वृहस्पति का स्वराशि प्रवेश …!


वृहस्पति का स्वराशि प्रवेश ...!

ग्रहों के देव वृहस्पति 09 नवम्बर को अपनी धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। विभिन्न राशियों पर इसके प्रभाव क्या होंगे ? जानते हैं ..
ज्योतिष शास्त्र में वृहस्पति को शुभ ग्रहों में माना गया है। यदि जन्म कुंडली में वृहस्पति शुभ भावों का स्वामी होने पर यदि बलवान भी हो तो इसकी दशा में जातक को धन, अधिकार, सम्पत्ति, पुत्र तथा अनेक सुखों की प्राप्ति होती है। यदि जन्म कुंडली में यह अशुभ स्वामी हो तो ये और अशुभ ग्रहों की तरह ही अशुभ फलों को देगा, लेकिन इसकी मात्रा अशुभ ग्रहों जैसे कि राहु, केतु और शनि के द्वारा दी जाने वाली अशुभ फलों की मात्रा के सामान घातक नहीं होगी।

ग्रहों के देव वृहस्पति 09 नवंबर 2019 को 02 : 52 बजे प्रवेश करेंगे।

मेष राशि

मेष राशि 
राशि

इस राशि के जातकों के लिए वृहस्पति नवम भाग्य और द्वादेश का स्वामी है। आपके प्रभाव में वृद्धि होने के अलावा भाग्य की वृद्धि होगी। रुके कार्य सम्पन्न होंगे। सामाजिक लोगों में मान- सम्मान में वृद्धि होगी। हालाँकि वृहस्पति के साथ इस राशि में पहले से शनि और केतु की उपस्थिति बनी हुई है। पिता से सहयोग मिलेगा। आपकी धार्मिक वृति बनेगी। बुद्धि, विद्या की बढ़ोतरी और शिक्षा में सफलता मिलेगी। संतान की तरफ से संतुष्टि मिलेगी। आपके लिए उचित होगा पुखराज सोने की अंगूठी में कनिष्का ऊँगली में धारण करें। बुजुर्गों, ब्राह्मणों की सेवा और आशीर्वाद लें। दूध में हल्दी
डालकर सेवन करें।

वृष राशि

वृष राशि 
राशि

इस राशि के जातकों के लिए वृहस्पति अष्टम और एकादश भाव का स्वामी होकर अपने भाव अष्टम में स्थिति के कारण आपको धन और आय में कुछ विलम्ब, परिवार में सामंजस्य की कमी हो सकती है। हालाँकि कुछ परिस्थिति में आय की प्राप्ति निरंतर होगी। कोई अंदरूनी शरीर में रोग होने से परेशानी हो सकती है। यदि जॉब की तलाश में हैं तो उसमें अड़चन आने से विलम्ब होगा। जॉब में कार्यस्थल पर सहकर्मी से विवाद की स्थिति में धैर्य और शांति से काम लें। सम्पत्ति सुख में कमी हो सकती है। खर्चों की अधिकता बन सकती है। विपरीत स्थिति में वृहस्पतिवार को केले के पेड़ के नीचे बेसन के लड्डू, चने की दाल चढ़ाएं। परिवार में पिता और ब्राह्मणों का आशीर्वाद लें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि 
राशि

इस राशि के जातकों के लिए वृहस्पति सप्तम और दशम भाव का स्वामी है। सप्तम में अपनी राशि में वृहस्पति की उपस्थिति
से कारोबार में कुछ अड़चनों के बावजूद वृद्धि होगी। अचानक धन की प्राप्ति होगी। पार्टनरशिप मे कुछ समस्या हो सकती है। मित्रों से सहयोग मिलेगा। बड़े भाइयों में लगाव होगा। अविवाहित होने की स्थिति में विवाह योग्य साथी की तलाश पूरी हो सकती है। सामाजिक मेल मिलाप से फायदा होगा। छोटे भाई बहनों से सहयोग मिलेगा। पत्नी से विशेष सहयोग मिलेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि 
राशि

इस राशि के जातकों के लिए वृहस्पति सष्ठम और नवम भाग्य भाव का स्वामी है। परिवार में सामंजस्य बनेगा। अचानक धन की प्राप्ति होगी। कार्य स्थल से आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के प्रयास में सफलता मिलेगी। जॉब की तलाश करने वालों के लिए जॉब मिलने से खुशखबरी मिलेगी। विदेश संबंधित कार्यों से आय की प्राप्ति होगी। कार्य स्थल पर योजना समय पर पूरी होगी। बुजुर्गों से सहयोग मिलेगा। परिवार में पिता से सहयोग मिलेगा। विपरीत स्थिति में गाय को बुधवार को हरा चारा खिलाएं। पिता से आशीर्वाद लें।

सिंह राशि

सिंह राशि 
राशि

इस राशि वाले जातक के लिए वृहस्पति पंचम और अष्टम भाव का स्वामी है। अस्टम अशुभ भाव है. लेकिन पंचम त्रिकोण भाव उतना ही शुभ है। वृहस्पति पंचम भाव में अपनी ही राशि में स्थित होने से लाभ में बढ़ोतरी, बुद्धि और विद्या को देने वाला होगा। संतान पक्ष से संतुष्टि मिलेगी। स्टूडेंट्स अपनी शिक्षा में सफलता प्राप्त करेंगे। धार्मिक वृति बनेगी। पिता से सहयोग मिलेगा। पिता का स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला होगा। जॉब की प्राप्ति होगी। प्रेम में अड़चन रुकेगी। अविवाहित होने की सूरत में विवाह हो सकता है। इस राशि वालों के लिए उचित होगा वो माणिक्य अनामिका ऊँगली में धारण करें। साथ में पुखराज कनिष्क ऊँगली में सोने की रिंग में धारण करें। शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
पिता और ब्राह्मणों से आशीर्वाद लें।

कन्या राशि

कन्या राशि 
राशि

इस राशि के जातक वालों के लिए वृहस्पति चतुर्थ और सप्तम भाव का स्वामी होकर चतुर्थ भाव में स्थिति होगा। सम्पत्ति, और
कारोबार में वृद्धि, जॉब में सहयोग मिलेगा। पिछले पुण्य कर्मों के शुभ फलों की प्राप्ति होगी। विदेश संबंधित कार्यों से आर्थिक लाभ होगा। बिजनेस में कार्य क्षेत्र में आपकी रुकी कार्य योजना पूरी होगी। पार्टनरशिप में लाभ होगा। पत्नी से विशेष सहयोग और संबंध मधुर होंगे। अविवाहित होने की सूरत में विवाह की संभावना बन सकती है।

तुला राशि

तुला राशि 
राशि

इस राशि वालों के लिए वृहस्पति तृतीय और षष्टम भाव का स्वामी है। ये दोनों ही भाव अशुभ माने गए हैं। लेकिन वृहस्पति की तृतीय भाव में स्वराशि में स्थिति से पराक्रम में वृद्धि, छोटे भाई बहनों से कुछ विवाद की संभावना बनेगी। कारोबार में वृद्धि, पार्टनरशिप में सफलता मिलेगी। जॉब में सहकर्मी आपसे सहयोग करेंगे। लेकिन कुछ छोटी- मोटी बाधाएं आने से परेशान हो सकते हैं। मित्रों के साथ घूमना फिरना हो सकता है। उनसे सहयोग प्राप्त होगा। विपरीत स्थिति में गुरुवार को केले के पेड़ की नीचे चने की दाल, केले चढ़ाएं, और उसकी पूजा करें। गुरुवार को बेसन के लड्डू का प्रसाद वितरित करें। पीले रंग के वस्त्रों को न पहनें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि 
राशि

इस राशि वालों के लिए वृहस्पति द्वितीय और पंचम भाव का स्वामी होकर अपने धन स्थान में स्थिति होने से परिवार में सामंजस्य और सौहार्द में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ की प्राप्ति सुगमता से होगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। स्टूडेंट्स पढ़ाई में रूचि लेने वाले होंगे। आप शत्रुओं से कोई भी काम निकालने में महारत हासिल करेंगे। पिछले पुण्य कर्मों की प्राप्ति होगी। अपने कार्य क्षेत्र में कार्य स्थल पर आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के प्रयास सफल होंगे। परिवार में पिता से सहयोग मिलेगा। आपके लिए आज जरूरी है, किसी व्यक्ति से विवाद की स्थिति में वाणी पर लगाम जरूर लगाएं। आपके कटु शब्द आपको हानि पहुंचा सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि
 राशि

इस राशि में वृहस्पति लग्न और चतुर्थ भाव का स्वामी होकर लग्न यानि प्रथम भाव में स्थित होने से आपमें आत्मविश्वाश में बढ़ोतरी होगी। स्वास्थ्य और धन लाभ के मामले में आप भाग्यशाली होंगे। कार्य क्षेत्र में आपकी योजना समय पर पूरी होगी। सम्पत्ति सुख में वृद्धि होगी। संतान पक्ष से संतुष्टि मिलेगी। स्टूडेंट्स शिक्षा में रूचि लेंगे। आपको पार्टनर से कोई समस्या हो सकती है। परिवार में पिता से सहयोग मिलेगा। परिवार में जीवनसाथी से किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति में धैर्य से काम लें।

मकर राशि

मकर राशि 
राशि

इस राशि वालों के लिए वृहस्पति तृतीय और द्वादश भाव का स्वामी है। और दोनों ही भाव अशुभ हैं। लेकिन वृहस्पति द्वादश भाव में स्वराशि में स्थिति में अशुभ भाव में कमी करेगा। आपको विदेश यात्रा करने का मौका मिलेगा। ये भी सम्भव है आप विदेश में कुछ समय रुकें। सम्पत्ति सुख में कमी महसूस करेंगे। आप अपने विरोधियों पर विजय प्राप्त करने में सफल होंगे। जीवनसाथी से सहयोग और मधुरता बनेगी।

कुम्भ राशि

 कुम्भ राशि 
राशि

इस राशि में वृहस्पति द्वितीय और एकादश भाव का स्वामी है। दोनों ही भाव जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी धन और आय से संबंध रखते हैं। जातक की आय में बढ़ोतरी सुगमता से होगी। बड़े भाइयों और मित्रों से सहयोग मिलेगा। राशि के जातक अपने ज्ञान कौशल से कारोबार या जॉब में प्रगति करेंगे। शिक्षा में कुछ समस्या के बावजूद सफलता प्राप्त करेंगे। संतान पक्ष से संतुष्टि मिलेगी। यदि विवाह योग्य हैं तो आपका साथी आपसे अमीर घराने से संबंधित होगा। सामाजिक मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

मीन राशि

इस राशि के लिए वृहस्पति लग्न और दशम भाव का स्वामी होने से दशम भाव में स्वराशि में स्थित है। पिता की और से कोई समस्या होगी। लेकिन सम्पत्ति सुख में बढ़ोतरी होगी। कार्य क्षेत्र में आय के नए स्रोत बनाने के प्रयास सफल होंगे। परिवार में सामंजस्य बनेगा। कोई शुभ समारोह में शामिल होंगे। जॉब में सहकर्मी आपसे कुछ समस्या के बावजूद सहयोग करेंगे।

आपके लिए उचित होगा आप सोने की रिंग में पुखराज धारण करें।

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