बरसात में गाड़ी निकालें, लेकिन जरा संभल के ….


मानसून ने लगभग कई राज्यों में दस्तक दे दी है, बरसात के मौसम में हमें कई जरूरी कामों के लिए बरसात से बचने के लिए गाड़ी लेकर जानी मजबूरी हो जाती

है। ऐसे में कुछ सावधानी यदि बरती जाये, तो होने वाले नुकसान से बच सकते हैं।
आइये जानते हैं हमें क्या सावधानी बरतनी जरूरी है :
बरसात के मौसम में हमें अपने अलावा अपनी गाड़ी की भी विशेष देखभाल करनी जरूरी होती है। बरसात में जगह – जगह कीचड़, पानी और गंदगी गाड़ी को डैमेज तो करती ही है, कई बार हमें गाड़ी लेकर ज्यादा पानी में होकर जाना होता है, ऐसे में हमें सावधानीपूर्वक गाड़ी चलानी चहिये, ऐसे में गाड़ी के बंद होने का डर भी रहता है। अतः हमें पहले ही अपनी गाड़ी की सर्विस, आदि करा कर उसे पूरी तरह फिट करवा लेनी चहिये। क्योंकि गाड़ी को सुरक्षित चलाने के लिए फिट

रहना जरूरी है। यदि संभव हो तो ऐसी जगह जहां पानी ज्यादा हो, जाने से बचना चहिये। हाँ यदि कोई दूसरा रास्ता न हो तो तो फिर कार (गाड़ी) को धीमी गति से निकालें। तेज ड्राइव करने पर जो पानी उड़ता है, वह कार के इंजन और अन्य इलेक्ट्रिकल पार्ट्स में जाकर उन्हें डेमेज कर सकता है। इसके अलावा अगर किसी कारणवश कार बीच पानी में ही बंद हो जाए तो उसे ज्यादा स्टार्ट करने की कोशिश ना करें। गाड़ी को धक्का लगाकर बाहर सुरक्षित जगह खड़ी करें और वर्कशॉप से मदद लें। गाड़ी के सभी इंडिकेटर्स का ध्यान रखें। गाड़ी की पार्किंग
लाइट चला कर रखें, इससे पीछे आने वाली गाड़ियों को परेशानी का सामना न करना पड़ें। कार में बैटरी से लेकर ऑयल तक के लिए डैशबोर्ड या इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में इंडिकेटिंग लाइट्स होती हैं। किसी सिस्टम के ठीक तरीके से काम ना करने पर यह जल जाती है। इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यदि
ऑइल प्रेशर ठीक ना होने पर ऑयल की लाइट जले तो गाड़ी को चलाना नहीं चाहिए, बल्कि दूसरे वाहन की मदद से उसे वर्कशॉप तक पहुंचाएं। बैटरी या दूसरा कोई इंडिकेशन मिलने पर भी यही करें। बारिश में जब भी पानी में गाड़ी रोकें तो हल्का एक्सीलेटर लिए रहें। इससे साइलेंसर में पानी या मॉश्चर नहीं जाएगा।
इसके अलावा ये भी जरूरी है :
बारिश के मौसम में वाइपर की बहुत जरूरत होती है। इस मौसम में कार निकालने के पहले वाइपर की रबड़ चैक करनी जरूरी है। गाड़ी की पार्किंग लाइट, हैड लाइट, इंडीकेटर चालू हालत में रखें। इसके अलावा स्टेपनी को दुरूस्त
रखें, ताकि बारिश में कार पंचर होने पर मदद मिलने में मुश्किल ना हो। कीचड़ को कार में लगा ना रहने दें। इसके मॉश्चर से कार के इलेक्ट्रिक पार्ट्स को नुकसान हो सकता है। कार पर एंटी रस्ट कोटिंग भी करा सकते हैं। इसके अलावा हमेशा अपने मोबाइल में वर्कशॉप का नंबर जरूर सेव करके रखें। सभी कंपनियां ऑन साइट असिस्टेंस की सुविधा उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा गीले पैर के साथ कार ड्राइव ना करें। पैडल से पैर स्लिप हो सकता है।
यदि आप उपरोक्त जरूरी सावधानी बरतेंगे, तो बरसात में होने वाली परेशानियों से बचे रह सकते हैं।

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