Astrology (ज्योतिष चर्चा)


भाइयों और बहनों
पिछली बार मैंने पंचांग से संबंधित तिथियों के बारे में बताया था। जैसा कि पहले भी बताया

गया था, हर माह में दो पक्ष होते हैं। आज उससे आगे शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की चर्चा करते हैं।
शुक्ल पक्ष : इस पक्ष में जन्म लेने वाला जातक पूर्ण चन्द्रमा के समान शोभा वाला, धनी, बुद्धिमान, उद्योगी, शास्त्रों का ज्ञान रखने वाला या उसमें विश्वास करने वाला, ज्ञानी तथा हर कार्य में में निपुण होता है।

कृष्ण पक्ष : इस पक्ष में जन्म लेने वाला जातक निंदक, निर्मोही, निष्ठुर, दुराचारी, बुद्धिहीन,स्त्री का विरोधी, बड़े परिवार वाला व दूसरों की मदद से जीवनयापन करने वाला होता है।
विभिन्न तिथियों में जन्म – फल निम्न प्रकार है।
प्रतिपदा तिथि में जन्म लेने वाला जातक उत्तम विद्या वाला, उच्च स्तर का रहन – सहन, परिवार एवं संतान द्वारा सुखी, वाहन सुख, धन – सम्पति सुख तथा अपने परिश्रम से सफलता प्राप्त करने वाला होता है।
दिव्तीय तिथि में जन्म लेने वाला जातक बुद्धिमान, गुणवान, उद्यमी, उत्तम बुद्धिवाला, दयावान, धनी, जीवन में सुखी, सफलता पाने वाला व सुखी होता है।
तृतीय तिथि में जन्म लेने वाला जातक यात्रा प्रिय, सरकार से लाभ प्राप्त करने वाला, अहंकारी, परोपकार करने वाला, बुद्धिवान होता है।
चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला जातक धनी, पंडित, संतान युक्त, चंचल स्वभाव वाला, मित्रों से प्रेम करने वाला, भोगी व तर्क – वितर्क में निपुण होता है।
पंचमी में जन्म वाला जातक दानी, परोपकारी, मात्र – पितृ भक्त, भोगी, ब्यवहार कुशल व गुणी होता है।
षष्ठी तिथि में जन्म वाला जातक धनी, संतान युक्त, देश – विदेश में यात्रा करने वाला, झगड़ालू, उदर रोगी व संघर्ष युक्त होता है।
सप्तमी तिथि में जन्म वाला जातक धनी, संतान युक्त, भाग्यशाली, अल्प सुख से संतुष्ट व वाहन युक्त होता है। अष्टमी में जन्म वाला जातक भाग्यवान, दयावान, गुणी, सत्यप्रिय, संतान युक्त, धन सम्पत्ति युक्त एवं सर्वकार्य निपुण होता है।
नवमी तिथि में जन्म वाला जातक परोपकारी, शास्त्ररत, स्त्रीप्रेमी, पुत्रवान एवं देवताओं का भक्त होता है।
दशमी तिथि में जन्म वाला जातक तेजस्वी, नम्र ब्यवहार युक्त, सुखी सम्पन्न, उदार चित्त, देश भक्त, धर्म -अधर्म का ज्ञान रखने वाला व शुभ कर्म करने वाला होता है।
एकादशी में जन्म वाला जातक भाग्यशाली, धनी, पवित्र, राजमान्य व बुद्धिमान होता है।
द्वादशी तिथि में जन्म वाला जातक परिश्रमी, देश – प्रदेश में यात्रा करने वाला, ब्यवहार- कुशल, अस्थिर बुद्धि व चंचल होता है।
त्रयोदशी तिथि में जन्म वाला जातक पंडित, शास्त्ररत, परोपकारी, कर्मठ, उद्योगपति, दयालू व जितेन्द्रिय होता है।
चतुर्दशी में जन्म वाला जातक यशस्वी, राजमान्य, धनी, धर्मात्मा, अपने वचन को मानने वाला व वीर होता है।
पूर्णिमा ( पूर्णमासी )को जन्म वाला जातक बुद्धिमान, सुख सम्पत्ति युक्त, कल्पना युक्त, परस्त्री में रूचि वाला, भोजन प्रिय, नवीन योजनाएं बनाने में निपुण होता है।
अमावश्या में जन्म वाला जातक कुटिल, दुर्बल शरीर, क्रोधी, पराक्रमी, संघर्षशील, षड्यंत्रकारी, गुप्तविचार-युक्त व द्वेषी होता हे।
क्षय तिथि में जन्म वाला जातक कुटिल, संघर्षशील, अल्पधनी व ब्यर्थ भर्मणकारी होता है।
शेष कल ….।

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