रोजमर्रा की कुछ किचन की बातें…


कई बार हमारे कितना भी प्रयास करने के बाद भी किचन में रोजमर्रा की जरूरी चीजें जैसे कि मसाले, ग्रेवी आदि में डालने वाली सामग्री यदि एन मौके पर समाप्त हो जाती हैं, तो कोफ़्त होना लाजिमी है, अगर मेहमानों के लिए कुछ बन रहा हो तो, फिर तो क्या कहने, ऐसे में थोड़ी समझदारी से काम लिया जाये, और दूसरे ऑप्शन के बारे में बारे में सोचकर काम किया जाये, तो हो सकता है, कि आप किसी तरह की शर्मिंदगी व परेशानी से न केवल बच सकती हैं, बल्कि

जो भी आप बना रही हैं, उसका स्वाद भी वही बरकरार रखने में कामयाब हो सकती हैं।

आइये कुछ जरूरी टिप्स पर ध्यान देते हैं।

१.. मगज : खरबूजे, तरबूज, कद्दू और खीरे के बीजों को चार मगज कहते हैं। इनका इस्तेमाल आमतौर पर ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा मिठाई, हलवे आदि ब्यंजनों में भी स्वाद बढ़ाने में इनका इस्तेमाल किया जाता है। यदि ये समय पर उपलब्ध नहीं है, तो इनकी जगह पीनट यानी की मूंगफली के बीजों को इस्तेमाल कर सकती हैं। साथ ही मीठे ब्यंजनों में भी

मूंगफली के बीजों को छोटे टुकड़ों में उपयोग कर सकते हैं। आपके स्वाद में कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।

२.. इमली : खट्टी मीठी चटनी, भिंडी, कद्दू की शब्जी, सांभर आदि में इमली का प्रयोग कर सकती हैं, यदि इमली नहीं है, तो अमचूर को उसकी जगह इस्तेमाल कर सकती हैं। आपके स्वाद में भी कोई फर्क नहीं महसूस होगा। हाँ यदि आप ३० ग्राम इमली प्रयोग कर रहे हैं, उसकी जगह ५० ग्राम अमचूर इस्तेमाल करें।

३.. टमाटर : कुछ शब्जियों में ग्रेवी बनाने में टमाटर प्यूरी  डाली जाती है। यदि ये किचन में मौजूद नहीं है, तो टमाटर की जगह कद्दू की प्यूरी डाल सकती हैं। हाँ यहां ध्यान रहे यदि १ किलो टमाटर की प्यूरी चहिये, तो उसकी जगह ५०० ग्राम कद्दू की प्यूरी बहुत है।

४.. काली मिर्च : काली मिर्च न होने पर आप उसकी जगह लोंग का उपयोग कर सकती हैं। एक छोटा चम्मच काली मिर्च की जगह दो छोटे चम्मच लोंग का इस्तेमाल करें। काली मिर्च का वही तीखापन बना रहेगा। स्वाद भी बरकरार रहेगा।

५.. अमचूर : शब्जी में अमचूर डालने के लिए यदि नहीं है, तो इसकी जगह अनारदाने को पीसकर प्रयोग में लाएं। याद रहे यदि आप २० ग्राम अमचूर की जगह ५० ग्राम अनारदाना पाउडर लेना होगा।

मसालों के भी ऑप्शन :

ऐसा अक्सर होता है कि चने या सांभर बनाते समय मसाले किचन में मौजूद नहीं होते। ऐसे में आप सामग्रियों को भुनने के बाद पीसकर तैयार कर सकते हैं।

चना या छोले का मसाला — १० छोटे चम्मच खड़ा धनिया, २ छोटे चम्मच अनारदाना, ३,४ दालचीनी के छोटे टुकड़े, ३ छोटे चम्मच इलायची दाना, १ छोटा चम्मच लोंग, एक छोटा चम्मच काला नमक,पीसकर मिलाएं।

चाट मसाला — इसके लिए १० छोटे चम्मच खड़ा धनिया, ४ छोटे चम्मच जीरा, २ छोटे चम्मच अमचूर, और एक छोटा चम्मच काला नमक पीसें।

सांभर पाउडर — एक छोटा कड़ी पत्ता, ३ छोटे चम्मच खड़ा धनिया, ८ खड़ी लाल मिर्च, २ छोटे चम्मच राई को पीसकर तैयार करें।

३ छोटे चम्मच इलायची दाना, १ छोटा चम्मच लोंग, एक छोटा चम्मच काला नमक,पीसकर मिलाएं। पावभाजी मसाला — १० छोटे चम्मच खड़ा धनिया, ४ छोटे चम्मच जीरा, २ बड़ी इलायची, ५,६ दालचीनी के टुकड़े,

१ छोटा चम्मच अजवाइन, २,३ खड़ी हल्दी, १ छोटा चम्मच सोंठ पाउडर।       

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