गर्मियों में लू से कैसे बचें …


लू लगने के और भी कारण हैं : जैसे कि गर्मी के मौसम में खुले शरीर, नंगे सिर और  पैरों से धूप में चलना, तेज गर्मी

मई का महीना शुरू हो चुका  है, और सूरज की चिलचिलाती धूप में  अपनी प्रखर किरणों की तीव्रता से पृथ्वी  पर अधिकांश जगहों पर अपनी गर्म हवाओं यानि लू  नमी को पूरी तरह सोख लेता है, और लू में रूखापन होने से मनुष्य के शरीर के भी ताप  में वृद्धि कर  देता है। ऐसे में यदि लू शरीर को लग जाए तो इससे रोग होने की संभावना बढ़ जाना लाजिमी है। जिसमें चक्कर आना, घबराहट, नकसीर- आना, सनबर्न, घमोरिया और उलटी – दस्त आदि रोग हो जाते हैं। इसके अलावा इन रोगों के होने के और भी कारण हैं : जैसे कि गर्मी के मौसम में खुले शरीर, नंगे सिर और  पैरों से धूप में चलना, तेज गर्मी में खाली पेट या प्यासे बाहर जाना, कूलर या AC में से तुरंत निकल कर सीधे धूप में जाना, बाहर धूप से

घर में आकर तुरंत ठंडा पानी पीना, या धूप में से आकर सीधे कूलर, एसी में बैठ जाना, और इसके अतिरिक्त गर्म खाना, तेज मिर्च मसाले, शराब या ज्यादा टाइट सिंथेटिक कपड़ें पहनने से भी गर्मी के रोगों को बढ़ावा मिलता है।

ऐसे में हम इन छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखेंगे तो गर्मियों के रोगों  से ना केवल मुक्ति पा  सकेंगे अपितु गर्मी का भरपूर आनंद ले सकेंगे।

कहते हैं ना, सही आहार विहार से बचाव होता है – अब हम देखते हैं हमें क्या करना होगा —

सूरज की किरणें इन दिनों प्रचंड होती हे, ऐसे में हमारे शरीर में जरूरी तत्व होने जरूरी है अतः गर्मी में मीठा ठंडा पानी ज्यादा मात्रा में पीना जरूरी है।

गर्मी में हमेशा कॉटन और  हल्के रंग के  कपड़े ही पहनें।

घर से बाहर जाते समय शरीर व  चेहरे को कपड़े से ढक कर ही बाहर जाएँ। हो सके तो हाथों में लॉन्ग ग्लव्स का  इस्तेमाल करें।

घर से बाहर जाते समय सिर पर रुमाल, सूती कपड़ा या छाते से  ढंक कर जाएँ, व चेहरे को कपड़े से ढक कर रखें, व पानी जरूर साथ  लेकर जाएँ।

प्याज का सेवन ज्यादा करें, इससे लू से बचाव होता है।

गर्मी में पानी में नीम्बू, काला या सेंधा नमक और थोड़ी गुड़ से बनी शकर डालकर पियें, और पानी में  रूह अफ़ज़ा डाल कर पियें। याद

रहे सफेद चीनी(sugar) सेहत को नुकसान

पहुंचाती है।

गर्मी में बाहर जाने से पहले खाली पेट बिलकुल न जाएँ, जरूरी मात्रा में पानी, नीम्बू पानी, खाना इत्यादि अवश्य खाकर जाएँ।

गर्मी में हल्का सुपाच्य व ताजा बना भोजन खाएं। बासी व भारी खाने से परहेज करें। क्योंकि गर्मी में जठराग्नि मंद रहती है। जिस वजह से खाना पूरी तरह पच नहीं पाता। इसके अलावा जरूरत से कम खाना ही खाएं।

बाहर जाने से पहले सनबर्न क्रीम अपने चेहरे पर लगा लें, इससे चेहरे की स्किन को धूप से नुकसान होने से बचाव होगा। 

गर्मी में दही, दही से बनी लस्सी, , गोंद कतीरा   को शिकंजवी में डालकर पियें।

जों के सत्तू को पानी में डालकर पियें। 

खसखस और मगज की ठंडाई लें।

इसके अतिरिक्त मौसमी फलों का जैसे कि आम, लीची,आदि को खाना ना भूलें।

आम और लीची गर्म होती है, इसीलिये आम को पहले पानी में कुछ देर डालकर ओर फ्रीज़ में ठंडा करके ही लें। इसी तरह लीची को भी ठंडा करके खायें। याद रहे लीची सीमित मात्रा में ही

खानी चाहिए, नहीं तो इससे पेचिश लगने की सम्भावना रहती है।

ऑरेंज, मौसमी का जूस लें।  

यदि आप उपरोक्त छोटी लेकिन महत्वपूर्ण  बातों का ध्यान रखेंगे, तो गर्मी के मौसम का भरपूर आनंद बिना किसी रोग के ले पाएंगे। 

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