बॉलीवुड स्टार्स के अफेयर्स के चर्चे …


यूँ बॉलीवुड के एक्टर एक्ट्रेस के अफेयर्स, ब्रेकअप व शादी के चर्चे मीडिया में हमेशा से चर्चा का विषय रहें हैं, फेहरिस्त लम्बी है, कुछ बॉलीवुड स्टार्स के अफेयर्स के चर्चे …

दूसरी सीरीज —

गुरुदत्त :
वक़्त ने किया, क्या हसीन सितम, तुम ही ना तुम, हम ना रहे …

कभी भी गुरु दत्त को यह नहीं पता था, कि उनकी फिल्म का यही गीत उनकी असफल प्रेम कहानी और उनके जीवन की कड़वी सच्चाई को याद करने वाला नगमा बन जाएगा।
बॉलीवुड में सबसे अच्छे ब्यक्तित्व के स्वामी व प्रतिभा के धनी गुरुदत्त और गीता दत्त की

प्रेम कहानी दो प्रेमियों की सबसे दुखद और असामयिक मृत्यु एक प्रेम कहानी का अंत करती है।
भारतीय फिल्म उद्योग के सुनहरे दौर में, गुरुदत्त एक स्टार के रूप में उभरे। इस महान कलाकार ने अपनी प्रतिभा के दम पर प्रसिद्धि के शिखर को छुआ। उनके स्टारडम के समय में उनके फैन्स की संख्या अनगिनत थी। अपनी फिल्मों में स्क्रीन के पर्दे पर जटिल भावनाओं को अभिव्यक्त करने में उनका कोई सानी नहीं था। गुरुदत्त को पूरी दुनिया का प्यार मिला, लेकिन उसका प्यार नहीं मिला, जिसे वो दिल से चाहते थे। गुरुदत्त ने हिट

गुरुदत्त, गीता दत्त

फ़िल्ल्में इंडस्ट्री को दीं, जो अविस्मरणीय क्लासिक्स बन गईं। जिनमें से कुछ कागज़ के फूल, साहिब, बीवी और गुलाम और प्यासा शामिल थी। उस दौर की सबसे खूबसूरत, लोकप्रिय और बहुमुखी गायिकाओं में से एक, गीता रॉय, फिल्म बाजी की शूटिंग के दौरान गुरुदत्त से मिली जिसका निर्देशन गुरुदत्त कर रहे थे। गीता रॉय, फिल्म के निर्देशक, गुरुदत्त और संगीत निर्देशक, एसडी बर्मन ने ‘तकदीर से बिगड़ी हुई तक़दीर’ गीत रिकॉर्ड कर रही थीं। उन दिनों वह अपने हंसमुख व्यक्तित्व और मधुर आवाज से धूम मचा रही थी, उनकी मधुर सुरीली आवाज की प्रशंसकों में लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी गायिकाऐं भी शामिल थीं। गीता भी गुरुदत्त के निर्देशन और प्रतिभा की प्रशंसक थी। गुरुदत्त और गीता रॉय एक दूसरे को प्यार करने लगे। उस घटना के बारे में बात करते हुए, ललिता लाजमी
(गुरुदत्त की बहन) ने एक बार कहा था, कि अक्सर गुरुदत्त, गीता की तारीफों के पुल उनके

गीता दत्त

सामने बांधा करते थे। कैसे वो मधुर आवाज और सुंदरता की संगम थी। मैं तो बस उनके ऊपर मरा जा रहा हूँ। ऐसे ही लगभग तीन साल तक दोनों एक दूसरे के प्यार में मगन रहे। लेकिन गीता का परिवार कमाई के मामले में गीता के ऊपर निर्भर था। वह किसी भी हालत में गीता को खोना नहीं चाहते थे। लेकिन गुरुदत्त और गीता ने इसकी परवाह नहीं की।और 26 मई, 1953 को एक सादे समारोह में शादी के बंधन में बंध गए। शादी के बाद इनके तीन बच्चे हुए, तरुण दत्त, अरुण दत्त और नीना दत्त। गुरु दत्त और गीता दत्त दोनों एक दूसरे के प्यार में रमे थे। गीता दत्त के भाई मुकुल रॉय भी एक संगीतकार थे। उन्होंने गुरुदत्त की फ़िल्में

गुरुदत्त, वहीदा रहमान

बाजी, आर-पार, मिस्टर एंड मिसेज 55, सीआईडी, प्यासा और कागज़ के फूल, साहिब बीबी और गुलाम और बहारें फिर भी आएँगी, में बेहतरीन व सुपर हिट गाने दिए। इसके बाद गीता दत्त अपना ज्यादा समय परिवार को देने लगी। उधर गुरुदत्त भी अपने काम में ब्यस्त रहने लगे। और अपने परिवार के लिए समय नहीं दे पा रहे थे। 1950 तक गुरु दत्त के अभिनेत्री वहीदा रहमान के साथ रोमांस करने की खबरें आना शुरू हो गईं, जिसने गीता और उनके बच्चों को गुरुदत्त से दूर कर दिया। उनकी आर्थिक स्थिति धीरे – धीरे कमजोर होने लगी थी। और उन्हें अपना बंगला खाली करना पड़ा। जबकि गुरुदत्त किराए के फ्लैट में शिफ्ट हो गए, गीता अपने बच्चों के साथ अपने माता-पिता के यहाँ चली गई। अब इनमें जल्दी ही अहं की लड़ाई और भावना को चोट पहुंचने जैसे कई मुद्दे उठने
लगे। गीता दत्त अब ज्यादा ही परेशान रहने लगी थी। दोनों महान कलाकारों का 11 साल का विवाहित जीवन विवाह दांव पर था।
उधर गुरुदत्त भी अपने परिवार के टूटने और आर्थिक संकट से जूझने की वजह से तनाव में रहने लगे। नींद की गोलियां खाने लगे। गुरुदत्त अपने गम को भुलाने के लिए शराब का सहारा लेने लगे। आखिर 10 अक्टूबर 1964 को मात्र 39 वर्ष की उम्र में गुरुदत्त बॉम्बे के पेडर रोड में अपने किराये के अपार्टमेंट में बिस्तर पर मृत पाए गए। उनके बारे में बताया
गया कि उन्होंने नींद की गोलियों की ओवरडोज़ ली थी। इस तरह इस महान कलाकार के

के जीवन – प्रेम का अंत हो गया।

शत्रुघ्न सिन्हा :
बॉलीवुड में विलेन से हीरो बने शत्रुघ्न सिन्हा के साथ महज १९ वर्षीय रीना रॉय ने कालीचरण जैसी हिट मूवी दी। ये शत्रुघ्न सिन्हा की हीरो के रोल में पहली मूवी थी। जो उनके कॅरियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इसके बाद इस जोड़ी की विश्वनाथ हिट मूवी आयी। बस फिर क्या था, शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय की सफल जोड़ी ने कई हिट फ़िल्में दी। इनके

प्यार के चर्चे मीडिया में सुर्ख़ियों में आये। हालाँकि जहां रीना रॉय अभी महज १९ वर्ष की थी, और शत्रुघ्न सिन्हा उनसे ११ वर्ष बड़े थे। इस खूबसूरत अदाकारा को उन दिनों हर फिल्म

निर्माता अपनी फिल्म में लेना चाहता था। रीना रॉय ने 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया। रीना रॉय की माँ दोनों के अफेयर्स को लेकर नाखुश थी। और उन्होंने रीना रॉय को अपनी नाराजगी को लेकर सचेत भी किया। उधर शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम की पहली मुलाकात फ्लाइट में हुई। शत्रुघ्न सिन्हा पूनम सिन्हा को दिल दे बैठे। वर्ष 1981 में उसके बाद अचानक मीडिया में खबर आयी, शत्रुघ्न सिन्हा पूनम से वैवाहिक बंधन में बंधे। इस खबर ने रीना रॉय सहित सभी को हैरान कर दिया था। हालाँकि उन दिनों दोनों ही उस समय अपने कॅरियर के चरम पर थे।
इसके बाद रीना रॉय ने अपने पुराने प्रेमी पाकिस्तान के प्रसिद्ध क्रिकेटर क्रिकेटर से शादी की। इनकी एक लड़की जिसका नाम ‘जन्नत’ हुई। हालाँकि मोहिसन के साथ रीना की वैवाहिक जिंदगी ज्यादा सफल नहीं हो पायी।आपसी मनमुटाव की वजह से रीना रॉय वापस
इंडिया आ गयी।

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