नकारात्मक माहौल में कामकाजी महिलाएं कैसे अपने को एडजस्ट करें –


ऑफिस हो या  कोई और कार्यस्थल, के स्टाफ के माहौल और लोगों के ब्यवहार को समझना, या अपनी तरक्की की राह बनाना रोज का संघर्ष है। लेकिन यह अपने काम को करते हुए एक बेहतरीन सीख का जरिया भी है, जो आपकी समझ और प्रगति दोनों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

कामकाजी महिलाएं इससे बचने के उपाय समझें –

जॉब करने वाली महिलाएं घर का काम संभालने के साथ-साथ अपना दिन  घर में कम और ऑफिस में में ज्यादा बिताती हैं। जहां  आपकी  लाइफ का कीमती। समय गुजर रहा है, वहां सकारात्मक वातावरण होना भी बहुत जरूरी है।

यदि सहकर्मियों के कारण मन ब्यथित रहे….

ब्यवहार के उतार-चढ़ाव को समझें याद रहे अच्छा व् बुरा दिन किसी का भी हो सकता है, और इसका असर किसी के भी ब्यवहार में दिख सकता है। रोज न सही यदि किसी के ब्यवहार में परिवर्तन देखें तो उसके ब्यवहार को दिल में न लें।

संयम से काम लें

कभी वातावरण में ऐसा शोर जो आपको  न भाए, या ऐसी बातें हो रही हैं जो आपको नापसंद हों, और जिसके कारण  खुद को शांत रख पाना मुश्किल होता है।  वहां आप पूरा ध्यान काम पर लगाएं। यदि हो सके तो सहकर्मियों से आवाज धीमी करने का निवेदन करें।

खुद पर न लें, बात करें

कई बार देखा गया है, कि खुशमिजाज शख्स के ब्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल जाता है, जो कि उनके सामान्य ब्यवहार से पूरी तरह उलट होता। है। हो सकता है वह किसी निजी कारण से परेशान हो।  ऐसे में आपको चहिये खुद को उनके रूखे ब्यवहार की वजह मानने से बेहतर है सीधे बात करके सामने वाले की परेशानी जानें।  इससे सामने वाले को भी अच्छा लगेगा, और माहौल भी सकारात्मक बनेगा।

तुलना से न डरें, प्रयास करें

ज्यादातर नकारात्मक वातावरण का कारण सहकर्मी से तुलना करना भी हो सकता है। कई बार दो सहकर्मियों के  काम को लेकर तुलना की जाती है।  ऐसे में इसके काम को जानने की कोशिश करें। ये भी हो सकता है, कहीं कार्य प्रदर्शन में कहीं आप अपेक्षित नतीजे न दे पा रहे हों। दूसरे सहकर्मी की प्रशंसा क्यों की जा रही है, इसे समझने का प्रयास करें, और बेहतर प्रदर्शन करने की चेष्टा करें। अगर संस्थान आपको बेहतर होने या आगे बढ़ने के चांस दे रहा है, तो इसका उपयोग करें। इस बात का ध्यान रखें आगे बढ़ने के मौके कइयों को तो मिलते ही नहीं हैं। इस बात को समझें।

समय से चलना गलत नहीं

यदि आप समय की नजाकत को समझते हुए, हमेशा समय पर कार्य-स्थल पर पहुंचते हैं, और अपना कार्य समय पर पूरा कर समय पर घर लौटते हैं, तो यहअच्छी बात है, इसमें कोई बुराई नहीं है, बशर्ते आप अपना कार्य भी समय पर पूरा कर रहे हैं।           

काम के प्रति लगाव बनाएं

काम को बेहतर करने के लिए, और अपने क्षेत्र में तरक्की करने का नजरिया रखें। इससे केवल छवि ही नहीं संवरती, अपितु आगे बढ़ने की राह भी बनती है।  यदि तरक्की पसंद नजरिया नहीं होगा, आगे बढ़ने और अपने काम को बेहतर ढंग से करने के लिए आवश्यक जानकारी जुटाना मकसद नहीं होगा, तो निश्चित रूप से ऐसा माहौल बनेगा, जो आपको परेशान करेगा।

अपने आप को प्रूव करें

कार्यक्षेत्र चाहे कोई सा भी हो, इसमें निरंतर दक्षता की और अग्रसर हुए बिना आप अपनी जगह नहीं बना सकतीं। सफल लोगों की कई मिसालें हैं, अपने काम में दिनोदिन तरक्की केवल इसीलिए कर पाए, क्योंकि वो हर काम को हर रोज, हर क्षण बेहतर, और बेहतर करते गए।

याद रहे अपनी तरक्की के लिए प्रयास आपको ही करने होंगे, बहाने नहीं, नतीजे चहिये।   

%d bloggers like this: