नेचुरल गुणकारी शहद….


शहद आपके जीवन में  चीनी का एक अद्भुत विकल्प हो सकता है, जो खाली कैलोरी का सिर्फ एक स्रोत है। प्रकृति द्वारा बनाया गया यह प्यारा घटक न केवल आपके जीवन को मीठा कर सकता है बल्कि यह खनिज, पोषक तत्वों और जीवित एंजाइमों में भी प्रचुर मात्रा में है। यदि आप शहद का उपयोग करने के

लाभों का आनंद लेना चाहते हैं, तो इससे अच्छा विकल्प दूसरा कोई नहीं हो सकता।

शहद का सबसे बड़ा गुण है, कि ये १०० साल तक भी रखा रहे, तो खराब नहीं होता। इसके गुण, क्वालिटी ज्यों की त्यों बरकरार रहती है।

पहले के हकीम, वैद्द अपने मरीजों को दवाई शहद में मिलाकर देते थे। जिससे मरीज स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते थे। आज भी आर्युवेदिक दवाइयां शहद में मिलाकर दी जाती हैं। 

आर्युर्वेद के अनुसार शहद, कई बीमारियों के इलाज में रामबाण की तरह लाभ करता है।

पिछले कुछ सालों से अब लोगों ने इसके निर्माण को मुख्य ब्यवसाय के रूप में न केवल अपनाया, बल्कि अपनी आर्थिक स्थति को भी मजबूत किया। सरकारी संस्थाएं इसके लिए इच्छुक लोगों को ट्रेनिंग के साथ सब्सिडी भी देती है। आइये जानते हैं कि इसमें मौजूद असीमित गुणों के बारे में —

शहद में विटामिन ए बी सी आयरन कैल्शियम और आयोडीन पाया जाता हैं। यह कार्बोहाइड्रेट का भी प्राकृतिक स्रोत है इसलिए इसके सेवन से शरीर में शक्ति स्फूर्ति और ऊर्जा आती है। शहद न केवल खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए बहुत फायदेमंद भी होता है। शहद में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन ए, बी, सी, आयरन, मैगनीशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम आदि गुणकारी तत्व होते हैं। यह कार्बोहाइड्रेट का भी प्राकृतिक स्रोत है, इसलिए इसके सेवन से शरीर में शक्ति, स्फूर्ति और ऊर्जा आती है और यह रोगों से लड़ने के लिए शरीर को शक्ति देता है।

हाल में हुए रिसर्च में कुछ लोगों को एंटी वायरल क्रीम और कुछ लोगों को शहद का प्रयोग करने को दिया गया। नौ दिन तक चले इस रिसर्च में पाया गया कि होठ पर क्रीम की तरह शहद का इस्तेमाल करने वालों को एंटी वायरल क्रीम के मुकाबले काफी ज्यादा फायदा हुआ। इतना ही नहीं शहद का असर, एंटी वायरल क्रीम के मुकाबले काफी ज्यादा समय तक बरकरार रहा।

शहद गाढ़ा द्रव्य होता है तथा गाढ़ेपन का माप इसके बहाव/प्रवाह को दर्शाता है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है। हालांकि, प्रयोग के हिसाब से गर्म करने से शहद का गाढ़ापन कम भी हो जाता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि शहद का गाढ़ापन उसमें मौजूद प्रोटीन की मात्रा पर भी निर्भर करता है। जिस शहद में प्रोटीन की अधिक मात्रा होती है, वह अधिक गाढ़ा होता है।

शहद के फायदे :

प्राचीन काल से ही शहद को एक जीवाणु-रोधी के रूप में जाना जाता रहा है। शहद एक हाइपरस्मॉटिक एजेंट होता है जो घाव से तरल पदार्थ निकाल देता है, और शीघ्र उसकी भरपाई भी करता है, और उस जगह हानिकारक जीवाणु भी मर जाते हैं।

आयुर्वेद में भी ऐसी मान्यता है कि अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले छत्तों के शहद के गुण अलग-अलग होते हैं। जैसे नीम पर लगे छत्ते का शहद, आंखों के लिए, जामुन पर लगा शहद मधुमेह और सहजन पर लगा शहद, हृदयघात तथा रक्तचाप के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा शहद कई बीमारियों को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

जलने पर फायदेमंद :

शहद में एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। इसलिए यह घावों, कटे और जले हुए स्थानों पर तथा खरोंच पर लगाया जाता है। शहद से उपचार करने के बाद जले के निशान भी हट जाते हैं।

मुंह के छाले के लिए उपयोगी :

शहद को पानी में मिलाकर कुल्ले करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। शहद दांत के दर्द को दूर करने में भी मदद करता है। दांत में दर्द होने पर रूई के फाहे को शहद में भिगोकर दर्द वाली जगह पर रखने से कुछ ही देर में दांत दर्द से राहत मिलती है।

आंखों के लिए लाभकारी :

औषधीय गुणों से भरपूर शहद का उपयोग अनेक बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। शहद खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों को भी शहद से दूर किया जा सकता है।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने की लिए :

शहद हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से रक्त शुद्ध होता है और एनीमिया भी दूर हो जाती है। इसमें विटमिन बी और विटमिन सी के साथ एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं, जो हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाने में सहायक होते हैं।

कैंसर का जोखिम कम करें :

शहद में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो ट्यूमर को बनने से रोकते है और कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

नियमित रूप से शहद का सेवन करने से पेट का कैंसर नहीं होता है।

दिल को दे मजबूती :

शहद दिल को मजबूत बनाने के लिए अच्छा होता है। दिल को मजबूत करने, हृदय को सुचारू रूप से कार्य करने और हृदय संबंधी रोगों से बचने के लिए प्रतिदिन एक चम्मच शहद खाना अच्छा रहता है।

त्वचा संबंधी विकार दूर करें :

शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और नमी प्रदान करने वाले गुण दाग-धब्बों को दूर कर त्वचा में नई जान भर देते हैं। चेहरे की खुश्की दूर करने के लिए शहद, मलाई और बेसन का उबटन लगाना चाहिए। इससे चेहरे पर चमक आ जाती है। शहद क्षतिग्रस्त त्वचा का उपचार करने में मददगार होता है। यह एक्जिमा, त्वचा की सूजन और अन्य त्वचा विकारों का भी प्रभावशाली तरीके से उपचार करता है।

कब्ज दूर करें :

यह मिश्रण कब्ज के लिए तत्काल उपाय है। यह आंत को मल त्यागने में मदद करता है। इसके अलावा यह मिश्रण हाजमे को ठीक रखता है।

वजन कम करें :

शहद वजन कम करने में एक अहम भूमिका निभाता है। इससे बिना किसी नुकसान के वजन को आसानी से कम किया जा सकता है।

यह मेटाबोलिज़्म को बढ़ाता है जिससे शरीर की अतिरिक्त वसा नष्ट हो जाती है। इसके लिए बस आपको सुबह खाली पेट नींबू पानी में शहद मिलाकर सेवन करना हैं।

बालों में लाए नई जान :

शहद का इस्तेमाल बालों के लिए भी काफी अच्छा होता है। ऑलिव आयल के साथ शहद मिलाकर बालों में लगाने से बाल लंबे, घने और मुलायम हो जाते। यह बालों के झड़ने की समस्या को भी काफी हद तक रोकता है।

शहद के साथ सबसे बड़ी समस्या इसकी गुणवत्ता है। अच्छा, शुद्ध शहद ढूंढना काफी चुनौती भरा हो सकता है। कई अन्य खाद्य वस्तुओं की तरह, मिलावट आम है। आपको धोखा देना आसान है क्योंकि वाणिज्यिक शहद को अक्सर

ग्लूकोज समाधान, उच्च फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप और अन्य अवयवों के साथ मिलाया जा सकता है जिनके बारे में आप नहीं जानते होंगे। कभी-कभी, जब आप शहद के जार को खोलते हैं और थोड़ी ‘पॉप’ ध्वनि सुनते हैं जो संकेत दे सकता है कि शहद में मिलावट की गई है।

शहद की सबसे अच्छी गुणवत्ता मधुमक्खियों से आती है, न कि कारखानों से और इसलिए, एक अच्छा प्रारंभिक बिंदु घटक घटक लेबल को पढ़ना होगा। ‘कच्चे’, ‘प्राकृतिक’, ‘वन शहद’ या ‘कार्बनिक’ जैसे शब्दों के लिए देखें – वे नियमित शहद से अधिक सुरक्षित हो सकते हैं।

आजकल मार्किट में शहद अलग -अलग ब्रांड्स की पैकिंग में उपलब्ध होने से, तथा इसके निर्माताओं द्धारा अपने शहद को असली बताने की बताने की वजह से भी ये भ्रान्ति मन में घर कर गई है, की कौन सा शहद असली या नकली है। आइये जानते हैं, इसकी पहचान कैसे की जाये।  

नकली या मिलावटी शहद पानी में घुल जाएगा, जबकि शुद्ध शहद जिसकी अधिक घनी बनावट है, वह गिलास के निचले भाग में गांठ बनकर बैठ जाएगा। यही हाल ब्लॉटिंग पेपर या सफेद कपड़े का है। यदि आप दोनों पर शुद्ध शहद डालते हैं, तो यह अवशोषित नहीं होगा या दाग छोड़ देगा।

1. अंगूठा परीक्षण :

अपने अंगूठे पर शहद की एक छोटी मात्रा रखें और जाँच करें कि फैल या किसी अन्य तरल की तरह चारों ओर फैलता है या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो यह शुद्ध नहीं हो सकता है। शुद्ध शहद गाढ़ा होता है जबकि अशुद्ध शहद बहता होगा। शुद्ध शहद उस सतह पर चिपक जाता है जिस पर इसे लगाया जाता है, और टपकता नहीं है। इसके अलावा, अशुद्ध शहद का स्वाद थोड़ा चीनी की उपस्थिति के कारण हो सकता है।

2. पानी द्धारा टैस्ट :

एक चम्मच शहद लें और पानी से भरे गिलास में डालें। नकली या मिलावटी शहद पानी में घुल जाएगा जबकि शुद्ध शहद जिसकी अधिक घनी बनावट है वह गिलास के निचले भाग में गांठ बनकर बैठ जाएगा। यही हाल ब्लॉटिंग पेपर या सफेद कपड़े का है। यदि आप दोनों पर शुद्ध शहद डालते हैं, तो यह अवशोषित नहीं होगा या दाग छोड़ देगा।

3. लौ टेस्ट :

आप यह नहीं जानते होंगे, लेकिन शुद्ध शहद ज्वलनशील होता है। हालाँकि, हम आपसे अनुरोध करेंगे कि इस परीक्षण को करते समय पूरी सावधानी बरतें और इसे अपने जोखिम पर करें। एक सूखी माचिस लें और इसे शहद में डुबोएं। माचिस की डिब्बी के खिलाफ माचिस की तीलियों से वार किया। यदि यह रोशनी करता है, तो आपका शहद शुद्ध है। यदि यह प्रकाश नहीं करता है, तो यह मिलावटी हो सकता है और संदूषण करते समय इसमें कुछ मात्रा में नमी भी हो सकती है।

4. सिरके का प्रयोग करें

 शहद, कुछ पानी और सिरका सार के 2-3 बूंदों को एक साथ मिलाएं। यदि यह मिश्रण जम जाता है, तो बहुत अधिक संभावना है कि आपके शहद में मिलावट हो सकती है।

5. द हीट टेस्ट

यदि आप शुद्ध शहद को गर्म करते हैं, तो यह जल्दी से कारमेल करेगा और झागदार नहीं होगा। लेकिन, अशुद्ध शहद के मामले में यह कारमेलिस नहीं हो सकता है, और गर्म होने पर चुलबुला हो जाता है।

टिप्पणियाँ: शुद्ध और मिलावटी शहद के बीच के बहुत से अंतर को इसके भौतिक गुणों की जांच करके नग्न आंखों से भी पहचाना जा सकता है। शुद्ध शहद घनीभूत होता है, और केवल एक धारा में बह जाता है। इसकी एक नरम बनावट है, कभी परतों में अलग नहीं होगी और एक अलग सुगंध प्रदान करेगी। कच्चा शहद, जो अपने सबसे शुद्ध रूप में शहद होता है, अक्सर सेवन करने पर आपके गले में हल्की झुनझुनी या हल्के जलन महसूस होता है।

इस तरह आप शहद को प्रयोग करने से पहले जाँच करने से असली शहद के गुणों से वंचित नहीं होंगे। 

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