाभ करता है।

पिछले कुछ सालों से अब लोगों ने इसके निर्माण को मुख्य ब्यवसाय के रूप में न केवल अपनाया, बल्कि अपनी आर्थिक स्थति को भी मजबूत किया। सरकारी संस्थाएं इसके लिए इच्छुक लोगों को ट्रेनिंग के साथ सब्सिडी भी देती है। आइये जानते हैं कि इसमें मौजूद असीमित गुणों के बारे में —

शहद में विटामिन ए बी सी आयरन कैल्शियम और आयोडीन पाया जाता हैं। यह कार्बोहाइड्रेट का भी प्राकृतिक स्रोत है इसलिए इसके सेवन से शरीर में शक्ति स्फूर्ति और ऊर्जा आती है। शहद न केवल खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए बहुत फायदेमंद भी होता है। शहद में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन ए, बी, सी, आयरन, मैगनीशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम आदि गुणकारी तत्व होते हैं। यह कार्बोहाइड्रेट का भी प्राकृतिक स्रोत है, इसलिए इसके सेवन से शरीर में शक्ति, स्फूर्ति और ऊर्जा आती है और यह रोगों से लड़ने के लिए शरीर को शक्ति देता है।

हाल में हुए रिसर्च में कुछ लोगों को एंटी वायरल क्रीम और कुछ लोगों को शहद का प्रयोग करने को दिया गया। नौ दिन तक चले इस रिसर्च में पाया गया कि होठ पर क्रीम की तरह शहद का इस्तेमाल करने वालों को एंटी वायरल क्रीम के मुकाबले काफी ज्यादा फायदा हुआ। इतना ही नहीं शहद का असर, एंटी वायरल क्रीम के मुकाबले काफी ज्यादा समय तक बरकरार रहा।

शहद गाढ़ा द्रव्य होता है तथा गाढ़ेपन का माप इसके बहाव/प्रवाह को दर्शाता है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है। हालांकि, प्रयोग के हिसाब से गर्म करने से शहद का गाढ़ापन कम भी हो जाता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि शहद का गाढ़ापन उसमें मौजूद प्रोटीन की मात्रा पर भी निर्भर करता है। जिस शहद में प्रोटीन की अधिक मात्रा होती है, वह अधिक गाढ़ा होता है।

शहद के फायदे :

प्राचीन काल से ही शहद को एक जीवाणु-रोधी के रूप में जाना जाता रहा है। शहद एक हाइपरस्मॉटिक एजेंट होता है जो घाव से तरल पदार्थ निकाल देता है, और शीघ्र उसकी भरपाई भी करता है, और उस जगह हानिकारक जीवाणु भी मर जाते हैं।

आयुर्वेद में भी ऐसी मान्यता है कि अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले छत्तों के शहद के गुण अलग-अलग होते हैं। जैसे नीम पर लगे छत्ते का शहद, आंखों के लिए, जामुन पर लगा शहद मधुमेह और सहजन पर लगा शहद, हृदयघात तथा रक्तचाप के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा शहद कई बीमारियों को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

जलने पर फायदेमंद :

शहद में एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। इसलिए यह घावों, कटे और जले हुए स्थानों पर तथा खरोंच पर लगाया जाता है। शहद से उपचार करने के बाद जले के निशान भी हट जाते हैं।

मुंह के छाले के लिए उपयोगी :

शहद को पानी में मिलाकर कुल्ले करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। शहद दांत के दर्द को दूर करने में भी मदद करता है। दांत में दर्द होने पर रूई के फाहे को शहद में भिगोकर दर्द वाली जगह पर रखने से कुछ ही देर में दांत दर्द से राहत मिलती है।

आंखों के लिए लाभकारी :

औषधीय गुणों से भरपूर शहद का उपयोग अनेक बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। शहद खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों को भी शहद से दूर किया जा सकता है।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने की लिए :

शहद हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से रक्त शुद्ध होता है और एनीमिया भी दूर हो जाती है। इसमें विटमिन बी और विटमिन सी के साथ एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं, जो हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाने में सहायक होते हैं।

कैंसर का जोखिम कम करें :

शहद में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो ट्यूमर को बनने से रोकते है और कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

नियमित रूप से शहद का सेवन करने से पेट का कैंसर नहीं होता है।

दिल को दे मजबूती :

शहद दिल को मजबूत बनाने के लिए अच्छा होता है। दिल को मजबूत करने, हृदय को सुचारू रूप से कार्य करने और हृदय संबंधी रोगों से बचने के लिए प्रतिदिन एक चम्मच शहद खाना अच्छा रहता है।

त्वचा संबंधी विकार दूर करें :

शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और नमी प्रदान करने वाले गुण दाग-धब्बों को दूर कर त्वचा में नई जान भर देते हैं। चेहरे की खुश्की दूर करने के लिए शहद, मलाई और बेसन का उबटन लगाना चाहिए। इससे चेहरे पर चमक आ जाती है। शहद क्षतिग्रस्त त्वचा का उपचार करने में मददगार होता है। यह एक्जिमा, त्वचा की सूजन और अन्य त्वचा विकारों का भी प्रभावशाली तरीके से उपचार करता है।

कब्ज दूर करें :

यह मिश्रण कब्ज के लिए तत्काल उपाय है। यह आंत को मल त्यागने में मदद करता है। इसके अलावा यह मिश्रण हाजमे को ठीक रखता है।

वजन कम करें :

शहद वजन कम करने में एक अहम भूमिका निभाता है। इससे बिना किसी नुकसान के वजन को आसानी से कम किया जा सकता है।

यह मेटाबोलिज़्म को बढ़ाता है जिससे शरीर की अतिरिक्त वसा नष्ट हो जाती है। इसके लिए बस आपको सुबह खाली पेट नींबू पानी में शहद मिलाकर सेवन करना हैं।

बालों में लाए नई जान :

शहद का इस्तेमाल बालों के लिए भी काफी अच्छा होता है। ऑलिव आयल के साथ शहद मिलाकर बालों में लगाने से बाल लंबे, घने और मुलायम हो जाते। यह बालों के झड़ने की समस्या को भी काफी हद तक रोकता है।

शहद के साथ सबसे बड़ी समस्या इसकी गुणवत्ता है। अच्छा, शुद्ध शहद ढूंढना काफी चुनौती भरा हो सकता है। कई अन्य खाद्य वस्तुओं की तरह, मिलावट आम है। आपको धोखा देना आसान है क्योंकि वाणिज्यिक शहद को अक्सर

ग्लूकोज समाधान, उच्च फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप और अन्य अवयवों के साथ मिलाया जा सकता है जिनके बारे में आप नहीं जानते होंगे। कभी-कभी, जब आप शहद के जार को खोलते हैं और थोड़ी ‘पॉप’ ध्वनि सुनते हैं जो संकेत दे सकता है कि शहद में मिलावट की गई है।

शहद की सबसे अच्छी गुणवत्ता मधुमक्खियों से आती है, न कि कारखानों से और इसलिए, एक अच्छा प्रारंभिक बिंदु घटक घटक लेबल को पढ़ना होगा। ‘कच्चे’, ‘प्राकृतिक’, ‘वन शहद’ या ‘कार्बनिक’ जैसे शब्दों के लिए देखें – वे नियमित शहद से अधिक सुरक्षित हो सकते हैं।

आजकल मार्किट में शहद अलग -अलग ब्रांड्स की पैकिंग में उपलब्ध होने से, तथा इसके निर्माताओं द्धारा अपने शहद को असली बताने की बताने की वजह से भी ये भ्रान्ति मन में घर कर गई है, की कौन सा शहद असली या नकली है। आइये जानते हैं, इसकी पहचान कैसे की जाये।  

नकली या मिलावटी शहद पानी में घुल जाएगा, जबकि शुद्ध शहद जिसकी अधिक घनी बनावट है, वह गिलास के निचले भाग में गांठ बनकर बैठ जाएगा। यही हाल ब्लॉटिंग पेपर या सफेद कपड़े का है। यदि आप दोनों पर शुद्ध शहद डालते हैं, तो यह अवशोषित नहीं होगा या दाग छोड़ देगा।

1. अंगूठा परीक्षण :

अपने अंगूठे पर शहद की एक छोटी मात्रा रखें और जाँच करें कि फैल या किसी अन्य तरल की तरह चारों ओर फैलता है या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो यह शुद्ध नहीं हो सकता है। शुद्ध शहद गाढ़ा होता है जबकि अशुद्ध शहद बहता होगा। शुद्ध शहद उस सतह पर चिपक जाता है जिस पर इसे लगाया जाता है, और टपकता नहीं है। इसके अलावा, अशुद्ध शहद का स्वाद थोड़ा चीनी की उपस्थिति के कारण हो सकता है।

2. पानी द्धारा टैस्ट :

एक चम्मच शहद लें और पानी से भरे गिलास में डालें। नकली या मिलावटी शहद पानी में घुल जाएगा जबकि शुद्ध शहद जिसकी अधिक घनी बनावट है वह गिलास के निचले भाग में गांठ बनकर बैठ जाएगा। यही हाल ब्लॉटिंग पेपर या सफेद कपड़े का है। यदि आप दोनों पर शुद्ध शहद डालते हैं, तो यह अवशोषित नहीं होगा या दाग छोड़ देगा।

3. लौ टेस्ट :

आप यह नहीं जानते होंगे, लेकिन शुद्ध शहद ज्वलनशील होता है। हालाँकि, हम आपसे अनुरोध करेंगे कि इस परीक्षण को करते समय पूरी सावधानी बरतें और इसे अपने जोखिम पर करें। एक सूखी माचिस लें और इसे शहद में डुबोएं। माचिस की डिब्बी के खिलाफ माचिस की तीलियों से वार किया। यदि यह रोशनी करता है, तो आपका शहद शुद्ध है। यदि यह प्रकाश नहीं करता है, तो यह मिलावटी हो सकता है और संदूषण करते समय इसमें कुछ मात्रा में नमी भी हो सकती है।

4. सिरके का प्रयोग करें

 शहद, कुछ पानी और सिरका सार के 2-3 बूंदों को एक साथ मिलाएं। यदि यह मिश्रण जम जाता है, तो बहुत अधिक संभावना है कि आपके शहद में मिलावट हो सकती है।

5. द हीट टेस्ट

यदि आप शुद्ध शहद को गर्म करते हैं, तो यह जल्दी से कारमेल करेगा और झागदार नहीं होगा। लेकिन, अशुद्ध शहद के मामले में यह कारमेलिस नहीं हो सकता है, और गर्म होने पर चुलबुला हो जाता है।

टिप्पणियाँ: शुद्ध और मिलावटी शहद के बीच के बहुत से अंतर को इसके भौतिक गुणों की जांच करके नग्न आंखों से भी पहचाना जा सकता है। शुद्ध शहद घनीभूत होता है, और केवल एक धारा में बह जाता है। इसकी एक नरम बनावट है, कभी परतों में अलग नहीं होगी और एक अलग सुगंध प्रदान करेगी। कच्चा शहद, जो अपने सबसे शुद्ध रूप में शहद होता है, अक्सर सेवन करने पर आपके गले में हल्की झुनझुनी या हल्के जलन महसूस होता है।

इस तरह आप शहद को प्रयोग करने से पहले जाँच करने से असली शहद के गुणों से वंचित नहीं होंगे। 

दमकते चेहरे के लिए, दही … उससे बने फेस पैक व नियमित सेवन के कई लाभ


क्या दही चेहरे पर लगाना अच्छा है …?

आमतौर पर कई लोग दही का सेवन पूरे साल भर करते हैं, यानी गर्मी के अलावा सर्दियों में भी। दही अच्छे बैक्टीरिया से युक्त, व पोषक होता है। इसके अलावा

इसमें कई गुण होते हैं। यदि आप अपने चेहरे के कायाकल्प को लेकर ब्यूटीपार्लर में पैसे खर्च करके थक चुकी हैं, और इसके बावजूद भी आपको लाभ न मिला हो, तो आपके लिए दही सबसे अच्छा ऑप्शन है। जिसका इस्तेमाल आप सेवन के अलावा चेहरे को सुन्दर बनाने के लिए भी कर सकती हैं।

आइए दही का सेवन व इसके दूसरे लाभ के बारे में जानते हैं। खाने में स्वादिष्ट लगने वाली इस दही में कई ऐसे  गुण हैं, जो त्वचा से संबंधित कई समस्याओं से आपको मुक्ति  दिला सकते हैं। जिसके बाद आपको मिलेगी एकदम  खिली-खिली त्वचा।

दही अच्छे बैक्टीरिया युक्त होने से आपकी त्वचा को भीतर से पोषण देकर उसकी चमक बढ़ाने में मदद करता है। प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर, त्वचा के लिए दही आपके रंग को बेहतर बनाता है। इसके विरोधी भड़काऊ गुण मुँहासे को कम करने में सहायता करता है। … आप न केवल आप तैलीय

त्वचा के लिए दही का उपयोग कर सकते हैं, आप अपनी सूखी त्वचा के इलाज के लिए भी दही के फेस पैक का उपयोग कर सकते हैं।

दही आपकी बाहरी त्वचा के सौंदर्य को बढ़ाने में चमत्कार भी कर सकता है।

दही में लैक्टिक एसिड, एक अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड होता है, जो मृत त्वचा कोशिकाओं को भंग करता है।

बालों में दही लगाने के लाभ :

दही और बेसन के पेस्ट को बालों की जड़ों में लगाएं। यह बालों के झड़ने और रूसी की समस्या से बचाता है।

दही के साथ काली मिर्च का मिश्रण, अगर दिन में दो या तीन बार सिर धोने के लिए उपयोग किया जाता है, तो चमकदार, मुलायम बाल प्रदान करता है और रूसी पर काबू पाने में भी मददगार होता है। यह मिश्रण बालों को मजबूत बनाता है और बालों का झड़ना रोकता है, व बाल घने होने लगते हैं।

रात में आप दही और मेथी पाउडर को भिगोकर रख सकते हैं और सुबह इसे लगा सकते हैं … और आधे घंटे से पैंतालीस मिनट बाद आप इसे हल्के शैम्पू से धो सकते हैं। यह उर के बालों के लिए अद्भुत काम करता है … आप इसे सप्ताह में कम से कम एक बार कर सकते हैं।

दही के कई स्वास्थ्य और पोषण लाभ हैं, और हर दिन दही के सेवन से आपके सिस्टम को शांत रहने में मदद मिलती है, आपके पाचन तंत्र में सुधार होता है, और पेट की समस्याओं से छुटकारा मिलता है।  यह आपके पाचन तंत्र को बढ़ाता है, और पेट के अपच, पेट फूलने आदि के लिए सबसे अच्छा काम करता है।

यदि आपको लगता है कि आपने अपनी त्वचा से नमी खो दी है, तो आप दही को अपने बचाव में ला सकते हैं क्योंकि यह एक उत्कृष्ट मॉइस्चराइज़र के रूप में काम करता है। अपने चेहरे पर हर रोज दही लगाने से आप कोमल, निखरी और कोमल त्वचा पा सकते हैं। … इसे लगभग 15 मिनट तक लगा रहने दें, और ततपश्चात चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। खाली पेट दही या किण्वित दूध उत्पादों को खाने से हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनता है। यह इन दूध उत्पादों में मौजूद

लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया को मारता है और अम्लता की ओर जाता है। इसलिए, इन उत्पादों को खाली पेट खाने से बचना चाहिए।

क्या दही वजन बढ़ाता है …?

दही को विशेष रूप से कैल्शियम युक्त भोजन के रूप में अध्ययन किया गया है जो वसा को जलाने में मदद करता है और वजन घटाने को बढ़ावा देता है। … हर दिन दही खाने से आपकी इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रांग करता है।

आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि आपकी कोमल त्वचा को सूरज की तेज किरणों के अलावा किन-किन चीजों को सामना करना पड़ता है। उबलती गर्मी के दिनों में हमारी त्वचा कैसे यह सब बर्दाश्त कर पाती है। इन सब का खामियाजा हमें कई समस्याओं के रूप में भुगतना पड़ता है, लेकिन आज हम आपके लिए एक ऐसा प्राकृतिक तरीका लेकर आए हैं जो आपकी त्वचा के लिए वरदान के समान है। गर्मियों के मौसम में आप दही तो जरूर खाते होंगे, लेकिन अब आप इस दही के इस्तेमाल से अपनी त्वचा को निखारने के अलावा कई समस्याओं से भी निजात पा सकते हैं। दही के अंदर कैल्शियम, विटामिन डी भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही हेल्थ के साथ-साथ त्वचा के लिए भी यह काफी फायदेमंद होती है। आज हम आपको त्वचा पर दही के फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसमें आपको किसी तरह का आर्टिफीशयल फ्लेवर मिलाने की जरूरत नहीं है। आप सादा दही का प्रयोग भी काफी आसानी से कर त्वचा की समस्याओं से मुक्ति पा सकती हैं।

 दही आपकी त्वचा के लिए क्या-क्या कर सकती है?

1.अगर आप बहुत ज्यादा सूरज की रोशनी का सामना करती हैं या ज्यादा वक्त खुले में रहती हैं तो सनबर्न जैसी समस्या को दूर करने में दही आपके लिए काफी कारगर साबित हो सकती है।

2. यह स्वाभाविक रूप से आपकी त्वचा को डिटॉक्सीफाई करने के अलावा प्राकृतिक रूप से चमक देने का काम करती है।

3. यह बढ़ती उम्र की निशानियों को छिपाने का अचूक उपाय है। साथ ही इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं।

4.दूध में मौजूद प्रोटीन दही के रूप में चेहरे पर इस्तेमाल करने से यह चेहरे की रंगत निखारने का काम करती है।

5. साथ ही यह चेहरे पर चमक लाने के अलावा कॉम्प्लेक्शन और टैनिंग को भी रिमूव कर देती है।

6.यह आपकी स्किन टोन से सन स्पॉट्स को भी हटाती है।

7. इसके अलावा यह मुंहासे और चेहरे पर होने वाले दानों को भी हल्का करने का काम करती है।

त्वचा की देखभाल के लिए दही का कैसे करें उपयोग–

इस बात से आप शायद अंजान होंगे कि दही में जिंक मौजूद होता है, जो मुंहासे जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में काफी कारगर है। वहीं इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड भी त्वचा को नमी प्रदान करने का काम करता है। जिसका

इस्तेमाल करने से त्वचा एकदम हाइड्रेट और छूने पर एकदम सॉफ्ट लगती है, लेकिन ऑयली फेस वालों को इसके सीधे चेहरे पर इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। अगर वह दही का इस्तेमाल अपने चेहरे पर कर रहे हैं तो उन्हें इसमें नींबू के रस को मिलाकर लगाना चाहिए। आज हम आपको दही के कुछ फेस पैक के बारे में बताने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह आपकी त्वचा के लिए काफी काम आएंगे।

 1. आप आधा कप दही में एक चम्मच नींबू के रस को अच्छे से मिलाएं। फिर इस मिक्सचर को फ्रिज में थोड़ी देर के लिए छोड़ दे। उसके बाद इस ठंडे पेस्ट को अपने चेहरे पर मसाज करते हुए लगाएं। आप अपने चेहरे के अलावा गर्दन पर

भी इस पेस्ट से मसाज कर सकती हैं। इसे आपको कम से कम एक हफ्ते तक करना है। जिसके बाद आपको कुछ ही दिनों में फर्क साफ दिखाई देने लगेगा।

2. आप चाहें तो अपने चेहरे पर सादा दही का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। यह आपकी त्वचा को पिंपल्स आदि की समस्याओं से दूर रखती है। साथ ही बढ़ती उम्र की निशानियों को भी कम करती है।

3. इसके अलावा आप 1/4 कप दही में एक चम्मच जैतून का तेल और दलिया को मिलाकर भी पेस्ट तैयार कर सकती हैं।

इन तीनों को अच्छी तरह से मिलाने के बाद यह एक गाढ़ा पेस्ट बनकर तैयार हो जाएगा। फिर आप इसे अपने चेहरे पर लगाएं। साथ ही इसके सूखने पर हाथों को धीरे-धीरे घुमाते हुए रगड़ते हुए उतारें। फिर हल्के गुनगुने पानी की मदद से चेहरे को धो लें। यह चेहरे पर निखार लाने के लिए सबसे असरदार स्क्रब है।

4. वैसे आप 2 चम्मच पीसे हुए ओट्स में एक चम्मच दही, एक फेंटा हुआ अंडा मिलाकर इसका पेस्ट भी अपने चेहरे पर बनाकर लगा सकती हैं। इस पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन पर मसाज करते हुए लगाना चाहिए। इसके बाद इसे

करीबन 15 मिनट के छोड़ दें और बाद में ठंडे पानी की मदद से चेहरे को धो लें।

5. अगर आप अपने चेहरे के कॉम्प्लेक्शन और टेक्स्चर से खुश नहीं हैं तो उसे सुधारने के लिए दही में कई तरह के फल जैसे कि नींबू, स्ट्रॉबेरी मिला लें। फिर इन तीनों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर इसकी मसाज करें। करीबन 15 मिनट इसे ऐसे ही छोड़ दें। उसके बाद ठंडे पानी से चेहरे को धो लें।

6. सबसे पहले आप थोड़ा सा सादा दही लें। फिर इसमें आधा आड़ू और आधा खीरा डालकर इसका पेस्ट तैयार कर लें।

फिर इस पेस्ट को मिक्स कर इसे अपने फेस पर मसाज करते हुए लगाएं। करीबन 15 मिनट ऐसे ही छोड़ने के बाद इसे ठंडे पानी की मदद से धो लें।

7. शहद और दही को बराबर मात्रा में मिलाकर इससे अपने चेहरे की मसाज करनी चाहिए। इससे एक तो चेहरे पर जमी गंदगी साफ हो जाती है, साथ ही विषाक्त पदार्थों से छुटकारा मिलता है।

प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर, त्वचा के लिए दही आपके रंग को बेहतर बनाता है। इसके विरोधी भड़काऊ गुण मुँहासे को कम करने में सहायता करता है। … न केवल आप तैलीय त्वचा के लिए दही का उपयोग कर सकते हैं, आप अपनी सूखी त्वचा के इलाज के लिए भी दही के फेस पैक का उपय

लेकिन यह आपकी त्वचा के लिए और साथ ही आपकी बाहरी चीजों के लिए सौंदर्य चमत्कार भी कर सकता है। आपके दही में लैक्टिक एसिड, एक अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड होता है, जो मृत त्वचा कोशिकाओं को भंग करता है। यह कोमल छूटना न केवल एक प्राकृतिक चमक बनाने और ब्रेकआउट को रोकने में मदद करता है, बल्कि लाइनों और झुर्रियों की उपस्थिति को कम करने के लिए काम करता है।

अगर हम बालों में दही लगाते हैं तो क्या होता है?

दही और बेसन के पेस्ट को बालों की जड़ों में लगाएं। यह बालों के झड़ने और रूसी की समस्या से बचाता है। दही के साथ काली मिर्च का मिश्रण, अगर दिन में दो या तीन बार सिर धोने के लिए उपयोग किया जाता है, तो चमकदार, मुलायम बाल प्रदान करता है और रूसी पर काबू पाने में भी मददगार होता है। यह मिश्रण बालों को मजबूत बनाता है और बालों का झड़ना रोकता है।

रात में आप दही और मेथी पाउडर को भिगोकर रख सकते हैं और सुबह इसे लगा सकते हैं … और आधे घंटे से पैंतालीस मिनट बाद आप इसे हल्के शैम्पू से धो सकते हैं। हर उम्र वालों  में बालों के लिए अद्भुत काम करता है … आप इसे सप्ताह में कम से कम एक बार कर सकते हैं।

दही के रोजाना  खाने से आपके अंदरूनी सिस्टम को शांत रहने में मदद मिलती है, आपके पाचन तंत्र में सुधार होता है, और पेट की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। … यह आपके पाचन तंत्र को बढ़ाता है और पेट के अपच, पेट फूलने आदि के लिए सबसे अच्छा काम करता है।  यदि आपको लगता है कि आपने अपनी त्वचा से नमी खो दी है, तो आप दही को अपने बचाव में ला सकते हैं क्योंकि  यह एक उत्कृष्ट मॉइस्चराइज़र के रूप में काम करता है। अपने चेहरे पर हर रोज दही लगाने से आप कोमल, निखरी और कोमल त्वचा पा सकते हैं। … इसे लगभग 15 मिनट तक रहने दें और अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। एक खाली पेट पर दही या किण्वित दूध उत्पादों को खाने से हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनता है। यह इन दूध उत्पादों में  मौजूद लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया को मारता है और अम्लता की ओर जाता है। इसलिए, इन उत्पादों को खाली पेट खाने से बचना चाहिए।

दही को विशेष रूप से कैल्शियम युक्त भोजन के रूप में अध्ययन किया गया है जो वसा को जलाने में मदद करता है और वजन घटाने को बढ़ावा देता है। … हर दिन दही खाने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी सहारा मिल सकता है, जिससे समग्र सूजन कम हो सकती है। जिस कारण वजन घटने में कारगर है।

स्थायी वजन घटाने को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण सबक वास्तव में कम खाने के बजाय अधिक खाना सीख रहे हैं। यदि आप अपना वजन कम करने के लिए उन्हें खुद को भूखा रख रहे हैं, तो इसके भी जरूरत नहीं है। वास्तव में,

अपने कैलोरी सेवन को कम करने से पहले कुछ हफ्तों में वजन कम हो सकता है, ये इसमें मौजूद प्रोटीन्स आदि की वजह से सम्भव होता है। 

यदि आप युवा हैं तो इसमें मौजूद उच्च कोटि के कैल्शियम से मजबूत हड्डियों के निर्माण में बहुत मदद मिलती है।

इस तरह आप घर में अपने आप Healthy फैसपैक बनाकर अपने चेहरे को एक दमकता चेहरा बना सकती हैं।

पंडित जी से चर्चा ….


कई दिनों से पंडित जी से मिलने का मन कर रहा था, केंद्र में एनडीए की सरकार ने शपथ भी ले ली है। सो मैं सुबह – सुबह ही पंडित जी से मिलने उनके घर जाने के लिए निकल गया, कहीं पंडित जी निकल न जाएँ। पंडित जी के घर जाकर मैंने बेल बजाई, इतने में ही उनका नौकर बाहर आया ..

पंडित जी हैं .. ? हाँ जी हैं, अंदर आ जाइये। थैंक्स गॉड …धीरे से गुनगुनाते हुए मैं बोल उठा।
कुछ कहा आपने .? नौकर ने पलट कर पूछा,
नहीं तो, बस यूँ ही मुंह से निकल गया। पंडित जी ड्राइंग रूम में न्यूज़ पेपर में हमेशा की तरह ऐसे लीन थे, जैसे कुछ जरूरी चीज ढूंढ रहे हों।
प्रणाम ..पंडित जी, उनके घुटने को झुक कर छूते हुए मैं बोला
आ गए बच्चू, बिना मुंह उठाये हमेशा की तरह पंडित जी बोले।
मैं उनके पास रखी कुर्सी पर बैठ गया।
और बताओ, सब कुशल हे ..क्या समाचार लाये हो…?
समाचार हमने क्या लाना था, वो तो सब आपको ही मालूम है, हम तो बस यूँ ही कई दिनों से आपसे मिलने
को मन कर रहा था, सोचा आज आपसे चर्चा हो जाये .. और आ गए।
अच्छा जी पंडित जी एनडीए का तो आपको पता ही है, अबकी बार वो प्रचंड बहुमत से जीतकर फिर से सत्ता में आने में कामयाब हो गई। और उधर कांग्रेस में सब ठीक नहीं चल रहा है। राहुल ने अपनी पार्टी की अध्यक्षता से इस्तीफा दे दिया है। अब सभी पार्टी के लोग उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए मना रहे हैं।
सुन बच्चू, इस्तीफा उन्होंने कौन सा कहीं बाहर दे दिया है, अपने घर में ही तो दिया है… ये पार्टी उनकी अपने घर की बपौती ही तो है। जब चाहेंगे मान जायेंगे। हाँ रही बात सब उन्हें मनाने में लग इसीलिए गए हैं कि आप इस्तीफा वापस ले लो।
सुन बच्चू ये तो कोंग्रेसियों की मजबूरी है, एक इसी परिवार के नाम पर ही तो कांग्रेस जीवित है, नहीं तो कब की खत्म हो जाती।
पंडित जी मैं कुछ समझा नहीं… बीच में पंडित जी को रोकते हुए मैं बोला
इसमें न समझने वाली क्या बात है, कांग्रेस में सारे ही पीएम पद के दावेदार जो हैं, कोई किसी से कम नहीं है, सारे अपनी – अपनी ताल नहीं ठोंक देंगे .. ? तो समझो कांग्रेस पार्टी खत्म।
लेकिन पंडित जी एक बात राहुल ने और कही है अपनी पार्टी की मीटिंग में, कि उन पर उनकी पार्टी के ही कुछ लोगों ने दबाव डालकर अपने परिवार यानी कि अपने बच्चों के लिए टिकट ले लिए। और चुनावों में उन्हीं के लिए प्रचार, रैलियां करते रहे। और पार्टी का खाता भी नहीं खुला। ये शायद राहुल ने राजस्थान के अशोक गहलोत और कमलनाथ के बारे में बोलै है। अशोक गहलोत ने तो अपने बेटे वैभव के समर्थन में ९३ रैलियां तक कर डाली, इसके बावजूद उनके लड़के को हार का मुंह देखना पड़ा। राहुल खुद अमेठी से हार गए।
अबे सुन बच्चू राहुल ने उनको अपनों के लिए टिकट मांगने पर उन्हें देना ही था, जो ब्यक्ति खुद परिवार की पार्टी का मुखिया हो वो दूसरे को कैसे परिवारवाद का हवाला देकर टिकट देने से मना कर देता। हाँ रही अब उनको बोलने की बात, पार्टी की हार के बाद हार का ठीकरा किसी पर तो फोड़ना ही था।
लेकिन पंडित जी अब राहुल ने ये भी एलान कर दिया है, कि किसी भी न्यूज़ चैनल पर कांग्रेस का कोई बंदा डिबेट में हिस्सा लेने नहीं जायेगा …
हिस्सा न लेने के अलावा कांग्रेस के चारा भी क्या था, उन्हें अच्छी तरह पता है कि न्यूज़ चैनल वालों के पास उनकी हार के बारे में जो भी सवाल पूछे जायेंगे उनके पास बगलें झाँकने के असावा कुछ नहीं बन पायेगा। ऐसे में अपनी इज्जत
उतरवाने से तो अच्छा है की वहां न ही जाओ।
पंडित जी चंद्रबाबू नायडू चुनावों के रिजल्ट से पहले इवीएम को निशाना लगाते हुए सबको इकठ्ठा करके चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट जाते रहे, और वापस अपने प्रदेश चले गए…
अबे बच्चू वापस जाने के अलावा उनके सामने चारा भी क्या बचा था, उधर उनके आंध्र में उनकी खुद की जमीन जगनरेड्डी ने जो खींच ली।
अच्छा पंडित जी उधर वेस्ट बंगाल में भाजपा ने १८ सीटें जीतकर ममता दीदी की नींद हराम कर दी है। लगता है वो बोखला गई
है, अब वो जहां से भी गुजरती है, वहां के लोग ‘ जय श्री राम ‘ के नारे लगाने लगते हैं, दीदी अपनी गाड़ी से आग बबूला होकर
गुस्से में पुलिस वालों से उनको जेल तक में डलवा रही है, ये तो सरासर गलत है।
सुन बच्चू अब कहावत है, खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे, ऐसे में अब दीदी करे तो क्या करे।
अच्छा पंडित जी इधर बिहार के सुशासन बाबू नितीश कुमार शपथ ग्रहण से ठीक पहले एनडीए में अपनी पार्टी को मन मुताबिक प्रतिनिधित्व न मिलने से नाराज हो गए हैं ..
नाराज तो होना ही था बच्चू, जब भाजपा अपने दम पर ३०३ सीटें जीतकर सत्ता में आ गई, तो वो अपने हिसाब से तो मंत्रियों के
कोटे अलॉट करेंगे। ऐसे में नितीश कुमार को समय की नजाकत समझ लेनी चहिये। ये बोलते ही पडित जी ने अपनी घड़ी की और नजर दौड़ाई। ऐसे में मैंने भी निकलने में भलाई समझते हुए पंडित जी से विदा ली।

टैलेंट को समझकर बच्चे को दें प्रोत्साहन…


ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों के टैलेंट को जाने-परखे बिना उन पर दूसरों का अनुकरण करने यानी भेड़चाल चलने का दबाव बनाते हैं। यदि पैरेंट्स डॉ, लॉयर, इंजीनियर, या अभिनेता इत्यादि हैं, तो अपने बच्चे को अपने पेशे से जोड़ना पसंद करते हैं, या उस पर प्रेशर बनाकर इसे थोपने का प्रयास करते हैं। ये
सरासर गलत है।

जी हाँ इससे बचना बहुत जरूरी है जानें क्यों-
दोपहर बाद करीब चार बजे का समय रहा होगा। मेरे साथ-साथ सभी सहयोगी अपने काम में तल्लीन थे। तभी दरवाजा खुला और मुस्कराते हुए प्रवीण जी ने कमरे में प्रवेश किया। उनके हाथ में मिठाई का डिब्बा था। मुस्कराते हुए ही उन्होंने सभी को सुनाते हुए मुझ से कहा, सर चमत्कार हो गया। जिस बच्चे को मेरे साथ-साथ हर कोई नकारा बता और समझ रहा था, उसने हाईस्कूल की परीक्षा 75 फीसदी अंकों से पास कर ली है। मुझे अभी भी विश्वास तो नहीं हो रहा है, पर यह सोलह आने सच है। इसीलिए मैं आप सभी का मुंह मीठा कराने आया हूं। इसके बाद उन्होंने वहां उपस्थित सभी लोगों को अपने बड़े बेटे की कारस्तानी और कहानी बतानी शुरू की। कैसे कुछ महीने पहले तक वह कितनी शैतानी करता था, और यहां तक कि स्कूल वाले भी उससे बुरी तरह परेशान थे। बच्चों को स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करने पर स्कॉलरशिप के रूप में प्रोत्साहन मिलता है, लेकिन मेरे बेटे के लिए स्कूल वालों ने यहां तक कह दिया था कि इसे घर ले जाइए और इसे ले जाने के लिए हमसे पैसे ले जाइए। वह समय हमारे लिए बेहद अपमानजनक था।
प्रवीण जी ने बताया कि उस घटना से हम बहुत आहत थे। हमें कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था। यहां तक कि मेरी पत्नी बीमार रहने लगी थीं। उसी दौरान उन्होंने मुझ से अपनी समस्या बताकर मिलने और बेटे को मिलाने की इच्छा प्रकट की। एक दिन शाम को वे उसे लेकर मेरे पास आ गए। मैंने उनके बेटे के

सामने ही प्रवीण जी से उसकी अच्छाइयों और खराबियों के बारे में बताने को कहा। उन्होंने उसकी स्कूल से लेकर घर और आस-पड़ोस तक से आने वाली शैतानियों की शिकायतों के बारे में बताया। फिर मैंने उन्हीं से उसकी अच्छाइयां या उसकी काबिलियत के बारे में भी बताने को कहा। उन्होंने बताया कि यह स्कूल में ड्रम बहुत अच्छा बजाता है। जुगाड़ टेक्नोलॉजी से कुछ न कुछ बनाता रहता है, पर ज्यादातर नुकसान पहुंचाने वाली चीजें। इसके बाद मैंने उनके सामने ही बेटे से बात करनी शुरू की। उसने कहा कि मुझे घर में कोई कुछ समझता ही नहीं। यहां तक कि छोटा भाई भी। सब उसी की तरफदारी करते रहते हैं। सभी मुझे ही बोलते-डांटते रहते हैं।
मैंने प्रवीण को समझाया कि आप इसकी जिस विंध्वासात्मक शैतानियों के बारे में बात कर रहे हैं, उसे आप सकारात्मक मोड़ देने का प्रयास करें। इसकी अच्छाइयों को समझें, सराहें और इसे उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। तब मैंने उनके बेटे को भी प्रेम से समझाया कि देखो, माता-पिता और भाई सभी को तुम से लगाव है। तुमको भी जरूर होगा। तुम अपने सोचने का तरीका बदल दो। अगर छोटा भाई तुम्हें परेशान करता है, तो तुम अपना बड़प्पन दिखाओ। शांत रहो। अगर अपनी पहचान बनाना और सबकी तारीफ चाहते हो, तो अपने टैलेंट को अच्छे और अपनी रुचि के कामों में लगाओ। इसके बाद वे दोनों चले गए, लेकिन प्रवीण जी के बेटे के मन में मेरी बातें घर कर गई थीं। कुछ दिन बाद ही प्रवीण जी ने बताया था कि आपने ऐसा क्या कर दिया। बेटे में तो काफी परिवर्तन दिखने लगा है, और वह अब पढ़ने में भी रुचि लेने लगा है।
न कोसें, न दुत्कारें :
दरअसल, ऐसी स्थिति तमाम माता-पिता की होती है। वे अपने बच्चों को चाहते तो हैं, लेकिन उनके द्वारा अपनी बातें अनसुनी करने या परीक्षाओं में अच्छा परिणाम न देने पर उन्हें लगता है, कि दूसरों की तुलना में उनका बच्चा बजाय आगे बढ़ने के पीछे ही रह रहा है। हालांकि वे ऐसा दूसरों से तुलना करते हुए बताते हैं। यहां ध्यान देने वाली बात है, कि जरूरी नहीं आप सफल अभिनेता, डॉक्टर, इं जीनियर, स्पोर्ट्समैन या कोई भी हो, तो ये जरूरी नहीं कि आपका बच्चा भी आपके पेशे में सफलता प्राप्त करेगा।
शैतानियों को दें सकारात्मक मोड़ :
अगर आपको भी लगता है कि आपका बच्चा बहुत शैतान है। उसका पढ़ने में मन नहीं लगता। तो जरा ठहरें। अगर आपने अपने बच्चे को सही दिशा में आगे बढ़ते हुए देखना और खुश होना चाहते हैं, तो सबसे पहले उसके अंदर छिपे टैलेंट को
समझना होगा। ये एक सच्ची कहानी है। हमारे समाज में ऐसे कई लोग मिल जायेंगे, जो अपने पेशे में ऊंचाइयां छू रहे होते हैं। और वो अपने बच्चे को अपने पेशे में लाने का भरसक प्रयत्न भी करते हैं, लेकिन बच्चा उस पेशे में सफल नहीं हो पाता। अतः ऐसे में पैरेंट्स को चहिये कि वे अपने बच्चे के टेलेंट को समझें, यानी उसकी रूचि किसमें हैं, ये समझने का प्रयास करते हुए बच्चे को उसी में
आगे बढ़ने को प्रेरित करते हुए उसको साधन मुहैया कराएं। उसके बाद आप देखेंगे आपका बच्चा उसमें न केवल सफल होगा बल्कि बुलंदी भी छुएगा।

स्वस्थ, सुन्दर व आकर्षक नाख़ून


स्वस्थ और सुन्दर नाख़ून हमारे आकर्षक ब्यक्तित्व के लिए एक अहम स्थान रखते हैं। यदि ये सुन्दर और स्वस्थ होंगे तो ब्यक्तित्व में चार चाँद लगा देंगे। और यदि हमारे नाख़ून स्वस्थ और सुन्दर नहीं दिखेंगे तो ये हमारे ब्यक्तित्व

में कहीं कमी कर देंगे। यदि हम अपनी दिनचर्या में सुधार कर लें तो अपने नाखूनों को स्वस्थ, सुन्दर बना सकते हैं।
आइये जानते हैं हम जानते हैं इनको कैसे स्वस्थ और सुन्दर बना सकते हैं :
१.. कई बार काम की ब्यस्तता के कारण हम नाखूनों की तरफ ध्यान नहीं दे पाते, जिस वजह से नाखुनो में मैल जमा हो जाता है। इससे कीटाणुओं और बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल जाता है। और वे नाखूनों की क्षति का कारण बनते हैं। आपको प्रजनन करने से पहले उन्हें रोकना होगा। इसीलिए अपने नाखूनों को

साफ और सूखा रखकर स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। अपने नाखूनों को अधिक समय तक पानी से बाहर न रखें क्योंकि यह उन्हें बहुत जल्दी विभाजित करने की अनुमति देता है।

इसके अलावा होने वाले संभावित नुकसान को रोकने के लिए उचित गुणवत्ता वाले दस्ताने पहनने चहिये। वॉशिंग डिटर्जेंट कैमिकल्स द्धारा बनाए जाते हैं, जो आपके नाखूनों और उनके चारों ओर की त्वचा को काफी हद तक नष्ट कर सकते हैं।

२.. मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें :
अपने नाखूनों को प्रभावी बनाने व उचित देखभाल के लिए दिनचर्या में शामिल करने के लिए, उच्च गुणवत्ता वाले मॉइस्चराइज़र लाएं।
आमतौर पर सौंदर्य विशेषज्ञ आपके नाखूनों और क्यूटिकल्स को 24/7 नमीयुक्त रखने की सलाह देते हैं। सूखापन और परतदारपन खतरनाक है क्योंकि आपके नाखून संवेदनशील हैं, और टूटने का खतरा रहता है। इसीलिए अपने नाखूनों को मॉइस्चराइज करना उन्हें स्वस्थ बना देगा, सूखापन को रोक देगा। मॉइस्चराइजिंग क्रीम के अलावा, आप बाजार पर छल्ली तेलों की एक विस्तृत श्रृंखला पा सकते हैं। ये तेल विशेष रूप से आपके नाखूनों की मजबूती और चमक बनाए रखने के लिए बनाए जाते हैं।
३.. अपने नाखूनों को बार-बार ट्रिम करें :
आपको बार-बार नेल ट्रिमिंग का विकल्प चुनना होगा। यह सलाह दी जाती है कि हर तीसरे हफ्ते अपने नाखूनों की स्थिति की निगरानी करें और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें एक अच्छा ट्रिम दें। सौंदर्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि लंबे नाखूनों के टूटने का खतरा होता है। यही कारण है कि आपको अपने नाखूनों को कठोर लंबाई तक बढ़ने से बचना चाहिए।
४.. नेल पोलिश स्क्रैपिंग बंद करनी होगी :
नेल पॉलिश रिमूवर का उपयोग करने के बजाय नाखूनों से नेल पॉलिश को हटाना ठीक नहीं है। आपको इसे करने से बचने की आवश्यकता है, क्योंकि यह आपके नाखूनों की सतह को खुरदरा बना देता है। जब आप नाखून का रंग बंद कर देते हैं, तो आपके नाखून की ऊपरी परत इसके साथ बंद हो जाती है। इसके अलावा, सौंदर्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि इसे लंबे समय तक बनाए रखने के लिए आप अपने नेल पॉलिश की कोटिंग करें।
५.. अपने नाखूनों को काटने से बचें :
कुछ लोगों को अपने नाखूनों को बेवजह काटने की आदत होती है, लेकिन यह उनके नाखून को खत्म कर सकता है। जब आपका नाखून लार का सामना करता है, तो यह आपके नाखूनों को आपके क्यूटिकल्स को प्रभावित करता है। स्वस्थ नाखूनों को बनाए रखने के लिए, आपको इस आदत को तुरंत छोड़ देना चाहिए।
६.. क्यूटिकल्स की देखभाल करें :
आपके शरीर के अन्य भागों की तरह, क्यूटिकल्स पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। यह मत भूलो कि वे नाजुक हैं और नुकसान की संभावना है। इसके अलावा, एक नाखून की देखभाल के लिए अपनी दिनचर्या में मुख्य रूप से क्यूटिकल्स के लिए बने उत्पाद शामिल होने चाहिए। खाड़ी में सूखापन रखने के लिए आपको दैनिक रूप से अपने क्यूटिकल्स की मालिश करने की
आवश्यकता है। मालिश के लिए सबसे अच्छा समय अन्य काम खत्म करने के बाद बिस्तर पर जाने से पहले है।

७.. बेस कोट के लिए जाएं :
सौंदर्य विशेषज्ञ नाखूनों पर बेस कोट लगाने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह नाखून के धब्बे और मलिनकिरण को कम करने वाली एक सुरक्षात्मक परत विकसित करता है। विभिन्न कारक इन दागों और मलिनकिरण में योगदान करते हैं जैसे
कि खराब गुणवत्ता वाले नाखून रंगों का उपयोग करना, कैमिकल्स भरे उत्पादों के लिए ओवरएक्सपोजर, या धूम्रपान जो आपके नाखूनों को अस्वच्छ और अनाकर्षक दिखता है। इस प्रकार, बेस कोट को दैनिक आधार पर लागू करें और
स्वस्थ नाखूनों को बनाए रखें।
८..ऐक्रेलिक और जेल के लिए मत जाओ :
आप नाखून कला के लिए पसंद कर सकते हैं। उत्तरार्द्ध सुंदर दिखता है, लेकिन दुर्भाग्य से, जेल और ऐक्रेलिक नाखून-अनुकूल नहीं हैं। जब अक्सर उपयोग किया जाता है, तो दोनों उत्पाद आपके संवेदनशील नाखूनों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा, ऐक्रेलिक पाउडर कठोर रसायनों के साथ बनाया जाता है जो आपके नाखूनों को काफी हद तक साफ करते हैं। नाखून कलाकार अक्सर नाखून के रंगों को तेजी से सुखाने के लिए जेल का उपयोग करते हैं। हालांकि, सूखने का तंत्र छल्ली और त्वचा के लिए समान है।
९..बफ ओवर कलर :
यह स्पष्ट है कि नाखून के रंग कैमिकल्स से बने होते हैं, जो नुकसानदायक होते हैं, भले ही आप इसमें इस्तेमाल किए गए न्यूनतम रसायनों के साथ प्राकृतिक खरीद लें। सेलेब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट नेल कलर्स के ऊपर बफिंग करने की सलाह देते हैं। बफ़िंग आपके नाखूनों को एक चमक देने में मदद करता है, न कि स्वस्थ नाखूनों का उल्लेख करने के लिए जो विशिष्ट रंगों के साथ लेपित होते हैं। साथ ही, बफरिंग से आपका समय भी बचेगा, जो आप आमतौर पर पर्याप्त रूप से किए गए मैनीक्योर में निवेश करते हैं।
१०.. फिंगर मसाज ट्राई करें :
सेलिब्रिटी मेकअप कलाकारों ने खुलासा किया कि आपको उंगली की मालिश के लिए जाना चाहिए। यह आपके नाखूनों को मजबूत और चमकदार बनाए रखेगा। पूरे दिन नॉन-स्टॉप काम करने के बाद आपके हाथ और उंगलियां थक जाती हैं, और आपको रात को सोने से पहले उन्हें तेज मालिश करना चाहिए।
आप इसे नियमित क्रीम या छल्ली तेल के साथ कर सकते हैं। धीरे से कुछ सेकंड के लिए परिपत्र गति में उत्पाद के साथ अपने नाखून के आसपास की त्वचा की मालिश करें। इसके अलावा, नियमित मालिश तेजी से रक्त की आपूर्ति को बढ़ावा देती है जो बढ़ते नाखूनों के लिए भी आवश्यक है।
११..अधिकतम पोषण प्राप्त करें :
एक अच्छी तरह से संतुलित आहार आपकी अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान है। आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि कमजोर और खुरदरे नाखूनों को ठीक करना विटामिन और खनिजों में प्रचुर मात्रा में आहार के माध्यम से संभव है। विभिन्न अध्ययनों ने निष्कर्ष निकाला है कि भंगुर नाखून कैल्शियम की कमी का परिणाम हैं।
इसलिए, आपको यह देखने की ज़रूरत है कि आप क्या खा रहे हैं और तदनुसार बदलाव करें। आपके दैनिक आहार को अधिकतम पोषण मूल्य के साथ भोजन के विकल्पों पर आधारित होना चाहिए। जब आप डेयरी उत्पाद, मुर्गी पालन, प्रोटीन, बादाम, बीज शामिल करेंगे, और आपके नाखूनों को पोषण मिलेगा। कोशिश करें बाजार के फास्टफूड, जंक फ़ूड, डीप फ्राई चीजों के अनावश्यक सेवन से बचना
चहिये।
१२.. ठंडा, गुनगुना पानी :
आप समय रहते अपने नाखूनों को दो बर्तन में एक में ठंडा, दूसरे में गुनगुना पानी में थोड़ा गुलाब जल डाल लें, बारी-बारी दोनों में
५,५ मिनट के अंतर् में डुबोकर लगभग ५ बार करें, इससे नाख़ून मजबूत होने में मदद मिलेगी।

इस तरह आप देखेंगे कि आपके द्धारा नियमित तौर-तरीके आजमाने के बाद आपके नाख़ून स्वस्थ और सुन्दर के अलावा आकर्षक दिखने लगेंगे।