शख्सियत


१७ वीं लोकसभा का गठन हो गया है। और हमेशा की तरह इस बार भी अपने फैसलों से सबको चौंकाने वाले पीएम मोदी ने श्री ओम बिड़ला को स्पीकर की

सीट के लिए चुना है। वैसे पिछली लोकसभा में भी मोदी ने सुमित्रा महाजन को स्पीकर बना कर चौंका दिया था। चूँकि सुमित्रा महाजन इस बार चुनाव नहीं लड़ी थी।

और तो और श्री ओम बिड़ला लगातार दूसरी बार निर्विरोध लोकसभा के स्पीकर चुने गए हैं। इससे पहले पिछली लोकसभा में श्रीमती सुमित्रा महाजन भी निर्विरोध स्पीकर के लिए चुनी गयी थी।

आइये जानते हैं लोकसभा के नए स्पीकर श्री ओम बिड़ला का चयन क्यों हुआ।    

ओम बिड़ला ने 2003 में कोटा साउथ विधानसभा से पहला चुनाव लड़ा, और कांग्रेस के कद्दावर नेता शांति धारीवाल को हराया था। वैसे ओम बिड़ला के नाम पर कई लोगों ने आश्चर्य जताया है। आमतौर पर सदन से सबसे सीनियर सदस्य को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है, जैसे कि पिछली बार 8 बार की सांसद रहीं सुमित्रा महाजन को स्पीकर बनाया गया था।

ओम बिड़ला सन 2014 और 2019 में जीतकर संसद पहुंचे हैं। इससे पहले वे तीन बार विधायक रहे।

श्री बिड़ला के सियासी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें –

सन 4 दिसम्बर 1962 को जन्मे ओम बिड़ला ने 17 साल की उम्र से राजनीति में कदम रख लिया था। उन्होंने 2003 में कोटा साउथ विधानसभा से पहला चुनाव लड़ा और कांग्रेस के कद्दावर नेता शांति धारीवाल को हराया था। इसके बाद 2008 और 2013 में विधानसभा चुनाव जीते। लोकसभा चुनाव लड़ने का पहला मौका 2014 में मिला। तब उन्होंने कांग्रेस के इज्याराज सिंह को 2 लाख से अधिक वोटों  के अंतर  से हराया। 2019 में भी पार्टी ने भरोसा जताया और कांग्रेस के रामनारायण मीणा को हराकर संसद पहुंचे।

ओम बिड़ला के परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां  हैं। खुद पोस्ट ग्रेज्युएट ओम बिड़ला की पत्नी डॉ. अमिता बिड़ला हैं। ओम बिड़ला की पहचान राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले नेता शुरू से ही रही है। उन्होंने राजनीति में रहते  कई ऐसे काम किए हैं, जिन्हें क्षेत्र के लोग याद करते हैं। उन्होंने गरीब, वृ्द्ध, ​​विकलांग और असहाय महिलाओं की मदद करने का कोई मौका  नहीं छोड़ा। विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से क्षेत्र के विकलांग, कैंसर रोगियों और थैलेसेमिया रोगियों की मदद की। विकलांगों को मुफ्त साइकिलें, व्हीलचेयर और कान की मशीन बंटवाई। बढ़ते प्रदूषण की जांच और हरियाली में कमी के लिए कोटा में लगभग एक लाख पेड़ लगाने के लिए उन्होंने एक प्रमुख ग्रीन कोटा वन अभियान लांच किया था।

ओम बिड़ला राजस्थान का बड़ा वैश्य चेहरा हैं। वे एक बार संसदीय सचिव भी रह चुके हैं। साफ सुथरी छवि वाले बिड़ला को पूर्व में भाजयुमो में लंबे समय तक काम करने का अनुभव है।

इन्हीं सब कारणों से श्री बिड़ला को १७ वीं लोकसभा के स्पीकर के लिए चुना गया।

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