एग्जाम में पाएं अच्छे मार्क्स। जानते हैं कुछ ऐस्ट्रो टिप्स ….


‘ ज्योतिषाचार्य सी वर्मा ‘

आइए जानते हैं कुछ ऐस्ट्रो टिप्स ….

पढ़ाई में कड़ी मेहनत के साथ – साथ ‘ एस्ट्रो उपाय ‘

प्राचीन काल से ही विद्या प्राप्त करने व उसमें अच्छे मार्क्स से परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए माता -पिता बच्चों के लिये जागरूक रहे हैं। और वे उनके लिए जरूरी उपाय भी करवाते रहे हैं। आज हम आपको कुछ आम एस्ट्रो उपाय बच्चों को परीक्षा में मेहनत के साथ – साथ करने के लिए बता रहे हैं। इन्हें करने से लाभ मिलने में कोई संदेह नहीं है,
बशर्ते बच्चे पढ़ाई में मन लगाकर मेहनत कर रहे हों। यहां इस बात को समझना जरूरी है, कई बार बच्चों को मेहनत के मुताबिक मार्क्स नहीं मिल पाते। या एग्जाम में पढ़कर तो गए थे, पेपर में प्रश्नों के उत्तर तो आते थे, लेकिन पेपर में आंसर देते समय याद नहीं रहंते। जब पेपर देकर बाहर आते हैं तो उन्हें महसूस होता है, इस प्रश्न के आंसर तो याद थे, लेकिन …।
अब क्या किया जाये। यहां कुछ ऐसे आम एस्ट्रो टिप्स दे रहे हैं, जिनसे पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी।

( प्रत्येक जातक की जन्म कुंडली में शुभ – अशुभ ग्रह अलग -अलग होते हैं। उनके अनुसार उपाय करने से विशेष फल प्राप्त होता है।)

तुलसी के पत्तों को मिश्री के साथ पीसकर प्रतिदिन उसका रस पीने से याददाश्त बढ़ती है।
पुष्य नक्षत्र में ‘योगेश्वर श्रीकृष्ण प्रसन्नो भव:’ मंत्र को सुनहरी कैप वाले लाल रंग, लाल स्याही के पेन से 31 बार लिखें, 108 बार जाप करके अपने साथ ले जाएँ।
इमली के पत्तों को पुष्य नक्षत्र के दिन अपनी बुक में रखें।
एक्जाम हॉल में जाने से पहले ‘गुरु ग्रह गए पढ़न रघुराई। अल्पकाल विद्या सब आई।’ चौपाई का 108 बार जाप करने से सफलता मिलती है।
‘ऊँ ह्रीं अर्हंणमो क्रुद्ध बुद्धिणं’ या ‘वद्‍ वद्‍ वागवादिनी नम:’ मंत्र का 108 बार लगातार 14 दिन तक जाप करें तथा सरस्वती का ध्यान कर उन्हें पीले फूल व पीले वस्त्र चढ़ाएँ… सफलता निश्चित मिलती है। यह कार्य वसंत‍ पंचमी से प्रारंभ करें या किसी शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से प्रारंभ करें।
पढ़ाई में याददाश्त बढ़ाने के लिए शंख पुष्पी का सेवन करें।
बुध ग्रह जो बुद्धि का कारक ग्रह है, जन्म कुंडली में इसकी स्थिति के अनुसार यदि उपाय किया जाये, तो निश्चित कारगर होगा।
ऐसे में बुध का उपाय करेने में सावधानी बरतनी जरूरी है।
ठीक इसी तरह चद्र्मा मन, मस्तिष्क का कारक ग्रह है। यदि कुंडली में चन्द्रमा शुभ व उच्च का होकर कुंडली में स्थित हो तो पढ़ाई में याददाश्त बढ़ेगी। मस्तिष्क यानी दिमाग मजबूत होगा। यदि कमजोर अवस्था में उपस्थित है, तो उसे उपाय द्वारा फलदायी बनाया जाये।
सुबह उठकर माता- पिता को प्रणाम करें। घर में बुजुर्गों से आशीर्वाद लें।
अतः इसी प्रकार ज्ञान के अधिपति ग्रह वृहस्पति और इसके अतिरिक्त ग्रहों की उपस्थिति भी जन्म कुंडली में देखनी चहिये।

जन्म कुंडली की राशि के अनुसार ग्रहों के उपाय करने से अच्छे फल प्राप्त किये जा सकते हैं।

अपनी कुंडली से संबंधित समस्या के लिए सम्पर्क कर सकते हैं (9115677164)

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