त्वचा को खूबसूरत बनाएं, लेकिन बचना होगा …


क्या हमारी लाइफस्टाइल ठीक है ?  समय से पहले युवा त्वचा झुर्रियों की वजह से बूढ़ी तो नहीं हो रही है ? ये समस्या आज विकराल रूप लेती जा रही है। इस समस्या में मुंहांसे या एक्ने से युवा पीढ़ी जूझ रही है।

त्वचा की प्रॉब्लम होने पर चकते पड़ने लगते हैं। इन सबके पीछे हमारा गलत आहार – विहार (लाइफस्टाइल) एक अहम हिस्सा है। यदि हम अपने आहार विहार यानी खान पान की और ध्यान देना शुरू कर दें, तो ये समस्या

जल्दी ठीक हो सकती है। हमारी त्वचा फिर से युवा दिखने लगेगी।

आइये देखते हैं खान – पान की कुछ जरूरी बातें जिनका त्वचा पर असर पड़ता है

१.. आजकल डीप फ्राई वाली वस्तुएं भटूरे, पूड़ी, कचोरी,समोसे या पकोड़े खाने का शौक या चलन बढ़ता जा रहा है। हमारे शरीर की  एक निश्चित मात्रा में तेल को ऑब्जर्व करने की जरूरत क्षमता होती है, लेकिन यदि इससे ज्यादा हम तेल

हम फ़ूड के जरिये लेते हैं, तो इसका असर शरीर के दूसरे अंगों के साथ ही हमारी त्वचा पर पड़ता हे. .इसी कारण हमारी त्वचा तेलीय हो जाती है, और इसके फलस्वरूप चेहरे पर मुहांसे और झुर्रियां पड़ने लगती है। अतः डीप फ्राई चीजों का सेवन करने से बचना चहिये।

२.. हमारे शरीर को कार्बोहइड्रेट की बहुत जरूरत होती है। लेकिन याद रहे आयुर्वेद के अनुसार अति हर जगह नुक्सानदायक होती है। इसी में एक नुकसान हमारी त्वचा को भी पहुंचता है। जिनमें रिफाइंड आयल, चीनी, चावल, मैदा और पास्ता

जैसी खाने की चीजों में इस तरह के कार्ब्स होते हैं, जिनसे त्वचा को सीधे नुकसान पहुंचता है। इस वजह से त्वचा की चमक खत्म हो जाती है, और मुहांसे जैसी समस्या बढ़ जाती है।

३.. प्रोसेस्ड फ़ूड जिनमें क्रीम बिस्कुट, कूकीज, केक, पफ्स आदि में प्रायः बनस्पति घी या मार्जरीन यानी कृत्रिम मक्खन को इस्तेमाल किया जाता है। नई दोनों चीजों में ट्रांसफैट होने की वजह से न केवल स्ट्रोक और हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त शरीर के हार्मोन्स में भी असंतुलन पैदा हो जाता है। जिसके कारण एक्ने और समय से पहले त्वचा में झुर्रियों के रूप में सामने आता है।

४ .. रेड मीट यानी मटन में सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। कई स्टडीज़ में साबित भी हो चुका  है, सैचुरेटेड फैट दिल के लिए तो घातक होता ही है, बल्कि इससे त्वचा संबंधी कई तरह की समस्याएं उत्पन होती है। कुल फ़ूड इनटेक में रेड मीट की मात्रा दस फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चहिये। इसके अलावा ज्यादा मात्रा में अल्कोहल का सेवन भी त्वचा को हानि पहुंचाता है। जो लोग रेड मीट और अल्कोहल का ज्यादा सेवन करते हैं उन्हें सावधान रहने की अति आवश्यकता हॅ।

५.. पहले  के लोग कहते थे, कि दूध और दही त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें कोई शक नहीं ये फायदेमंद होते भी हैं। बशर्ते ये पूरी तरह से शुद्ध हों। लेकिन आज इसके विपरीत अधिकांश जगहों पर डेयरी पदार्थों का उत्पादन कमर्शियल फार्मिंग के जरिये हो रहा है। जिसमें पशुओं को हार्मोन्स का इंजेक्शन लगाकर दूध  निकला जाता है। और इसका असर दूध का इस्तेमाल वाले पर पड़ना लाजिमी है। इससे शरीर में हॉर्मोनल इम्बैलेंस के रूप में सामने आ सकता है। जिस कारण एक्ने, समय से पहले त्वचा पर झुर्रियां होने की समस्या हो सकती है।        

याद  रहे हमें यदि किसी बीमारी को ठीक करना है, तो उसके मूल यानी जड़ में जाना होगा। और जड़ को अंदर से समाप्त करना  होगा। अपना आहार – विहार हमने सही कर लिया तो त्वचा की बीमारी भी ठीक हो जाएगी। इसके बाद ही  त्वचा  पर मुहांसों को कुछ जरूरी घरेलू इलाज से भी ठीक करने से जल्दी फायदा होगा।

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