कहीं गंजेपन से परेशान तो नहीं…


इसमें कोई दो राय नहीं घने औऱ स्वस्थ बाल ब्यक्ति के व्यक्तित्व मैं चार चांद का काम करते हैं। यदि इसके विपरीत बाल तेजी से झड़ रहे हैं, तो इसका मतलब ये लगा लिया जाए कि  आप गंजेपन की तरफ बढ़ रहें हैं। हाँ यदि समय रहते बालों के झड़ने का कारण मालूम कर लिया जाये, तो इसका इलाज भी तेजी से हो सकेगा…..

अगर आपकी उम्र ३० साल या इससे अधिक की   है, और परिवार में बड़े बुजुर्गों के सिर पर भी बाल बहुत ही कम हैं, या है ही नहीं, तो ये जैनेटिक रोग है। इसे हम पुश्तैनी रोग भी कह सकते हैं। और आगे चलकर आपके बाल भी झड़ते हुए गंजेपन तक आपको ले जा सकते हैं। शुरू  में तो ऊपर के बाल झड़ने लगते हैं,

इसके बाद तेजी से और चारों तरफ के बाल भी झड़ते चले जाते हैं, जो धीरे- धीरे आपको गंजेपन की तरफ ले जाता है। अब ऐसे में क्य इसके इलाज की चिंता हमें करनी चहिये ?  शायद जवाब नहीं में होगा, क्योंकि ये उपरोक्त पुश्तैनी कारणों की वजह से इलाज योग्य नहीं है।  हाँ गंजेपन की ऐसी स्थति में हेयर ट्रांसप्लांट के द्वारा आप बाल उगा सकते हैं। लेकिन ये एक खर्चीला उपाय होता है। और कई केसों में देखा  गया है कि ये सफल नहीं होता।

   यूँ गंजेपन की शुरुआत तभी से स्टार्ट हो जाती है जब रोजाना बालों के झड़ने की संख्या लगभग ८० से १०० से

भी ज्यादा होने लगती है।  वैसे यदि बालों की संख्या ८० से १०० तक भी रहती है, तो डॉक्टर के अनुसार इसे सामान्य बात माना  जाये। क्योंकि उनकी जगह नए उगे बालों से पूर्ति हो जाती है। यदि नए उगने वाले बालों की संख्या झड़ने वाले बालों की संख्या से कम होने लगे तो बालों में घनापन कम होने लगता है। और महिलाओं के सिर पर सामने माथे की तरफ से बाल कम होने लगते हैं, और इसी वजह से उनका माथा देखने में बड़ा नजर आता  है।  अब सोचने वाली बात ये है, यदि आपके परिवार में पुश्तैनी रोग की समस्या नहीं है, फिर भी आपके बाल  तेजी से झड़ रहे हैं, तो इसका

इशारा किसी और गड़बड़ी की और संकेत देता है, और ये गड़बड़ी कहीं और है।  जिसकी वजह से बालों पर इसका सीधा

इफैक्ट पड़ रहा है। अब इस संकेत को पहचान कर आप बालों की समस्या से बाहर निकल सकते हैं। और देखने वाली

बात है, बाल झड़ने की ये समस्या महिलाएं, पुरुषों के अलावा बच्चों में भी होती हैं। लेकिन एक बात गौर करनी जरूरी

है की हर ब्यक्ति में बाल  झड़ने के अलग – अलग कारण हो सकते हैं। सामान्यतया  बाल झड़ने के कारणों में

डर्मेटोलॉजिस्ट, क्लीनिकल एग्जामिनेशन के बाद इन कारणों का पता लगाते हैं। कभी कभार सिर की त्वचा से हेयर फॉलिकल की बायोप्सी या रक्त की जाँच जरूरी हो सकती  है।

अच्छा अब जानते हैं की पुश्तैनी के अलावा बालों के झड़ने के और क्या कारण हो सकते हैं…

एलोपेसिया एरिटा : इस बीमारी के कारण होने वाले गंजेपन में गोल पैच में बाल  झड़ते जाते हैं। इस तरह का गंजापन किसी भी एज में हो सकता है। यह  तब होता है जब शरीर की एंटीबॉडी अपने ही शरीर के बालों के फॉलिकल के खिलाफ

काम करना शरू करना शरू कर देती है। इसे ऑटो इम्यूम कारण कहते हैं। एलोपेसिया एरिटा में स्टेरॉयड के इजेक्शन महीने में एक बार जिस जगह पर बाल नहीं हैं, उस जगह यानि पैच पर लगाए जाते हैं। और कुछ महीनों के बाद उस जगह पर बाल वापस उग आते  हैं। लेकिन कई केसों में देखा गया है, कि इसका असर नहीं भी पड़ता। और ये समस्या यदि बच्चों में है, तो उनको इंजेक्शन की जगह क्रीम ( ऑइंटमेंट ) दिए जाते हैं। इनको कुछ महीनों तक लगानी होती  है।

गलत लाइफस्टाइल : आज के समय के गलत रहन – सहन, फ़ास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड खाने की वजह से बालों के झड़ने की

मेन  वजह है। जिस कारण शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व आयरन, विटामिन डी, जिंक की कमी हो जाती है। क्योंकि इन खानो में ये तत्व नहीं पाए जाते। इसके अलावा बाजार से तरह – तरह के  शैम्पू और आयल भी बालों के झड़ने की

समस्या का एक कारण है। और इसके अलावा आजकल की भाग – दौड़ भरी लाइफ, में भावनात्मक व् शारीरिक तनाव बालों के झड़ने का मुख्य कारण हो सकता है। अतः कोशिश करनी चहिये की जरूरी न्यूट्रिशन, मौसमी फ्रूट्स व् नियमित एकसरसाइज करना व् तनाव से बचने का प्रयास करें। इससे बालों के झड़ने को कंट्रोल करके रोक सकते हैं। और यदि जरूरत पड़े तो सेलेनियम, विटामिन डी, जिंक आदि सप्लीमेंट्स की टेबलेट्स भी दी जाती है। इनके अलग से टॉनिक भी आते हैं।

कुछ विशेष बीमारियां : कई वजह से लम्बे समय तक चलने वाले बुखार, लिवर और किडनी की कुछ बीमारी भी बालों के झड़ने का कारण बन जाती हैं। थायराइड, एनीमिया और महिलाओं में हार्मोन्स का बदलाव होने, बालों के झड़ने का कारण होता है। इसके अलावा एक मानसिक रोग त्रिकोटिलोमनिया जैसी बीमारी में ब्यक्ति अपने ही बालों को नोचने लगता है। और यह समस्या महिलाओं अक्सर होती है। लेकिन इन बिमारियों में उचित इलाज होने से बालों का झड़ना पूरी तरह रुक जाता है। और दोबारा से बाल  उगने लगते हैं।

गलत हैबिट्स : कई बार गलत तरीके से कंघी जैसे कि बालों को खींचकर चोटी करना आदि से भी बाल  झड़ने लगते हैं। कई लोग आयल को ज्यादा गर्म करके, या ज्यादा गर्म पानी से बालों को धोते हैं, इससे हेयर फॉलिकल खराब होते हैं।

कुछ लोग महीन कंघी से बालों को बार – बार जोर से रगड़ते हैं, जिस  वजह से भी बाल कमजोर होकर  झड़ते हैं। बार – बार अपने हेयर स्टाइल को ना बदलें। बालों को धोने के बाद कभी टॉवेल से जोर से ना रगड़ें। सप्ताह में एक बार  बालों में जैतून का तेल व्  निम्बू लगाएं।

फंगस या कुछ और  कारण : फंगल इन्फेक्शन पसीने से होने वाली सेबरेहिक डर्मेटाइस और डैंड्रफ से भी बाल झड़ने लगते हैं। इसके अलावा मिर्गी या   कीमोथेरेपी की ऐसी बहुत सी मेडिसिन आ रही हैं जिनकी वजहसे बाल झड़ने लगते हैं। यदि ब्यक्ति मिर्गी का रोगी है और दवाई लेने से बाल झड़ रहें हैं, तो अपने डॉक्टर से बोले, वो दूसरी दवाई  लिख देगा। आजकल और भी दवाइयां मार्किट में मौजूद हैं।

सही इलाज : अपने बालों को खुश्क न रखें, हमेशा बालों में तेल लगाकर रखें, हो सके तो नारियल का तेल अपनी उँगलियों की पोरों से बालों की जड़ों में हल्की – हल्की मालिश करें,इससे बालों का पोषण होगा।  याद रहे बालों को जोर से रगड़ें नहीं। यदि बालों का झड़ना रोकना चाह रहे हैं, तो अपनी खाने – पीने की डाइट में बदलाव जरूरी है, उसमें जरूरी पोषक तत्व होने जरूरी हैं। ज्यादा पानी से गिला होने से भी बालों को नुकसान होता है।  बाल जब अच्छी तरह से सुख जाएँ, तेल तभी लगाएं।

इस तरह से छोटी – छोटी बातें आपके बालों को अनावश्यक नुकसान होने से बचाने में मददगार सिद्ध होंगी।

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