सिक्किम … अपनी शीतलता, व सौंदर्यता के लिए मशहूर….


पहली सीरीज १

सिक्किम … अपनी शीतलता, व सौंदर्यता के लिए मशहूर…. 

यदि प्राकृतिक  सौंदर्य के साक्षात् दर्शन करने हों, तो आप गर्मियों की छुटियों में सिक्किम आने का प्लान जरूर बनाएं। यकीन मानिये यदि एक बार आप यहां के स्वर्ग से भी  खूबसूरत प्राकृतिक, रोमांच से भरपूर

‘ कंचनजंघा माउंट ‘

नजारों के एक  बार दर्शन कर लेंगे, तो बार -बार यहां आना चाहेंगे।

जब मैदानी इलाकों में गर्मी  ४५-५०  डिग्री  बरस रही हो, और ठंडी हवाओं के झोंको को महसूस करना हो तो ऐसे में सिक्किम का रुख करें। जब प्रकृति के खूबसूरत नजारों को निहारना हो और जिंदगी भर न भूलने के दृश्यों को यादों में संजोना हो तो सिक्किम चले आएं।  जब हिमालय की गोद में खुद को पाने का सपना पूरा करना हो, बर्फीली चोटियों को सूरज निकलते समय धवल से सुनहरा होते देखना है तो जाएं सिक्किम में। लेकिन जाने से पहले मौसम की जानकारी लेना ना भूलें।  अप्रैल के  महीने में भी यहां  गजब की ठंड पड़ती है।

यहां पर घूमने के लिए आने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून  मिड तक, या अक्टूबर तो दिसंबर मिड तक है। इन दिनों यहां कुदरत के नजारे देखते ही बनते हैं।  सिक्किम में  पर्यटकों की भीड़  लगी ही रहती है।

सिक्किम कैसे पहुँचे :

सिक्किम उत्तर पूर्व भारत के सात राज्यों में से एक है। हिमालय की गोद में बसे इस  राज्य के दूरस्थ स्थानों के  अधिकांश क्षेत्रों  तक  उचित परिवहन  सुविधाएं हैं। जब आप सिक्किम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सड़क मार्ग से सिक्किम पहुँचने के लिए सबसे अच्छा विकल्प उपलब्ध है। आप हवाई यात्रा (उड़ान) और ट्रेन से भी यात्रा कर सकते हैं।

‘ एम जी मार्किट ‘

फ्लाइट द्वारा

गंगटोक (राजधानी) हवाई अड्डा, जिसे पाक्योंग हवाई अड्डे के रूप में जाना जाता है, उड़ान द्वारा सिक्किम की यात्राकरना संभव बनाता है। एयर टर्मिनल से सड़क मार्ग द्वारा शहरों तक पहुँचते हैं। बागडोगरा हवाई अड्डा भारत के प्रमुख

‘ एम जी मार्किट, रात्रि -समय ‘

शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, जो 124 किमी की दूरी पर उत्तर पूर्व भारत में आसान कनेक्टिविटी प्रदान करता है।

एयरलाइन कंपनियां जैसे इंडियन एयरलाइंस, स्पाइस जेट और गो एयर आदि की रेगुलर सर्विस उपलब्ध है।

आप हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठाकर गंगटोक पहुंच सकते हैं, जो मौसम की स्थिति के अधीन है।राष्ट्रीय राजमार्ग 31A सिक्किम में सबसे कार्यात्मक राष्ट्रीय राजमार्ग है। सिक्किम के प्रमुख पड़ोसी शहर दार्जिलिंग, कलिम्पोंग,  न्यू जलपाईगुड़ी, बागडोगरा, आदि हैं। सिक्किम और यहां तक कि उत्तर पूर्व भारत में आरामदायक यात्रा के साथ अपनी छुट्टी  का सबसे अधिक लाभ उठाने के लिए एक निजी टैक्सी किराए पर लें। बागडोगरा से प्राइवेट टैक्सी और जीप  रेगुलर चलती हैं।  आप बागडोगरा से एक टैक्सी, लगभग 4 घंटे की ड्राइव

ड्राइव किराए पर  ले सकते हैं।  सड़क मार्ग से जाते समय रास्ते  में खूबसूत वादियां, सुंदर  छोटे कस्बे नजर आते  हैं।

ट्रेन से

गंगटोक- न्यू जलपाईगुड़ी (188 किमी) और सिलीगुड़ी (145 किमी) के पास प्रमुख रेलवे प्रमुखों द्वारा ट्रेन से सिक्किम की यात्रा संभव है। ये रेलवे स्टेशन भारत के प्रमुख शहरों और कस्बों से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं। लगातार ट्रेनें रेलवे स्टेशनों को जोड़ती हैं।

जानें से पहले कुछ  बातें जाननी जरूरी :

 गरम कपड़े पहन कर निकलें, विशेष रूप से इनर,जैकेट, ओवरकोट,  कैप, मोंकी कैप और दस्ताने।

होटल :

यहां पर हर बजट के  हिसाब से होटल्स मौजूद हैं। जिनमे लग्जरी २,३,५ स्टार होटल्स भीं हैं। इसके अलावा यहां सभी तरह के फ़ूडस  के साथ  खासकर नूडल्स, मोमोस आदि खाने में मिल जाते हैं।

अब जानते हैं, रोमांच और यादगार सफर के लिए सिक्किम  की कौन सी जगहें हैं सबसे सुंदर है।

पर्यटन के लिए सिक्किम के आकर्षक स्थान :

१.  गंगटोक : यहां की राजधानी भी है। बेहद मनमोहक शहर, समुन्द्र तल से इसकी ऊंचाई १८०० मीटर है।

पहाड़ियों की ढलान  पर दोनों तरफ खूबूसरत आकर्षक इमारतें देखते ही बनती हैं। पर दोनों तरफ  खूबूसरत आकर्षक इमारतें  देखते ही बनती हैं। यहां पर पारम्परिक रीति रिवाज और आधुनिक जीवन शैली का

अदभुत संगम  देखने को सहज मिल जायेगा।   गंगटोक का एमजी मार्ग पर्यटकों के लिए खरीदारी और घूमने का केंद्र हैं।  यहां पर आधुनिक  जरूरतमंद चीजें आसानी से मिल जाती हैं।

२.  युक्सोम : यह शहर  सिक्किम की पहली राजधानी भी थी। कहा जाता है, सिक्किम के पहले श्रेष्ठ शासक

‘ युकसोम विलेज ‘

ने १६४१ में तीन  विद्वान् लामाओं से युक्सोम का शुद्धिकरण कराया था। नोर्बुगांगा कोर्टन में इस समारोह के

अवशेष आज भी मौजूद हैं।  दरअसल सिक्किम का इतिहास ही यहां से शुरू होता है। इसी कारण इस स्थान को पवित्र स्थान समझा जाता है।  युक्सोम फेमस माउंट कंचनजंघा की चढ़ाई के लिए बेस कैंप भी है।

‘ युकसोम लेक ‘

३.  सोम्गो लेक : यह झील एक किलोमीटर लम्बी, अंडाकार शेप में है। स्थानीय लोग इसे बेहद पवित्र मानते हैं। मई और  अगस्त  के बीच ह्यां का इलाका बेहद खूबसूरत हो जाता है। इसके अलावा इस झील में दुर्लभ प्रजाति के खूबसूरत फूल देखने  को मिल जायेंगे। इनमें बसंती गुलाब, आइरस और नीले पोस्त  भी शामिल हैं। इस झील में

‘ सोम्गो लेक ‘

जलीय जीव और पक्षियों की कई  प्रजातियॉं देखने को मिल जाती हैं। यह जगह लाल पांडा के लिए भी जानी  जाती है।

सर्दियों में झील का पानी जम जाता है।

Advertisements
%d bloggers like this: